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छत्तीसगढ़ का भूगोल (भाग 1): राज्य, धरातल, नदियाँ एवं जलवायु · Chapter 20
सीमांत उच्च भूमि: मैकल, उत्तरी, दक्षिणी और पूर्वी उच्च भूमि

सीमांत उच्च भूमि: मैकल, उत्तरी, दक्षिणी और पूर्वी उच्च भूमि

छत्तीसगढ़ के मैदान को चारों ओर से घेरने वाली उच्च भूमि सीमांत उच्च भूमि कहलाती है। इसमें मैकल श्रेणी, छुरी-उदयपुर की पहाड़ियाँ, पेण्ड्रा-लोरमी पठार, सिहावा-सोनबेरा-छाता पहाड़ जैसी संरचनाएँ आती हैं। शिखरों की ऊँचाई, नदी-उद्गम और खनिज के प्रश्न परीक्षाओं में नियमित रूप से आते हैं।

सीमांत उच्च भूमि का कुल क्षेत्रफल 36464 वर्ग किमी है और यह छत्तीसगढ़ के मैदान के चारों ओर स्थित है।

बिंदुविवरण
क्षेत्रफल36,464 वर्ग किमी
स्थितिछत्तीसगढ़ के मैदान के चारों ओर
विस्तारकवर्धा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, बालोद, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद
निर्माणआर्कियन, गोंडवाना और दक्कन ट्रेप आदि शैल समूह
उप-विभागभू-वैज्ञानिक विविधता तथा नदियों द्वारा विच्छेदन के कारण विभिन्न उप-विभाग: मैकल श्रेणी, उत्तरी, दक्षिणी और पूर्वी उच्चभूमि (रायपुर उच्च भूमि)

पहाड़ियों की जिलावार सूची (मानचित्र-आधारित नामों सहित) अंतिम अध्याय की एकीकृत सारणी में है।

1. मैकल श्रेणी

बिंदुविवरण
विस्तारराजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कबीरधाम, लोरमी एवं पेण्ड्रा तक
स्थितिछत्तीसगढ़ के पश्चिम में दीवार के रूप में खड़ी
ढालपश्चिम से पूर्व की ओर
भागसतपुड़ा पर्वत का पूर्वी कगार
सीमा निर्धारणखैरागढ़-छुईखदान-गंडई तथा कवर्धा की दक्षिण-पश्चिमी सीमा; मध्यप्रदेश के मण्डला जिले और छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की सीमा
जल विभाजकशिवनाथ और वेनगंगा नदी के बीच; ऊपरी महानदी बेसिन को ऊपरी नर्मदा बेसिन से अलग करती है
सबसे ऊँची चोटीबदरगढ़ (1176 मी.), कबीरधाम; छत्तीसगढ़ के पश्चिमी भाग की सबसे ऊँची चोटी
अन्य चोटियाँझाला पहाड़ (1136 मी.), देवसानी पहाड़ (1125 मी.), बाह्मनगढ़ (1127 मी.), लीलावनी, भरकुई (मूल पाठ में अंतिम नाम पूरा पढ़ा नहीं गया)
घाटियाँचिल्फी घाटी, कवर्धा (NH-30); बृजवानी घाटी (NH-53); शिवनाथ घाटी
श्रेणियाँकांदावनी (कबीरधाम): हाफ नदी का उद्गम; फुलहाड़ी/कुलहारी की पहाड़ी (मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी): बाघ नदी का उद्गम; प्रज्ञागिरी की पहाड़ी (राजनांदगांव)
वृष्टिछायाकबीरधाम जिला वृष्टिछाया क्षेत्र में; पूर्वी भाग (कबीरधाम, मुंगेली, उत्तरी खैरागढ़-छुईखदान-गंडई आदि)
वन / जनजातिसाल वृक्ष; बैगा, अगरिया
अभ्यारण्यअचानकमार, भोरमदेव
खनिजलौह अयस्क (चिल्फी घाटी, एकलामा-चेलिकलामा)
विशेषदक्षिण-पश्चिम में महोबा डोंगर पर्वत, औसत ऊँचाई लगभग 617 मी.

