नदी विविध : संगम, घाट, नाम, लंबाई, मंदिर और नदी जोड़ो
यह अध्याय पिछली नदियों का एक जगह संकलन है। संगम स्थल, नदी तट पर बसे शहर और मंदिर, प्राचीन नाम और लंबाइयाँ सीधे एक-पंक्ति के प्रश्नों में आते हैं।
संगम
सप्तधारा संगम: हथखोज (गरियाबंद) = महानदी + पैरी + सोंढूर + सूखानदी + बेसला (केशवा) + सरगी + बगनई।
| क्र. | त्रिवेणी संगम स्थल | नदियाँ |
|---|---|---|
| 1 | राजिम (गरियाबंद) | महानदी, पैरी, सोंढूर |
| 2 | शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा) | महानदी, शिवनाथ, जोंक |
| 3 | चंद्रपुर (सक्ती) | महानदी, मांड, लात |
| 4 | खैरागढ़ (खैरागढ़-छुईखदान-गंडई) | आमनेर, मुस्का, पिपरिया |
| 5 | परलकोट (कांकेर) | कोटरी, निबरा, गुडरा |
| 6 | डीपाडीह (बलरामपुर) | कन्हार, गलफुआ, सूर्या |
| 7 | चौरेल ग्राम (बालोद) | तांदूला, भोथली, लोहार |
| 8 | चोंडीघाट (बस्तर का प्रयाग) | इंद्रावती, मारकण्डी, आंजर नाला |
| 9 | भंवरसेन (कोरिया) | बनास, गोपद, नेऊर |
| 10 | देवरघटा (पामगढ़, जांजगीर-चांपा) | महानदी, शिवनाथ, लीलागर |
| 11 | सिल्ली शक्ति घाट (दुर्ग) | शिवनाथ, आमनेर, नंदकठी |
द्विवेणी संगम
| क्र. | स्थल | नदियाँ |
|---|---|---|
| 1 | सोमनाथ (बलौदाबाजार) | शिवनाथ + खारून |
| 2 | भद्रकाली (बीजापुर) | इंद्रावती + गोदावरी |
| 3 | दंतेवाड़ा | शंखिनी + डंकिनी |
| 4 | मानिकचौरी (बिलासपुर) | अरपा + शिवनाथ |
| 5 | सिलादेही, केरा (जांजगीर-चांपा) | महानदी + हसदेव |
| 6 | मदकूद्वीप (मुंगेली) | मनियारी + शिवनाथ |
| 7 | कोंटा (सुकमा) | शबरी + सिलेरू |
| 8 | बोदरागढ़ का किला (बस्तर) | इंद्रावती + नारंगी |
| 9 | डेम्मा (शहडोल, म.प्र.) | सोन + बनास |
| 10 | महादेवपाली (ओडिशा) | महानदी + केलो |
नदी तट के घाट
| घाट | नदी |
|---|---|
| महादेव घाट (रायपुर) | खारून |
| तरीघाट (दुर्ग) | खारून |
| नांदघाट (बेमेतरा) | शिवनाथ |
| सग्नीघाट (दुर्ग) | शिवनाथ |
| महमरा घाट (दुर्ग) | शिवनाथ |
| छठघाट (बिलासपुर) | अरपा |
| खर्राघाट (मुंगेली) | आगर |
| शिवघाट (मुंगेली) | मनियारी |
नदियों के प्राचीन नाम
| वर्तमान | प्राचीन |
|---|---|
| महानदी | नीलोत्पला, चित्रोत्पला, कनकनंदनी |
| लीलागर | निडिला |
| इंद्रावती | मंदाकिनी |
| शबरी | कोलाब |
| कोटरी | परलकोट |
| रिहन्द | रेण्ड, रेणुका, रेहर |
| पैरी | पयोधरा |
| हसदेव | हस्तुसोमा, महानद |
| माण्ड | मंदगा, मंदवाहिनी |
| खारंग | कुरंग |
| शिवनाथ | शुनि, शिवा |
| अरपा | कृपा |
| जोंक | पलाशिनी |
| सोन | हिरण्यबाहु |
जीवन रेखा नदी
| नदी | जीवन रेखा |
|---|---|
| महानदी | छत्तीसगढ़ की |
| रिहन्द | सरगुजा की |
| केलो | रायगढ़ की |
| अरपा | बिलासपुर की |
| हसदेव | कोरबा, जांजगीर-चांपा की |
| आगर | मुंगेली की |
| खारून | रायपुर की |
| इंद्रावती | बस्तर क्षेत्र / दण्डकारण्य प्रदेश की |
नदियों की लंबाई
| नदी | किमी |
|---|---|
| महानदी | 858 (छ.ग. में 286) |
| शिवनाथ | 290 |
| इंद्रावती | 264 |
| जोंक | 210 |
| ईब | 202 (छ.ग. में 87) |
| हसदेव | 176 |
| शबरी | 173 |
