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छत्तीसगढ़ का भूगोल (भाग 1): राज्य, धरातल, नदियाँ एवं जलवायु · Chapter 21
उत्तरी पठार और पाट प्रदेश: पूर्वी बघेलखण्ड एवं जशपुर-सामरीपाट

उत्तरी पठार और पाट प्रदेश: पूर्वी बघेलखण्ड एवं जशपुर-सामरीपाट

छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग में दो विभाग हैं: राज्य का दूसरा बड़ा विभाग पूर्वी बघेलखण्ड का पठार (गोंडवाना शैल, कोयला, देवगढ़ की पहाड़ियाँ, रामगढ़ की प्राचीन गुफाएँ) और सबसे छोटा विभाग जशपुर-सामरीपाट (पाट प्रदेश)। उपविभाग, चोटियाँ, नदियाँ, रामगढ़/सीताबेंगरा, लहसुन पाट, जमीर पाट, जारंग पाट, जशपुर पाट और मैनपाट परीक्षा में बहुत पूछे जाते हैं।

क. पूर्वी बघेलखण्ड का पठार

बिंदुविवरण
विस्तारमनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा (मैनपाट छोड़कर), बलरामपुर (सामरी तहसील छोड़कर)
भागबघेलखण्ड पठार का पूर्वी भाग (बघेलखण्ड पठार का 47.32%)
क्षेत्रफल21,863 वर्ग किमी; 16.16%
ढाल / अपवाहउत्तर की ओर; सोन/गंगा नदी अपवाह तंत्र
प्रमुख नदियाँबनास, गोपद, रिहन्द, कन्हार, बीजाल आदि
घेरावदेवगढ़ तथा छुरी पहाड़ियों के मध्य
बनावटगोंडवाना शैल क्रम (सरगुजा बेसिन); जुरासिक युगीन
खनिज / मिट्टी / फसलकोयला; लाल-पीली; मक्का एवं मोटे अनाज
जल विभाजकमहानदी और गंगा नदी अपवाह तंत्र के मध्य
घाटीबनास, रम्पर, गोपद नदियाँ उत्तर-पश्चिम सीमा पर तथा उत्तर से बहती सकरी घाटी बनाती हैं; रिहन्द और कन्हार नदी मध्यवर्ती मैदान व उत्तरी पाट को अलग करती हैं
पहाड़ियाँपश्चिमी भाग चांगभखार-कोरिया क्षेत्र में मटीले बलुआ पत्थर की विषम पहाड़ियाँ

नोट: मूल पाठ में लिखा है कि छ.ग. के उत्तर में मुख्यतः सतपुड़ा उच्च श्रेणी वाले पठार हैं।

उपविभाग (उत्तर से दक्षिण)

क्रमउपविभागमुख्य बातें
1सोहागपुर बेसिनछ.ग. में नहीं आता; पश्चिम बघेलखण्ड का हिस्सा
2कन्हार बेसिनउत्तर-पूर्व दिशा में; कन्हार नदी द्वारा निर्मित; बलरामपुर जिले के रामानुजगंज क्षेत्र में
3रिहन्द बेसिनउत्तरी सीमांत; उपनाम सिंगरौली; उत्तर में देवगढ़ की पहाड़ियाँ, पश्चिम में कन्हार बेसिन; फैलाव वाड्रफनगर तहसील (बलरामपुर)
4चांगभखार-देवगढ़ की पहाड़ीजिला: मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया; विस्तार: जनकपुर, बैकुंठपुर, मनेन्द्रगढ़, उत्तरी सूरजपुर, प्रतापपुर, उत्तरी अम्बिकापुर, पश्चिमी कुसमी, दक्षिणी रामानुजगंज; प्रदेश के उत्तरी भाग में; ऊँची चोटी देवगढ़ (1033 मी.); उत्तरी हिस्सा बहुत अधिक वर्षा वाला; उत्तरी छ.ग. की सर्वाधिक ऊँची भूमि; प्रमुख शिखर मुस्की पहाड़, सोनहत पहाड़; अन्य उच्चभाग: बिजली मैना पहाड़, दियागढ़ पहाड़, जोग पहाड़, बार पहाड़; खनिज कोयला, बेरिल; महानदी की सहायक हसदो यहीं से निकलकर अपेक्षतया नीची घाटी बनाती है
5सरगुजा बेसिन / मध्यवर्ती उच्च मैदानअन्य नाम: पूर्वी बघेलखण्ड पठार का मध्यवर्ती उच्च मैदान; विस्तार: अम्बिकापुर, दक्षिण सूरजपुर, दक्षिण प्रतापपुर, पश्चिम सीतापुर आदि; देवगढ़, मैनपाट और छुरी पहाड़ियों के मध्य रिहन्द बेसिन से निर्मित; गोंडवाना शैल समूह; कोयला; रेहर और गुंगाटा नदी दक्षिण से उत्तर बहती हैं, उत्तर-दक्षिण की नदियों के कटाव से कटी पहाड़ियाँ, घाटियाँ और स्पर; रामगढ़ की पहाड़ी (विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला)
6हसदो-रामपुर बेसिनराज्य के उत्तर-पश्चिम में; सरगुजा से बिलासपुर तक; कोयला; हसदेव एवं उनकी सहायक छोटी नदियों द्वारा निर्मित; उत्तर में देवगढ़ की पहाड़ी, उत्तर-पूर्व में सरगुजा बेसिन, दक्षिण-पूर्व में कोरबा बेसिन एवं छुरी-उदयपुर की पहाड़ी, दक्षिण-पश्चिम में पेंड्रा-लोरमी पठार