2. उत्तरी उच्च भूमि (छुरी-उदयपुर की पहाड़ी)

यह महानदी बेसिन के उत्तर में कोरबा से रायगढ़ जिले तक फैली है (मूल पाठ में एक जगह "कोरबा से रायगढ़", दूसरी जगह "रायगढ़ से कोरबा"; आशय एक ही क्षेत्र है)। इसके दो भाग हैं: छुरी पहाड़ी (कोरबा) और उदयपुर पहाड़ी (रायगढ़)।

बिंदुछुरी पहाड़ीउदयपुर पहाड़ी
विस्तारकोरबा (सर्वाधिक)रायगढ़; जिले के उत्तर-पश्चिम मध्य भाग में
पश्चिमहसदो नदी, पेण्ड्रा पठारछुरी हिल्स, मांड नदी
पूर्वमांड नदीकुरकुट नदी
उत्तरमहादेव पहाड़, हसदो-रामपुर बेसिनमैनपाट (उत्तरी भाग नीच घाटी से जुड़ा)
दक्षिण-पश्चिमकोरबा बेसिन-
पर्वत/चोटीकेरता/केरला पहाड़ (967 मी.), पउनाखेड़ा (969), पुटका पहाड़, बिजौरा पहाड़ (1089)लैलूंगा पहाड़ी (723 मी.; केलो का उद्गम), मैनीफर (760 मी.), लाम पहाड़, महादेव पहाड़ (988 मी.), जनता पहाड़, बड़नानी पहाड़, महातीन, धजक पहाड़, बारखोवा डोंगर, मारगोण्डगर
नदीरिहन्द नदी का उद्गमकेलो नदी का उद्गम
औसत ऊँचाई450-1000 मी.-
शैल/खनिजगोंडवाना शैल समूह, तालचेर और बाराकर श्रेणी; रेत, पत्थर और शैल संस्तरों के बीच कोयले का बहुत बड़ा निक्षेप-

गज एवं चोरनई नदियाँ क्रमशः पूर्व और पश्चिम दिशा से आकर हसदेव नदी में मिलती हैं। यह श्रेणी हसदेव नदी द्वारा मैकल श्रेणी से अलग होती है।

चवरढाल पर्वत शृंखला

  • विस्तार: जांजगीर-चांपा, सक्ती और खरसिया का मैदान (रायगढ़)।
  • छत्तीसगढ़ बेसिन को उत्तरी उच्च भूमि से अलग करने के लिए रायगढ़ के दक्षिण-उत्तरी भाग में छोटे पर्वतों की शृंखला।
  • अन्य नाम: कुम्हार पहाड़; स्थित: सिंघनपुर की गुफा।

पेण्ड्रा-लोरमी का पठार

  • यह मैकल श्रेणी का विच्छेदित पठार है; यहाँ वर्षा कम होती है।
  • विस्तार: गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मुंगेली, कोरबा जिले; क्षेत्र: पण्डरिया तहसील, लोरमी, पेण्ड्रा एवं कटघोरा तहसील; औसत ऊँचाई 800 मी.।
  • पर्यटन स्थल: चैतुरगढ़ (लाफागढ़)।
  • हाफ नदी इसकी पश्चिमी सीमा निर्धारित करती है; अचानकमार वन्य जीव अभ्यारण्य इसी श्रृंखला पर है।
चोटीऊँचाईस्थान
पलमा चोटी (पलमागढ़)1080 मी.गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही
लाफागढ़1048 मी.कोरबा
चंदेली पहाड़821 मी.लोरमी

3. दक्षिणी उच्च भूमि

  • विस्तार: मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, बालोद, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद और रायपुर का दक्षिण-पूर्वी भाग।
  • जल विभाजक: गोदावरी अपवाह तंत्र तथा महानदी की सहायक नदी शिवनाथ के बीच।
  • चोटियाँ: डोंगरबोर (700 मी.), कौचार (597 मी.)।

दुर्ग सीमांत उच्च भूमि, कुटक राजहरा एवं दल्लीराजहरा

स्थलाकृतिजिला/क्षेत्रविवरण
दुर्ग सीमांत उच्च भूमिडौंडीलोहारा (बालोद), अम्बागढ़ चौकीराजहरा और डोंगरगढ़ की पहाड़ियाँ; दल्लीराजहरा खरखरा और तांदुला नदी के दोआब में, मानपुर क्षेत्र एवं बालोद में
कुटक राजहरा पहाड़ीबालोद (खरखरा और तान्दुला के बीच)ऊँचाई 674 मी.; लौह निक्षेप
दल्लीराजहरा की पहाड़ीबालोदहेमेटाइट प्रकार का लौह अयस्क; भिलाई इस्पात संयंत्र को आपूर्ति; स्वामित्व भिलाई इस्पात संयंत्र
बोरियाटिब्बूमोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकीलौह अयस्क
लुड़ेग की पहाड़ीरायगढ़ (धरमजयगढ़, लैलूंगा)केलो नदी का उद्गम (लैलूंगा क्षेत्र से)