| मांड | 155 |
| रिहन्द | 145 |
| लीलागर | 135 |
| कोटरी | 135 |
| मनियारी | 134 |
| खारून | 120 |
| कन्हार | 115 |
| अरपा | 100 |
| केलो | 97 |
| सोंढूर | 80 |
| दूध | 64 |
| हाफ | 44 |
अन्य नदियाँ एवं उनके प्रवाह क्षेत्र
| नदी | क्षेत्र |
|---|---|
| नेयुर, पतले, रांपा, दौना | मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर |
| शंख | जशपुर |
| तेल | देवभोग तहसील, गरियाबंद |
| संकरी | कबीरधाम |
| सुरही | राजनांदगाँव |
| सुरंगी | सारंगढ़ |
| सारंगी, बलमदेही | महासमुंद |
| जाटलुर, कुकुर | नारायणपुर |
| नयनी, देवधा | कांकेर |
| तमुरा, लसुरा | कोण्डागांव |
| लमती | खैरागढ़-छुईखदान-गंडई |
| मारी (मोरल) | भैरमगढ़ (बीजापुर) |
| वेनगंगा | बलरामपुर |
नदी के तट पर स्थित स्थल
| स्थल | नदी |
|---|---|
| भरतपुर | बनास |
| डीपाडीह | कन्हार |
| महेशपुर | रिहन्द |
| कोरबा | अहिरन |
| कटघोरा | हसदेव |
| चांपा, पीथमपुर | हसदेव / आगर |
| लोरमी, तखतपुर, तालागांव | मनियारी |
| बिलासपुर | अरपा |
| मल्हार | लीलागर |
| रायगढ़ | केलो |
| सारंगढ़ | घोघरानाला |
| नादघाट, दुर्ग | शिवनाथ |
| राजिम, सिरपुर, आरंग | महानदी |
| रायपुर | खारून |
| कांकेर | दूध |
| कोण्डागांव | नारंगी |
| बारसूर, जगदलपुर, भोपालपट्टनम | इंद्रावती |
| कोंटा | शबरी + सिलेरू |
यहाँ मूल पाठ की तालिका में "पीथमपुर" के सामने आगर लिखा दिख सकता है जबकि हसदेव अध्याय में पीथमपुर हसदेव तट पर है; पाठक इसे विसंगति मानें और हसदेव को प्रामाणिक रखें।
नदी जोड़ो परियोजना
| क्र. | लिंक |
|---|---|
| 1 | महानदी + तांदुला |
| 2 | पैरी + महानदी |
| 3 | रेहर + अटेम |
| 4 | अहिरन + खारंग |
| 5 | हसदेव + केवई |
| 6 | केवई + हंसिया |
नदी तट के मंदिर
| मंदिर | नदी |
|---|---|
| गंधेश्वर महादेव (सिरपुर) | महानदी |
| कलेश्वर महादेव (पीथमपुर) | हसदेव |
| कुलेश्वर महादेव (राजिम) | महानदी |
| चन्द्रहासिनी माता (चन्द्रपुर) | महानदी |
| नाथलदाई माता (टिमरलगा) | महानदी |
| हटकेश्वर महादेव (महादेवघाट) | खारून |
| रुद्रशिव (तालागांव) | मनियारी |
| देवरानी-जेठानी (तालागांव) | मनियारी |
| दंतेश्वरी माता (दंतेवाड़ा) | शंखिनी-डंकिनी |
| सर्वमंगला माता (कोरबा) | हसदेव |
| सोमनाथ (बलौदाबाजार) | शिवनाथ और खारून |
| सिद्धेश्वर महादेव (पलारी) | महानदी |
| सरनादेवी (डीपाडीह) | कन्हार |
| नारायण मंदिर, नारायणपाल | नारंगी और इंद्रावती |
तीर्थ नाम की उपाधि
| स्थल | उपाधि |
|---|---|
| मदकूद्वीप (मुंगेली) | केदार तीर्थ |
| शिवरीनारायण | वैष्ण तीर्थ, गुप्त तीर्थ, तीर्थ राज |
| राजिम | बद्री तीर्थ |
तालिका में उपाधि और स्थल का क्रम मूल पाठ में उलझा है; ऊपर उन्हें पंक्तिवार जोड़ा गया है।
तुलना एवं संबंध
| संगम प्रकार | संख्या |
|---|---|
| सप्तधारा | 1 (हथखोज) |
| त्रिवेणी | 11 |
| द्विवेणी | 10 |
कारण-प्रभाव: संगम पर तीर्थ और मंदिर बसे, इसलिए राजिम, शिवरीनारायण, सिल्ली में मेले और उपाधियाँ मिलीं।
याद रखने योग्य बिंदु
- राजिम में महानदी, पैरी, सोंढूर।