सरगुजा बेसिन की स्थिति: पूर्वी बघेलखण्ड के दक्षिण भाग एवं दक्षिण-पूर्व में खुला भू-भाग; दक्षिण-पूर्व में पाट प्रदेश (मैनपाट, जारंगपाट, सामरीपाट, जशपुरपाट); दक्षिण-पश्चिम में हसदेव-रामपुर बेसिन, तोंगलेवा, दुला पहाड़ और पतर्रा हिल; उत्तर में चिरवेन तथा हराई पहाड़ी।

बघेलखण्ड की प्रमुख चोटियाँ

देवगढ़ की पहाड़ी 1033 मी.; मुस्की 1086 मी.; तजारा राजपुरी 1030 मी.; जतरसुखा 990 मी.; बद्रा 920 मी.; रेनडाहा, धोबोताल, उमारता (ऊँचाई नहीं दी)। विरोधाभास: देवगढ़ (1033 मी.) को ऊँची चोटी लिखा है, जबकि मुस्की 1086 मी. है, जो अधिक है। संभवतः देवगढ़ पूरे पहाड़ी-समूह का प्रमुख शिखर है; परीक्षा में देवगढ़ = 1033 मी. लिखें, पर विसंगति ध्यान रखें। सभी ऊँचाइयाँ अंतिम अध्याय की एकीकृत सारणी में हैं।

प्रमुख भू-स्थलाकृतियाँ

स्थलस्थानविवरण
कुदरगढ़ / सीता लेखनी की पहाड़ीबलनारे ग्राम, सूरजपुरकिंवदंती: वनवास में माता सीता ने पत्थरों पर कुछ लिखा, इसलिए सीता लेखनी; बागेश्वरी (कुदरगढ़ी) मंदिर; रामनवमी पर कुदरगढ़ का मेला
कैमूर पर्वत श्रृंखलाकोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुरविंध्याचल पर्वत श्रेणी का भाग
रामगढ़ की पहाड़ीसरगुजासतपुड़ा पर्वत का भाग; मंदाकिनी नदी के किनारे; ऊँचाई 1022 मी.; खोजकर्ता कर्नल आउस्ले (1848 ई.); जर्मन डॉ. ब्लॉस ने 1904 में आर्कियोलॉजिकल सर्वे की रिपोर्ट में प्रकाशित कराया
मांजटोली की पहाड़ीमनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरीबनास नदी का उद्गम
सोनहत की पहाड़ीमनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरीकोयला क्षेत्र; प्रमुख रूप से अर्द्धकोकिंग कोयला