4. पूर्वी उच्च भूमि (रायपुर उच्च भूमि)

रायपुर संभाग के दक्षिण-पूर्व में अर्द्धचन्द्राकार फैली है। प्रमुख भाग: सोनबेरा पठार (सबसे ऊँचा भाग), सिहावा पहाड़ी, बसना बेसिन, सोनाखान पहाड़ी, छाता पहाड़।

पहाड़जिलाविवरण
सोनबेरा पठारगरियाबंद, महासमुंदपूर्वी उच्च भूमि का सर्वाधिक ऊँचा भाग; जोंक नदी का उद्गम; उत्तर-पूर्व में बसना बेसिन
सिहावा पर्वतधमतरीप्राचीन नाम सुक्तिमती; महानदी का उद्गम (फरसिया के गणेश घाट से); सप्तश्रृंगी ऋषि का आश्रम; कर्णेश्वर महादेव मंदिर (राजा कर्णेश्वर द्वारा) और मेला; अन्य पहाड़: मुंडागिरी (680 मी.), बोरड़ पहाड़ (617 मी.), काटीगांव (631 मी.), गिधावा पर्वत (732 मी.)
बसना बेसिनमहासमुंदरायपुर उच्च भूमि के उत्तर-पूर्व में
शिशुपाल पर्वत (धारी डोंगर)महासमुंदघोड़ाधार जलप्रपात; ऊँचाई 899 मी. (ऊँची चोटी धारीडोगरी); जनश्रुति: राजा घोड़े की आँख पर पट्टी बाँधकर इसी जलप्रपात में कूद गए थे
भातृनवागढ़ की पहाड़ीगरियाबंद-
छाता पहाड़बलौदाबाजारसतनाम पंथ के प्रवर्तक संत गुरु घासीदास से जुड़ा तीर्थ

सप्त ऋषियों के नाम: श्रृंगी, अगस्त्य, गौतम, मुचकंद, अंगिरा, कंक, शरभंग।

पर्वतों के प्राचीन नाम और प्रमुख बेसिन

पर्वतप्राचीन नाम
सिहावा पर्वतसुक्तिमती पर्वत
अमरकंटक पर्वतसोम पर्वत
कोरबा, रायगढ़ क्षेत्र के पर्वतहस्तु पर्वत
बेसिनस्थिति
कन्हार बेसिनरामानुजगंज (बलरामपुर)
सिंगरौली (रिहन्द) बेसिनवाड्रफनगर (बलरामपुर)
सरगुजा बेसिनसरगुजा एवं सूरजपुर
हसदो-रामपुर बेसिनबिलासपुर से सरगुजा
हसदो-मांड बेसिनकोरबा, जांजगीर-चांपा, सक्ती एवं रायगढ़
बसना बेसिनमहासमुंद
कोटरी/कांकेर बेसिनकांकेर
उर्मिल (गोदावरी-शबरी) बेसिनबीजापुर से सुकमा

नोट: जिलों के नाम मूल पाठ के वर्तमान (नए जिलों वाले) रूप में हैं; अलग-अलग स्थानों पर पुरानी और नई सीमाओं का प्रयोग मिल सकता है।

तुलना एवं संबंध

नदी का उद्गमपहाड़ी
हाफकांदावनी (कबीरधाम)
बाघफुलहाड़ी/कुलहारी पहाड़ी
महानदीसिहावा (धमतरी)
केलोलैलूंगा पहाड़ी (लुड़ेग क्षेत्र)
रिहन्दछुरी पहाड़ी
जोंकसोनबेरा पठार