- शिवरीनारायण में महानदी, शिवनाथ, जोंक।
- चोंडीघाट को बस्तर का प्रयाग कहा गया है।
- महानदी 858 किमी, छ.ग. में 286।
- शिवनाथ 290, इंद्रावती 264, जोंक 210।
- महानदी का प्राचीन नाम चित्रोत्पला।
- इंद्रावती का प्राचीन नाम मंदाकिनी।
- जोंक का प्राचीन नाम पलाशिनी।
- खर्राघाट आगर पर, शिवघाट मनियारी पर।
- हाफ 44 किमी सबसे छोटी सूची में।
- छह नदी जोड़ो लिंक परियोजनाएँ।
स्मरण सूत्र
लंबाई की सीढ़ी: 858-290-264-210-202-176-173-155-145-135-135-134-120-115-100-97-80-64-44।
स्वयं जाँचें
- प्रश्न: हथखोज में कितनी धाराएँ मिलती हैं? उत्तर: सात (सप्तधारा)।
- प्रश्न: बस्तर का प्रयाग कौन सा घाट है? उत्तर: चोंडीघाट।
- प्रश्न: पयोधरा किसका प्राचीन नाम है? उत्तर: पैरी।
- प्रश्न: शिवनाथ की लंबाई? उत्तर: 290 किमी।
- प्रश्न: सर्वमंगला मंदिर किस नदी के तट पर? उत्तर: हसदेव।
- प्रश्न: नदी जोड़ो में केवई किन दो से जुड़ती है? उत्तर: हसदेव और हंसिया।
अभ्यास प्रश्न
महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के त्रिवेणी संगम पर छत्तीसगढ़ का कौन- सा प्राचीन तीर्थ बसा है?
- (A) चम्पारण्य
- (B) शिवरीनारायण
- (C) राजिम
- (D) दामाखेड़ा
छत्तीसगढ़ के प्रयाग ‘राजिम’में किन नदियों का संगम है?
- (A) पैरी एवं महानदी
- (B) महानदी एवं शिवनाथ
- (C) पैरी, सोंढुर एवं महानदी
- (D) सोढुंर एवं महानदी
प्रसिद्ध सिरपुर मंदिर किस नदी के किनारे स्थित है ?
- (A) शिवनाथ नदी
- (B) महानदी
- (C) जोंक नदी
- (D) पैरी नदी
चित्रोत्पला किस नदी का प्राचीन नाम है ?
- (A) इन्द्रावती
- (B) हसदेव नदी
- (C) महानदी
- (D) लीलागर
ताला में स्थित देवरानी-जेठानी मंदिर किस नदी के किनारे स्थित है?
- (A) मनियारी नदी
- (B) जोंक नदी
- (C) अरपा नदी
- (D) शिवनाथ नदी
छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक महत्व का स्थल तालागांव किस नदी के तट पर है?
- (A) हसदेव
- (B) महानदी
- (C) मनियारी नदी
- (D) शिवनाथ नदी
रायगढ़ किस नदी के किनारे बसा है?
- (A) अरपा
- (B) लीलाझर
- (C) रेहर
- (D) केलो
जगदलपुर किस नदी के किनारे स्थित है
- (A) महानदी
- (B) इंद्रावती
- (C) शिवनाथ
- (D) हसदेव
प्रसिद्ध पीथमपुर शिव मन्दिर किस नदी पर स्थित है?
- (A) शिवनाथ
- (B) महानदी
- (C) हसदेव
- (D) माण्ड
निम्नलिखित में कौन-सा नगर महानदी के किनारे पर नहीं बसा है?
- (A) रायगढ़
- (B) सिरपुर
- (C) शिवरीनारायण
- (D) राजिम
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (B) - शिवरीनारायण में महानदी, शिवनाथ और जोंक का त्रिवेणी संगम है।
- (C) - राजिम में महानदी, पैरी और सोंढूर का त्रिवेणी संगम है।
- (B) - सिरपुर महानदी के तट पर स्थित है।
- (C) - चित्रोत्पला महानदी का प्राचीन नाम है।
- (A) - देवरानी-जेठानी मंदिर (तालागांव) मनियारी नदी तट पर है।
- (C) - तालागांव मनियारी नदी के तट पर है।
- (D) - रायगढ़ केलो नदी के तट पर स्थित है।
- (B) - जगदलपुर इंद्रावती नदी के तट पर है।
- (C) - पीथमपुर का कलेश्वर महादेव मंदिर हसदेव के तट पर है।
- (A) - रायगढ़ केलो पर है; अन्य तीन महानदी के तट पर हैं।