रामगढ़ के ऐतिहासिक साक्ष्य

कालसाक्ष्य
रामायणकालीनसीताबेंगरा की गुफा, सीता कुंड, लक्ष्मण बेंगरा, रावण दरवाजा, तुर्रा पानी, रामगढ़ का किला
मौर्यकालीनजोगीमारा की गुफा
गुप्तकालीनमहाकवि कालिदास के यात्रा वृतांत में रामगढ़ को रामगिरी के रूप में उल्लेखित किया गया है
गुफाविवरण
सीताबेंगराविश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला; सरगुजा की अजन्ता गुफा भी कहते हैं; आषाढ़ माह में सांस्कृतिक कार्यक्रम का वर्णन कालिदास के मेघदूतम् में; मूल पाठ के अनुसार यहाँ 200 ई.पू. में भरतमुनि ने नाट्यशास्त्र की रचना की
जोगीमारामौर्यकालीन गुफा; सीताबेंगरा से सटी; नर्तक देवदत्त और सुतनुका की प्रेम गाथा; उत्कीर्ण लेख की भाषा पाली एवं लिपि ब्राह्मी
लक्ष्मण बेंगराजोगीमारा गुफा के समकक्ष स्थित
हाथीपोल की गुफाविशाल सुरंग जहाँ हाथी आसानी से गुजर सकता है; अंदर सीता कुंड नामक कुंड

ख. जशपुर-सामरीपाट प्रदेश

उच्च समतल व पठारी स्थलाकृति, जिसके शीर्ष पर सपाट भाग हो और पार्श्व में सोपान जैसा तीव्र ढाल हो, पाट प्रदेश कहलाती है। पठारी क्षेत्र के समतल ऊपरी भाग को पाट कहते हैं।

बिंदुविवरण
विस्तारसंपूर्ण जशपुर जिला तथा बलरामपुर के सामरी-कुसमी तहसील व सरगुजा का मैनपाट क्षेत्र; उत्तरी भाग से कर्क रेखा गुजरती है
स्थिति / भागछ.ग. की उत्तर-पूर्व सीमा में, एकाकी भू-स्थलाकृति; छोटा नागपुर पठार का पश्चिमी भाग
क्षेत्रफल6,208 वर्ग किमी, राज्य का सबसे छोटा भौतिक विभाग; 4.59%
ढालदक्षिण-पूर्व
प्रमुख नदियाँईब, मैनी, शंख आदि
खनिज / मिट्टी / फसलबॉक्साइट; लेटेराइट; बागवानी (टमाटर, लीची, चाय आदि)
शैलअन्तर्वेधी आग्नेय शैल (अधिकांश); धारवाड़ समूह, लेटेराइट, रवेदार, नाइस; उत्तर-पश्चिम व दक्षिण में आद्य शैलों के बीच अन्य शैलें भी

पूर्व से पश्चिम की ओर पाटों का क्रम: जमीर पाट, जारंग पाट, जशपुर पाट, मैनपाट। मानचित्र में पण्डरापाट भी दिखाया गया है।

1. सामरी पाट अथवा कुसमी पाट (ऊपरी घाट)

बिंदुविवरण
परिभाषा / विस्तारजशपुर जिले का उत्तरी भाग तथा दक्षिणी बलरामपुर जिले का कुसमी क्षेत्र; सामरी तहसील (बलरामपुर) तथा जशपुर जिले का उत्तरी भाग
चोटीगौरलाटा (1225 मी.), छ.ग. की सबसे ऊँची चोटी
औसत ऊँचाई / क्षेत्रफल600-750 मी.; 2225 वर्ग किमी
विशेषउत्तरी छ.ग. का सबसे ऊँचा पाट प्रदेश; छ.ग. की सबसे अधिक ऊँचाई वाली पहाड़ी यहाँ है
प्रमुख पठारखुरिया पठार एवं जशपुर पठार; खुरिया पठार जशपुर पाट के उत्तर-पश्चिम में है
नोटपाट सामान्यतः ऊसर है और वहाँ घास के मैदान हैं
पाटविस्तारस्थिति/विशेष
लहसुन पाटबलरामपुरसामरी पाट के पश्चिम में फैला
जमीर पाटबलरामपुरसामरी पाट के पूर्वी भाग पर; बॉक्साइट का मैदान भी कहा जाता है
जारंग पाटसरगुजा (सीतापुर व लुण्ड्रा तहसील) एवं बलरामपुरदिशा उत्तर-पूर्व; बॉक्साइट का सबसे बड़ा भंडारण क्षेत्र; ऊँचाई एक स्थान पर 1145 मी., दूसरे पर 1045 मी. (मूल पाठ में दोनों हैं)

