छत्तीसगढ़ में जिला गठन का घटनाक्रम
1861 के दो जिलों से 2022 के 33 जिलों तक की पूरी सूची, मुख्यालय, स्थापना तिथि और मातृ जिले के साथ यहाँ दी गई है। जिला-निर्माण से जुड़े प्रश्न (कौन-सा जिला किससे बना, किस वर्ष) हर परीक्षा में आते हैं। गिनती की स्थिति (18, 27, 28, 33 जिले) का आधार सदा वर्ष के साथ याद रखें।
पूर्ण जिला-तालिका
| क्र. | जिला | मुख्यालय | स्थापना | मातृ जिला |
|---|---|---|---|---|
| 1 | रायपुर | रायपुर | 2 नवम्बर 1861 | ब्रिटिश प्रांत था |
| 2 | बिलासपुर | बिलासपुर | 2 नवम्बर 1861 | ब्रिटिश प्रांत था |
| 3 | दुर्ग | दुर्ग | 1 जनवरी 1906 | रायपुर + बिलासपुर के कुछ भाग |
| 4 | रायगढ़ | रायगढ़ | 1 जनवरी 1948 | रियासतें थीं |
| 5 | सरगुजा | अम्बिकापुर | 1 नवम्बर 1948 | रियासतें थीं |
| 6 | बस्तर | जगदलपुर | 1948 | रियासतें थीं |
| 7 | राजनांदगांव | राजनांदगांव | 26 जनवरी 1973 | दुर्ग |
| 8 | कोरिया | बैकुण्ठपुर | 25 मई 1998 | सरगुजा |
| 9 | जशपुर | जशपुरनगर | 25 मई 1998 | रायगढ़ |
| 10 | कोरबा | कोरबा | 25 मई 1998 | बिलासपुर |
| 11 | जाँजगीर-चाँपा | जांजगीर | 25 मई 1998 | बिलासपुर |
| 12 | उत्तर बस्तर कांकेर | कांकेर | 25 मई 1998 | बस्तर |
| 13 | दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा | दंतेवाड़ा | 25 मई 1998 | बस्तर |
| 14 | कबीरधाम | कवर्धा | 6 जुलाई 1998 | बिलासपुर + राजनांदगांव |
| 15 | महासमुंद | महासमुंद | 6 जुलाई 1998 | रायपुर |
| 16 | धमतरी | धमतरी | 6 जुलाई 1998 | रायपुर |
| 17 | नारायणपुर | नारायणपुर | 1 मई 2007 | बस्तर |
| 18 | बीजापुर | बीजापुर | 1 मई 2007 | दंतेवाड़ा |
| 19 | सूरजपुर | सूरजपुर | 1 जनवरी 2012 | सरगुजा |
| 20 | बलरामपुर | बलरामपुर | 1 जनवरी 2012 | सरगुजा |
| 21 | मुंगेली | मुंगेली | 1 जनवरी 2012 | बिलासपुर |
| 22 | बेमेतरा | बेमेतरा | 1 जनवरी 2012 | दुर्ग |
| 23 | बालोद | बालोद | 1 जनवरी 2012 | दुर्ग |
| 24 | बलौदाबाजार-भाटापारा | बलौदाबाजार | 1 जनवरी 2012 | रायपुर |
| 25 | गरियाबंद | गरियाबंद | 1 जनवरी 2012 | रायपुर |
| 26 | कोण्डागांव | कोण्डागांव | 1 जनवरी 2012 | बस्तर |
| 27 | सुकमा | सुकमा | 1 जनवरी 2012 | दंतेवाड़ा |
| 28 | गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही | गौरेला | 10 फरवरी 2020 | बिलासपुर |
| 29 | मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी | मोहला | 2 सितम्बर 2022 | राजनांदगांव |
| 30 | सारंगढ़-बिलाईगढ़ | सारंगढ़ | 3 सितम्बर 2022 | रायगढ़ + बलौदाबाजार |
| 31 | खैरागढ़-छुईखदान-गंडई | खैरागढ़ | 3 सितम्बर 2022 | राजनांदगांव |
| 32 | मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर | मनेन्द्रगढ़ | 9 सितम्बर 2022 | कोरिया |
| 33 | सक्ती | सक्ती | 9 सितम्बर 2022 | जांजगीर-चाँपा |
वर्ष-वार जिले
