सोन, ब्राह्मणी एवं नर्मदा अपवाह तंत्र
उत्तर की ढाल के कारण उत्तरी छत्तीसगढ़ की नदियाँ सोन (गंगा तंत्र) में जाती हैं। ब्राह्मणी और नर्मदा तंत्र बहुत छोटे हैं पर एक-दो पंक्ति के प्रश्न उन्हीं से बनते हैं।
सोन/गंगा अपवाह तंत्र
- जलग्रहण 13.63 प्रतिशत; राज्य का तीसरा बड़ा अपवाह तंत्र; प्रवाह क्षेत्र 18.789 लाख हेक्टेयर।
- उपनाम गंगा अपवाह तंत्र (सोन गंगा की सहायक है); संस्कृत साहित्य में सोन का नाम हिरण्यबाहु।
- प्रमुख सहायक: रिहन्द, कन्हार।
| नदी | उद्गम | विसर्जन | अन्य |
|---|---|---|---|
| बनास | मांजटोली की पहाड़ी, कुड़िया क्षेत्र, भरतपुर तहसील (म.चि.भ.), देवगढ़ पहाड़ी के पश्चिम में | डेम्मा गांव के निकट सोन में (शहडोल, म.प्र.) | रामदा/रमदहा जलप्रपात; बायीं ओर से गोहिरादी, ओदारी, झानपार; दायीं ओर से रम्पा, मुवाही, कोरमार |
| गोपद | सोनहत पठार (म.चि.भ.) | सोन नदी पर | सहायक गोइनी, नेयुर, सेहरा, कंदास, मोहन; गोपद+बनास+नेऊर = भंवरसेन (कोरिया); मध्यप्रदेश के सीधी और म.चि.भ. के बीच सीमा |
| नेऊर | घाघरा गुफा | - | मध्यप्रदेश और छ.ग. की सीमा |
| रिहन्द | छुरी-मतिरिंगा पहाड़ी, अंबिकापुर तहसील (सरगुजा) | सोन (सोनभद्र जिला) | 145 किमी |
| कन्हार | बखोना चोटी, गिधा-धोधी (खुड़िया पठार), जशपुर | सोन (सोनभद्र) | 115 किमी |
| मवई | भरतपुर तहसील (म.चि.भ.) | बनास (भरतपुर के पास बरवाही ग्राम) | तट: सीतामढ़ी हरचौका |
रिहन्द नदी
- प्राचीन नाम रेणुका, रेहर, रेण्ड, रेणु; किंवदंती के अनुसार जमदग्नि ऋषि की पत्नी रेणुका।
- प्रवाह: सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर; राज्य क्रम छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश।
- तटीय स्थल: पुरातात्विक स्थल महेशपुर (सरगुजा)।
- सहायक: घुनघुट्टा, मोरनी, महान, सूर्या, गोबरी, खरपारी, गोकनाई, पीपरकछार, रामदिया।
- जलप्रपात रक्सगण्डा (सूरजपुर); परियोजना गोविंद वल्लभ पंत / रिहन्द बाँध (उ.प्र., मिर्जापुर)।
- बेसिन सिंगरौली बेसिन कहलाता है; रिहन्द सरगुजा की जीवन रेखा।
कन्हार नदी
- प्रवाह: जशपुर, बलरामपुर; डीपाडीह और घुघरी के मैदान में प्रवेश।
- तटीय स्थल: पुरातात्विक स्थल डीपाडीह (बलरामपुर), जो कन्हार, गलफुआ और सूर्या के त्रिवेणी संगम पर है।
- सहायक: बायें तट पर सूर्या, चनान, सेन्दूर, कुर्सा; दायें तट पर गलफुल्ला, सेमरखार, रिगर, चेर्रा।
- कोठली जलप्रपात कन्हार पर; चनान में पवई जलप्रपात।
- यह छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा बनाती है।
ब्राह्मणी अपवाह तंत्र