खुरिया और जशपुर पठार की चोटियाँ

खुरिया पठारऊँचाईजशपुर पठारऊँचाई
पंडरापाट1123 मी.कुरंग पहाड़1000 मी.
बुरजुडीह-गड़पहाड़982 मी.
भंवर पहाड़1028 मी.लाकी पहाड़1007 मी.
तेन्दूपाता1038 मी.सिनीगुवा पहाड़911 मी.
सुलेशा पहाड़ी1118 मी.केन कछार921 मी.
--डुंगर पहाड़878 मी.
--गोराघाट764 मी.

2. जशपुर पाट (नीचे घाट)

बिंदुविवरण
परिभाषाजशपुर जिले में ईब-मैनी नदी के उत्तर का समस्त भू-भाग; ऊपरी घाट को सीमांकित करने वाले कगार के दक्षिण का क्षेत्र भी यही कहलाता है
विस्तार / अन्य नामबगीचा, जशपुर, कुनकुरी एवं पत्थलगांव तहसीलें; ईब-मैनी घाटी
पठारमाखेल पठार (ईब व मैनी नदी के बीच जल विभाजक)
दिशाउत्तर-पूर्व सीमांत
औसत ऊँचाई275-500 मी.
क्षेत्रफल4304 वर्ग किमी; राज्य का सबसे बड़ा व लम्बा पाट प्रदेश
चट्टान / खनिजग्रेनाइट; बॉक्साइट
घाटीलोरो घाटी (जशपुर जिला), फूलों के लिए प्रसिद्ध
नगरजशपुर नगर एवं कुनकुरी
विशेषमैनी नदी जशपुर की पश्चिमी सीमा पर एक छोटी घाटी बनाती है, जिसे काकिया कहते हैं
पंडरा पाटजशपुर पाट के उत्तर-पूर्व भाग में; ऊँचाई 1123 मी.; खुरजा पहाड़ी में रानीझुला से ईब नदी तथा बखोना चोटी से कन्हार नदी का उद्गम

3. मैनपाट

बिंदुविवरण
उपनामछत्तीसगढ़ का शिमला; छत्तीसगढ़ का तिब्बत / छोटा तिब्बत
विस्तार / दिशादक्षिण अम्बिकापुर एवं सीतापुर तहसील (सरगुजा), धरमजयगढ़ तहसील के उत्तरी भाग में; उत्तर-मध्य छत्तीसगढ़
ऊँचाई / उद्गम1152 मी.; मांड नदी का उद्गम
खनिजबॉक्साइट; वर्तमान में यहाँ से बाल्को (BALCO) को आपूर्ति; ऊपरी सतह की लेटेराइट मिट्टी में एल्यूमिना बहुत
शरणार्थी1962 में तिब्बती शरणार्थियों को बसाया गया; छ.ग. में तिब्बती संस्कृति (बौद्ध धर्म) का प्रमुख केन्द्र
प्रकृतिप्राकृतिक वर्ग का पर्यटन स्थल
घाटियाँकदनई, करदन, सकरिया, गोविंदपुर, पैगा
गुफाएँबंदरकोट, राकामाड़ा, भालूमाड़ा, झील गुफा, पैगा गुफा
एडवेंचर जोनपरपटिया, मालतीपुरी
स्थितिदक्षिण में उदयपुर हिल; पूर्वी सीमा पर मांड नदी; पश्चिम में रेहर नदी; उत्तर में रिहंद की सहायक घुनघुट्टा नदी; पूर्व में पत्थलगांव पठार और उत्तर में बारकुवंर डोंगर
जलप्रपातविवरण
सरमंजा जलप्रपातमांड नदी के उद्गम स्थल पर (सरभंग ऋषि का आश्रम)
टाइगर प्वाइंटपूर्वी भाग से महादेव मुड़ा नदी बहती है, जिसमें यह जलप्रपात बना है; पहले यहाँ टाइगर घूमते थे
मछली/फिश प्वाइंटपहाड़ी नाला पर; यहाँ बहुत मछलियाँ मिलती हैं
मेहता प्वाइंटसरगुजा और रायगढ़ की सीमा बनाता है
देवप्रवाह झरनापहाड़ी नाला से निर्मित झरना
ईको प्वाइंट(मूल पाठ में केवल नाम दिया है)