| वर्ष | संख्या | जिले |
|---|---|---|
| 1861 | 2 | रायपुर, बिलासपुर |
| 1906 | 1 | दुर्ग |
| 1948 | 3 | रायगढ़, सरगुजा, बस्तर |
| 1973 | 1 | राजनांदगांव |
| 1998 | 9 | कोरिया, जशपुर, कोरबा, जांजगीर-चाँपा, कांकेर, दंतेवाड़ा (25 मई); कवर्धा, महासमुंद, धमतरी (6 जुलाई) |
| 2007 | 2 | नारायणपुर, बीजापुर |
| 2012 | 9 | सूरजपुर, बलरामपुर, मुंगेली, बेमेतरा, बालोद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, कोण्डागांव, सुकमा |
| 2020 | 1 | गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही |
| 2022 | 5 | मोहला-मानपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, खैरागढ़, मनेन्द्रगढ़, सक्ती |
चरण-दर-चरण विवरण
1861-1906
1861 में छत्तीसगढ़ में रायपुर और बिलासपुर के साथ संबलपुर (वर्तमान में ओडिशा में) भी था। 1905 में संबलपुर के हट जाने के बाद 1906 में दुर्ग जिला रायपुर से बना (मूल पाठ की तालिका में रायपुर और बिलासपुर के कुछ भाग मातृ जिला दिए हैं)। अभ्यास-प्रश्न के अनुसार 1900 में दुर्ग जिला नहीं था। इसलिए 1906 के बाद संख्या रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग तीन रही।
1948 और 1973
रियासतों के विलय के बाद रायगढ़ (1 जनवरी 1948), सरगुजा (1 नवम्बर 1948, मुख्यालय अम्बिकापुर) और बस्तर (1948, जगदलपुर) जिले बने। राजनांदगांव दुर्ग को बाँटकर 26 जनवरी 1973 को बना। म.प्र. गठन (1956) के समय छत्तीसगढ़ में 6 जिले थे; इसलिए कोरिया उस समय जिला नहीं था। उस समय 2 संभाग थे: रायपुर (1862) और बिलासपुर (1956)।
1998
राज्य गठन के समय 16 जिले थे। 1998 में 9 जिले बने। बस्तर के विभाजन से कांकेर और दंतेवाड़ा बने; कवर्धा (कबीरधाम) के मातृ जिले मूल पाठ में बिलासपुर + राजनांदगांव दिए हैं। राज्य गठन के समय 3 संभाग थे: रायपुर (1862), बिलासपुर (1956), बस्तर (1981)।
2003: नाम परिवर्तन
| पुराना नाम | नया नाम |
|---|---|
| कवर्धा | कबीरधाम |
| कांकेर | उत्तर बस्तर कांकेर |
| दंतेवाड़ा | दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा |
तालिका में जिलों के नाम इन्हीं बदले हुए रूपों में लिखे हैं, जबकि 1998 में गठन के समय वे कवर्धा, कांकेर और दंतेवाड़ा थे।
2007, 2012, 2020, 2022
2007 में नारायणपुर (बस्तर से) और बीजापुर (दंतेवाड़ा से) बने। 2012 में 1 जनवरी को नौ जिले बने; दिसंबर 2011 में जिलों की संख्या 18 थी। 2020 में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 28वाँ जिला बना। सितम्बर 2022 में पाँच जिले बने और संख्या 33 हो गई। मनेन्द्रगढ़ जिला राज्य के उत्तर-पश्चिम में स्थित है (अभ्यास-प्रश्न के अनुसार)।
संभाग-वार जिले (मानचित्र के आधार पर)
| संभाग | जिले |
|---|---|
| सरगुजा | मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, सरगुजा, जशपुर |
