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छत्तीसगढ़ का भूगोल (भाग 1): राज्य, धरातल, नदियाँ एवं जलवायु · Chapter 30
सोन, ब्राह्मणी एवं नर्मदा अपवाह तंत्र

सोन, ब्राह्मणी एवं नर्मदा अपवाह तंत्र

उत्तर की ढाल के कारण उत्तरी छत्तीसगढ़ की नदियाँ सोन (गंगा तंत्र) में जाती हैं। ब्राह्मणी और नर्मदा तंत्र बहुत छोटे हैं पर एक-दो पंक्ति के प्रश्न उन्हीं से बनते हैं।

सोन/गंगा अपवाह तंत्र

  • जलग्रहण 13.63 प्रतिशत; राज्य का तीसरा बड़ा अपवाह तंत्र; प्रवाह क्षेत्र 18.789 लाख हेक्टेयर।
  • उपनाम गंगा अपवाह तंत्र (सोन गंगा की सहायक है); संस्कृत साहित्य में सोन का नाम हिरण्यबाहु।
  • प्रमुख सहायक: रिहन्द, कन्हार।
नदीउद्गमविसर्जनअन्य
बनासमांजटोली की पहाड़ी, कुड़िया क्षेत्र, भरतपुर तहसील (म.चि.भ.), देवगढ़ पहाड़ी के पश्चिम मेंडेम्मा गांव के निकट सोन में (शहडोल, म.प्र.)रामदा/रमदहा जलप्रपात; बायीं ओर से गोहिरादी, ओदारी, झानपार; दायीं ओर से रम्पा, मुवाही, कोरमार
गोपदसोनहत पठार (म.चि.भ.)सोन नदी परसहायक गोइनी, नेयुर, सेहरा, कंदास, मोहन; गोपद+बनास+नेऊर = भंवरसेन (कोरिया); मध्यप्रदेश के सीधी और म.चि.भ. के बीच सीमा
नेऊरघाघरा गुफा-मध्यप्रदेश और छ.ग. की सीमा
रिहन्दछुरी-मतिरिंगा पहाड़ी, अंबिकापुर तहसील (सरगुजा)सोन (सोनभद्र जिला)145 किमी
कन्हारबखोना चोटी, गिधा-धोधी (खुड़िया पठार), जशपुरसोन (सोनभद्र)115 किमी
मवईभरतपुर तहसील (म.चि.भ.)बनास (भरतपुर के पास बरवाही ग्राम)तट: सीतामढ़ी हरचौका

रिहन्द नदी

  • प्राचीन नाम रेणुका, रेहर, रेण्ड, रेणु; किंवदंती के अनुसार जमदग्नि ऋषि की पत्नी रेणुका।
  • प्रवाह: सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर; राज्य क्रम छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश।
  • तटीय स्थल: पुरातात्विक स्थल महेशपुर (सरगुजा)।
  • सहायक: घुनघुट्टा, मोरनी, महान, सूर्या, गोबरी, खरपारी, गोकनाई, पीपरकछार, रामदिया।
  • जलप्रपात रक्सगण्डा (सूरजपुर); परियोजना गोविंद वल्लभ पंत / रिहन्द बाँध (उ.प्र., मिर्जापुर)।
  • बेसिन सिंगरौली बेसिन कहलाता है; रिहन्द सरगुजा की जीवन रेखा।

कन्हार नदी

  • प्रवाह: जशपुर, बलरामपुर; डीपाडीह और घुघरी के मैदान में प्रवेश।
  • तटीय स्थल: पुरातात्विक स्थल डीपाडीह (बलरामपुर), जो कन्हार, गलफुआ और सूर्या के त्रिवेणी संगम पर है।
  • सहायक: बायें तट पर सूर्या, चनान, सेन्दूर, कुर्सा; दायें तट पर गलफुल्ला, सेमरखार, रिगर, चेर्रा।
  • कोठली जलप्रपात कन्हार पर; चनान में पवई जलप्रपात।
  • यह छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा बनाती है।