मूल पाठ में विरोधाभास: मैनपाट की ऊँचाई उदयपुर पहाड़ी के संदर्भ में 760 मी. (मैनीफर) दिखाई गई है, जबकि प्रमुख चोटियों की तालिका में मैनपाट 1152 मी. है। कुटक राजहरा 674 मी. बताया गया है, जबकि दुर्ग उच्च भूमि में दल्लीराजहरा 700 मी. है; डोंगरबोर (700 मी.) और डोंगर बोड/डोंगरगढ़ (704 मी.) भी अलग-अलग दर्ज हैं। ये संख्याएँ मूल पाठ में हैं और परस्पर मेल नहीं खातीं।

याद रखने योग्य बिंदु

  • सीमांत उच्च भूमि का क्षेत्रफल 36,464 वर्ग किमी।
  • मैकल श्रेणी सतपुड़ा का पूर्वी कगार है और ऊपरी महानदी तथा ऊपरी नर्मदा बेसिन को अलग करती है; शिवनाथ-वेनगंगा जल विभाजक।
  • बदरगढ़ (1176 मी.) कबीरधाम में, पश्चिमी छत्तीसगढ़ की सबसे ऊँची चोटी।
  • मैकल में हाफ (कांदावनी) और बाघ (फुलहाड़ी) नदियों का उद्गम।
  • कबीरधाम वृष्टिछाया क्षेत्र में; वन साल; जनजाति बैगा, अगरिया; लौह अयस्क चिल्फी घाटी में।
  • उत्तरी उच्च भूमि = छुरी (कोरबा) + उदयपुर (रायगढ़); कोयले का बड़ा निक्षेप; हसदेव इसे मैकल से अलग करती है।
  • पेण्ड्रा-लोरमी पठार: पलमा 1080, लाफागढ़ 1048, चंदेली 821 मी.।
  • सिहावा (सुक्तिमती) से महानदी का उद्गम; सोनबेरा पठार पूर्वी उच्च भूमि का सबसे ऊँचा भाग।
  • शिशुपाल पर्वत (899 मी.) पर घोड़ाधार जलप्रपात।
  • छाता पहाड़ बलौदाबाजार, गुरु घासीदास से जुड़ा।
  • दल्लीराजहरा का हेमेटाइट लौह अयस्क भिलाई इस्पात संयंत्र को जाता है।

स्मरण सूत्र

"बद-झा-दे": बदरगढ़ 1176 > झाला 1136 > देवसानी 1125 (बाह्मनगढ़ 1127 का ध्यान रखें)। "हा-बा-सि-के-जों": हाफ-बाघ (मैकल), सिहावा-महानदी, केलो (लैलूंगा), जोंक (सोनबेरा)।

स्वयं जाँचें

  1. प्र. मैकल श्रेणी की सबसे ऊँची चोटी कौन सी है? उ. बदरगढ़, 1176 मी.।
  2. प्र. हाफ नदी का उद्गम कहाँ है? उ. कांदावनी (कबीरधाम)।
  3. प्र. सिहावा पर्वत का प्राचीन नाम क्या है? उ. सुक्तिमती।
  4. प्र. पलमा चोटी कहाँ है और कितनी ऊँची? उ. पेण्ड्रा-लोरमी पठार, 1080 मी.।
  5. प्र. घोड़ाधार जलप्रपात किस पर्वत पर है? उ. शिशुपाल पर्वत (धारी डोंगर), महासमुंद।
  6. प्र. जोंक नदी का उद्गम कहाँ है? उ. सोनबेरा पठार।

अभ्यास प्रश्न

  1. सतपुड़ा पर्वत शृंखला की प्रमुख चिल्फी घाटी किस जिले के अन्तर्गत है?

    • (A) कवर्धा
    • (B) सरगुजा
    • (C) कोरिया
    • (D) राजनांदगाँव
  2. छत्तीसगढ़ में मैकाल पर्वत श्रेणी का विस्तार किस ओर है?

    • (A) पश्चिम
    • (B) उत्तर
    • (C) दक्षिण
    • (D) पूर्व
  3. महानदी का उद्‌गम किस पर्वत से होता है?

    • (A) सिहावा
    • (B) कुमावत
    • (C) माखन
    • (D) सहारा

उत्तरमाला एवं व्याख्या

  1. (A) - चिल्फी घाटी कवर्धा (कबीरधाम) में है।
  2. (A) - मैकल श्रेणी छत्तीसगढ़ के पश्चिम में दीवार के रूप में खड़ी है।
  3. (A) - महानदी का उद्गम सिहावा पर्वत (धमतरी) से है।
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