| बिलासपुर | गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, कोरबा, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चाँपा, सक्ती, रायगढ़ (मानचित्र में रायगढ़ सरगुजा व बिलासपुर के बीच दर्शित) |
| दुर्ग | कवर्धा, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, दुर्ग, बालोद, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ |
| रायपुर | बलौदाबाजार, रायपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद |
| बस्तर | कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा |
सावधानी: मानचित्र में संभाग-सीमाएँ तीर से दिखाई गई हैं और रायगढ़, सारंगढ़ जैसे जिलों की संभाग-स्थिति स्पष्ट पढ़ने में कठिन है; कुल 5 संभाग की संख्या ही निश्चित है।
तुलना एवं संबंध
| मातृ जिला | उससे बने जिले |
|---|---|
| बस्तर | कांकेर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कोण्डागांव |
| दंतेवाड़ा | बीजापुर, सुकमा |
| सरगुजा | कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर |
| बिलासपुर | कोरबा, जांजगीर-चाँपा, मुंगेली, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही |
| रायपुर | महासमुंद, धमतरी, बलौदाबाजार, गरियाबंद |
| दुर्ग | राजनांदगांव, बेमेतरा, बालोद |
| राजनांदगांव | मोहला-मानपुर, खैरागढ़ |
| कोरिया | मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर |
याद रखने योग्य बिंदु
- 1861 में रायपुर और बिलासपुर की स्थापना 2 नवम्बर को।
- दुर्ग 1 जनवरी 1906 को रायपुर से बना।
- 1948 में रायगढ़, सरगुजा, बस्तर; सरगुजा का मुख्यालय अम्बिकापुर।
- राजनांदगांव 26 जनवरी 1973, मातृ जिला दुर्ग।
- 1998 में 9 नए जिले; 25 मई को 6 और 6 जुलाई को 3।
- राज्य गठन के समय 16 जिले, 3 संभाग (बस्तर संभाग 1981)।
- 2003 में कवर्धा कबीरधाम बना; कांकेर व दंतेवाड़ा के नाम में उत्तर/दक्षिण बस्तर जुड़ा।
- 2007 में नारायणपुर (बस्तर से) और बीजापुर (दंतेवाड़ा से)।
- 1 जनवरी 2012 को 9 जिले; दिसंबर 2011 में 18 जिले।
- गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 28वाँ जिला, 10 फरवरी 2020।
- सितम्बर 2022 में पाँच जिले, कुल 33: 29वाँ मोहला-मानपुर से 33वाँ सक्ती तक।
- सक्ती जांजगीर-चाँपा से बना, 9 सितम्बर 2022।
स्मरण सूत्र
वर्ष-गणना: 2-1-3-1-9-2-9-1-5 (1861, 1906, 1948, 1973, 1998, 2007, 2012, 2020, 2022) जिलों की संख्या है, जिसका कुल 33 है। 2012 के नौ: सू-ब-मुं-बे-बा-ब-ग-को-सु।
स्वयं जाँचें
- प्रश्न: दुर्ग जिला किस वर्ष बना? उत्तर: 1906।
- प्रश्न: राजनांदगांव का मातृ जिला? उत्तर: दुर्ग (1973)।
- प्रश्न: बीजापुर किस जिले से बना? उत्तर: दंतेवाड़ा (1 मई 2007)।
- प्रश्न: 1998 में कुल कितने नए जिले बने? उत्तर: 9।
- प्रश्न: 28वाँ जिला कौन-सा? उत्तर: गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही।
- प्रश्न: सक्ती किस जिले से बना? उत्तर: जांजगीर-चाँपा (9 सितम्बर 2022)।