ब्राह्मणी अपवाह तंत्र

  • कुल अपवाह तंत्र का 1.03 प्रतिशत; प्रवाह क्षेत्र 1.423 लाख हेक्टेयर।
  • प्रमुख सहायक: शंख नदी (छत्तीसगढ़) और कोयल नदी (झारखंड)।

नर्मदा अपवाह तंत्र

  • उद्गम अमरकंटक के नर्मदा कुण्ड से; अन्य नाम नामदोस, मैकल सुता, सौमोदेवो, रेवा।
  • राज्य का सबसे छोटा अपवाह तंत्र, कुल का 0.55 प्रतिशत।
  • प्रमुख सहायक: जोहिला (अमरकंटक से उद्गम), बंजर (पश्चिम की ओर बहने वाली सबसे लंबी), ताड़ा।
  • बंजर खै.-छु.-ग. जिले के बंजरपुर से और ताड़ा कवर्धा जिले से निकलती है।

तुलना एवं संबंध

तंत्रजलग्रहण %क्षेत्र (लाख हे.)
गोदावरी28.6439.497
सोन/गंगा13.6318.789
ब्राह्मणी1.031.423
नर्मदा0.55-

कारण-प्रभाव: उत्तर की ओर ढाल, इसलिए सरगुजा-जशपुर की नदियाँ रिहन्द/कन्हार होकर सोन में जाती हैं।

याद रखने योग्य बिंदु

  • सोन तंत्र 13.63%, तीसरा सबसे बड़ा।
  • सोन का संस्कृत नाम हिरण्यबाहु।
  • बनास का उद्गम मांजटोली, भरतपुर।
  • गोपद+बनास+नेऊर = भंवरसेन।
  • रिहन्द 145 किमी, सरगुजा की जीवन रेखा।
  • रिहन्द का प्राचीन नाम रेणुका।
  • कन्हार 115 किमी; डीपाडीह संगम पर।
  • कन्हार छ.ग.-झारखंड सीमा।
  • ब्राह्मणी 1.03%; शंख नदी छ.ग. में।
  • नर्मदा सबसे छोटा तंत्र, 0.55%।
  • बंजर पश्चिम बहने वाली सबसे लंबी।

स्मरण सूत्र

सोन की सहायक "बागरि-कन्" = बनास, गोपद, रिहन्द, कन्हार। छोटे तंत्र: ब्राह्मणी 1, नर्मदा आधा (1.03, 0.55)।

स्वयं जाँचें

  1. प्रश्न: सोन तंत्र का जलग्रहण कितना है? उत्तर: 13.63%।
  2. प्रश्न: रिहन्द की लंबाई? उत्तर: 145 किमी।
  3. प्रश्न: डीपाडीह किस संगम पर है? उत्तर: कन्हार, गलफुआ, सूर्या।
  4. प्रश्न: नर्मदा तंत्र की सबसे लंबी पश्चिम-प्रवाही सहायक? उत्तर: बंजर।
  5. प्रश्न: ब्राह्मणी की छ.ग. वाली सहायक? उत्तर: शंख नदी।
  6. प्रश्न: भंवरसेन में कौन से नदियाँ मिलती हैं? उत्तर: गोपद, बनास, नेऊर।

अभ्यास प्रश्न

  1. छत्तीसगढ़ राज्य के उत्तरी भाग में बहने वाली गंगा की सहायक नदी है

    • (A) शबरी
    • (B) तालपेरू
    • (C) सोन
    • (D) नर्मदा
  2. सरगुजा जिले की जीवन रेखा नदी मानी जाती है।

    • (A) रेणुका नदी
    • (B) कन्हर नदी
    • (C) गोपद नदी
    • (D) बरनई नदी
  3. रक्सगण्डा जलप्रपात किस नदी पर है?

    • (A) रेण्ड
    • (B) गंगा
    • (C) कन्हार
    • (D) मांड

उत्तरमाला एवं व्याख्या

  1. (C) - सोन गंगा की सहायक नदी है (गंगा अपवाह तंत्र)।
  2. (A) - रिहन्द (प्राचीन नाम रेणुका) सरगुजा की जीवन रेखा है।
  3. (A) - रक्सगण्डा जलप्रपात रिहन्द (रेण्ड) नदी पर है।
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