- कुल अपवाह तंत्र का 1.03 प्रतिशत; प्रवाह क्षेत्र 1.423 लाख हेक्टेयर।
- प्रमुख सहायक: शंख नदी (छत्तीसगढ़) और कोयल नदी (झारखंड)।
नर्मदा अपवाह तंत्र
- उद्गम अमरकंटक के नर्मदा कुण्ड से; अन्य नाम नामदोस, मैकल सुता, सौमोदेवो, रेवा।
- राज्य का सबसे छोटा अपवाह तंत्र, कुल का 0.55 प्रतिशत।
- प्रमुख सहायक: जोहिला (अमरकंटक से उद्गम), बंजर (पश्चिम की ओर बहने वाली सबसे लंबी), ताड़ा।
- बंजर खै.-छु.-ग. जिले के बंजरपुर से और ताड़ा कवर्धा जिले से निकलती है।
तुलना एवं संबंध
| तंत्र | जलग्रहण % | क्षेत्र (लाख हे.) |
|---|---|---|
| गोदावरी | 28.64 | 39.497 |
| सोन/गंगा | 13.63 | 18.789 |
| ब्राह्मणी | 1.03 | 1.423 |
| नर्मदा | 0.55 | - |
कारण-प्रभाव: उत्तर की ओर ढाल, इसलिए सरगुजा-जशपुर की नदियाँ रिहन्द/कन्हार होकर सोन में जाती हैं।
याद रखने योग्य बिंदु
- सोन तंत्र 13.63%, तीसरा सबसे बड़ा।
- सोन का संस्कृत नाम हिरण्यबाहु।
- बनास का उद्गम मांजटोली, भरतपुर।
- गोपद+बनास+नेऊर = भंवरसेन।
- रिहन्द 145 किमी, सरगुजा की जीवन रेखा।
- रिहन्द का प्राचीन नाम रेणुका।
- कन्हार 115 किमी; डीपाडीह संगम पर।
- कन्हार छ.ग.-झारखंड सीमा।
- ब्राह्मणी 1.03%; शंख नदी छ.ग. में।
- नर्मदा सबसे छोटा तंत्र, 0.55%।
- बंजर पश्चिम बहने वाली सबसे लंबी।
स्मरण सूत्र
सोन की सहायक "बागरि-कन्" = बनास, गोपद, रिहन्द, कन्हार। छोटे तंत्र: ब्राह्मणी 1, नर्मदा आधा (1.03, 0.55)।
स्वयं जाँचें
- प्रश्न: सोन तंत्र का जलग्रहण कितना है? उत्तर: 13.63%।
- प्रश्न: रिहन्द की लंबाई? उत्तर: 145 किमी।
- प्रश्न: डीपाडीह किस संगम पर है? उत्तर: कन्हार, गलफुआ, सूर्या।
- प्रश्न: नर्मदा तंत्र की सबसे लंबी पश्चिम-प्रवाही सहायक? उत्तर: बंजर।
- प्रश्न: ब्राह्मणी की छ.ग. वाली सहायक? उत्तर: शंख नदी।
- प्रश्न: भंवरसेन में कौन से नदियाँ मिलती हैं? उत्तर: गोपद, बनास, नेऊर।
अभ्यास प्रश्न
छत्तीसगढ़ राज्य के उत्तरी भाग में बहने वाली गंगा की सहायक नदी है
- (A) शबरी
- (B) तालपेरू
- (C) सोन
- (D) नर्मदा
सरगुजा जिले की जीवन रेखा नदी मानी जाती है।
- (A) रेणुका नदी
- (B) कन्हर नदी
- (C) गोपद नदी
- (D) बरनई नदी
रक्सगण्डा जलप्रपात किस नदी पर है?
- (A) रेण्ड
- (B) गंगा
- (C) कन्हार
- (D) मांड
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (C) - सोन गंगा की सहायक नदी है (गंगा अपवाह तंत्र)।
- (A) - रिहन्द (प्राचीन नाम रेणुका) सरगुजा की जीवन रेखा है।
- (A) - रक्सगण्डा जलप्रपात रिहन्द (रेण्ड) नदी पर है।
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