तुलना एवं संबंध

क्षेत्रऊँचाई/क्षेत्रफलपहचान
सामरी/कुसमी पाटऔसत 600-750 मी.; 2225 वर्ग किमीगौरलाटा 1225 मी.; सबसे ऊँचा
जशपुर पाटऔसत 275-500 मी.; 4304 वर्ग किमीसबसे बड़ा व लम्बा; लोरो घाटी
जारंग पाट1145 / 1045 मी.बॉक्साइट का सबसे बड़ा भंडार
मैनपाट1152 मी.छ.ग. का शिमला; तिब्बती बस्ती; मांड उद्गम
सरगुजा बेसिनगोंडवाना, कोयलारामगढ़; रेहर, गुंगाटा
हसदो-रामपुरकोयलासरगुजा से बिलासपुर तक
चांगभखार-देवगढ़कोयला, बेरिलहसदो का उद्गम; उत्तरी छ.ग. की सर्वाधिक ऊँची भूमि

कारण से परिणाम: पठार का ढाल उत्तर की ओर है, इसलिए नदियाँ सोन/गंगा तंत्र में हैं; पठार और महानदी बेसिन के बीच जल विभाजक महानदी व गंगा तंत्र को अलग करता है।

मूल पाठ में विरोधाभास: सामरी पाट (2225) और जशपुर पाट (4304) का योग 6529 वर्ग किमी बनता है, जो पूरे विभाग के 6,208 से अधिक है। स्रोत एक जगह जशपुर पाट को कर्क रेखा वाले उत्तरी भाग से भी जोड़ता है; सीधे पूछे गए तथ्य ही याद रखें। पंडरापाट (1123 मी.) एक जगह खुरिया पठार की चोटी और दूसरी जगह जशपुर पाट की स्थलाकृति के रूप में आता है।

याद रखने योग्य बिंदु

  • पूर्वी बघेलखण्ड 21,863 वर्ग किमी (16.16%); ढाल उत्तर, अपवाह सोन/गंगा; गोंडवाना, जुरासिक, कोयला।
  • देवगढ़ की पहाड़ी (1033 मी.) उत्तरी छ.ग. की सर्वाधिक ऊँची भूमि; हसदो का उद्गम चांगभखार-देवगढ़ से; बनास का मांजटोली से।
  • सोहागपुर बेसिन छ.ग. में नहीं है; रिहन्द बेसिन का उपनाम सिंगरौली है।
  • रामगढ़ (मंदाकिनी किनारे) में सीताबेंगरा (प्राचीनतम नाट्यशाला) और जोगीमारा (मौर्यकालीन, पाली-ब्राह्मी लेख) गुफाएँ।
  • रामगढ़ के खोजकर्ता कर्नल आउस्ले (1848); सोनहत में अर्द्धकोकिंग कोयला; कुदरगढ़ मेला रामनवमी पर।
  • जशपुर-सामरीपाट 6,208 वर्ग किमी (4.59%); सबसे छोटा भौतिक विभाग।
  • गौरलाटा (1225 मी.) छ.ग. की सबसे ऊँची चोटी है।
  • जशपुर पाट (नीचे घाट) 4304 वर्ग किमी के साथ सबसे बड़ा और लम्बा पाट; लोरो घाटी फूलों के लिए प्रसिद्ध।
  • पाटों का पूर्व से पश्चिम क्रम: जमीर, जारंग, जशपुर, मैनपाट; जारंग बॉक्साइट का सबसे बड़ा भंडार, जमीर बॉक्साइट का मैदान।
  • मैनपाट (1152 मी.): छ.ग. का शिमला/छोटा तिब्बत; 1962 में तिब्बती शरणार्थी; मांड का उद्गम; बाल्को को बॉक्साइट।
  • पंडरा पाट (1123 मी.) से ईब और कन्हार नदी का उद्गम बताया गया है।

स्मरण सूत्र

बेसिन उत्तर से दक्षिण: सो-क-रि-दे-स-ह (सोहागपुर, कन्हार, रिहन्द, देवगढ़, सरगुजा, हसदो-रामपुर)। पाट पूर्व से पश्चिम: ज-जा-ज-मै। मैनपाट: शिमला + तिब्बत + बॉक्साइट।

स्वयं जाँचें

  1. प्र. पूर्वी बघेलखण्ड पठार का क्षेत्रफल? उ. 21,863 वर्ग किमी (16.16%)।
  2. प्र. कौन सा बेसिन छ.ग. के बाहर है? उ. सोहागपुर बेसिन।
  3. प्र. सीताबेंगरा को और क्या कहते हैं? उ. सरगुजा की अजन्ता; विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला।
  4. प्र. सोनहत में कौन सा कोयला मिलता है? उ. अर्द्धकोकिंग।
  5. प्र. सामरी पाट की सबसे ऊँची चोटी और ऊँचाई? उ. गौरलाटा, 1225 मी.।
  6. प्र. टाइगर प्वाइंट जलप्रपात किस नदी में है, और बॉक्साइट का मैदान किसे कहा गया? उ. महादेव मुड़ा नदी (मैनपाट); जमीर पाट।

अभ्यास प्रश्न

  1. चांगभखार-देवगढ़ पहाड़ियों की सबसे ऊँची चोटी कौन-सी है?

    • (A) चांगभखार
    • (B) देवगढ़
    • (C) रामगढ़
    • (D) छुरी
  2. सीता बेंगरा गुफा हैं ?

    • (A) रामगढ़
    • (B) कैलाश
    • (C) बालोद
    • (D) कबीरा पहाड़
  3. विश्व की प्रथम नाट्यशाला (रामगढ़ गुफा) छत्तीसगढ़ के किस जिले में है?

    • (A) बस्तर
    • (B) सरगुजा
    • (C) जशपुर
    • (D) कोरिया
  4. रामगढ़ की पहाड़ियां जिसमें सीताबेंगरा की गुफा कहां है ?

    • (A) बिलासपुर
    • (B) रायपुर
    • (C) दुर्ग
    • (D) सरगुजा
  5. सीताबेंगरा के गुफा में निर्मित नाट्यशाला स्थित है।

    • (A) रायगढ़ में
    • (B) रामगढ़ में
    • (C) नवागढ़ में
    • (D) उपरोक्त में से कोई नहीं
  6. किस जिले में सीता लेखनी’ पहाड़ है ?

    • (A) बस्तर
    • (B) नारायणपुर
    • (C) कोरिया
    • (D) सूरजपुर
  7. निम्नलिखित में से किस जिले में जोगीमारा स्थित है?

    • (A) जशपुर
    • (B) सरगुजा
    • (C) बिलासपुर
    • (D) कवर्धा छत्तीसगढ गुफाएँ सरगुजा जिले के रामगढ़ में जोगीमारा गुफाएँ स्थित है।
  8. विश्व की प्राचीनतम रंगशाला छग के किस गुफा में है?

    • (A) सिंघनपुर गुफा
    • (B) कैलाश गुफा
    • (C) रामगढ़ की गुफा
    • (D) कबरा पहाड़ गुफा
  9. विश्व की प्राचीनतम नाट्य शाला को किस नाम से जाना जाता है

    • (A) सीताबेंगरा गुफा
    • (B) जोगीमारा गुफा
    • (C) कुटुम्बसर की गुफा
    • (D) कैलाश गुफा

उत्तरमाला एवं व्याख्या

  1. (B) - चांगभखार-देवगढ़ की ऊँची चोटी देवगढ़ (1033 मी.) है।
  2. (A) - सीताबेंगरा गुफा रामगढ़ (सरगुजा) में है।
  3. (B) - सीताबेंगरा नाट्यशाला रामगढ़ की पहाड़ी, सरगुजा में है।
  4. (D) - सीताबेंगरा की गुफा रामगढ़ की पहाड़ी, सरगुजा में है।
  5. (B) - सीताबेंगरा की नाट्यशाला रामगढ़ में है।
  6. (D) - सीता लेखनी की पहाड़ी (कुदरगढ़) सूरजपुर में है।
  7. (B) - जोगीमारा गुफा रामगढ़ (सरगुजा) में है।
  8. (C) - विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला रामगढ़ की गुफा (सीताबेंगरा) में है।
  9. (A) - सीताबेंगरा विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला है।
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