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छत्तीसगढ़ का भूगोल (भाग 1): राज्य, धरातल, नदियाँ एवं जलवायु · Chapter 36
प्रमुख बाँध एवं परियोजनाएँ (2): महानदी, हसदेव, बोधघाट आदि

प्रमुख बाँध एवं परियोजनाएँ (2): महानदी, हसदेव, बोधघाट आदि

इस भाग में प्रत्येक बड़ी परियोजना का स्थान, नदी, वर्ष, क्षमता और विशेषता विस्तार से दी गई है। संख्या वाले प्रश्न (हेक्टेयर, मेगावाट, मीटर) यहीं से आते हैं।

महानदी परियोजना (1980)

यह प्रदेश की दूसरी बड़ी सिंचाई परियोजना है; कुल सिंचाई क्षमता 2.76 लाख हेक्टेयर। इसमें चार घटक हैं: रूद्री बैराज (1912-15), माडुमसिल्ली (1923), दुधवा (1965) और गंगरेल (1978-79)।

घटकविवरण
रूद्री/पिकअप वियर/बैराजधमतरी; 1912-15 (छ.ग. का प्रथम/प्राचीनतम बाँध); उपनाम डॉ. खूबचंद बघेल बैराज; महानदी पर; 1912 में रूद्री नहर; 1990 में 0.2 MW विद्युत क्षमता (वर्तमान में बंद; छ.ग. की प्रथम जलविद्युत परियोजना); 1994 से रूद्री बैराज नाम
माडुमसिल्ली/मुरूमसिल्लीउपनाम बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव; धमतरी; 1923; सिलयारी नदी पर; निर्माता मैडमसिल्ली (एलफिस्टन द्वितीय के कार्यकाल में); एशिया का पहला सायफन बाँध; पूर्णतः ब्रिटिश तकनीक; मिट्टी से भरा तटबंध बाँध
दुधवा जलाशयकांकेर (दुधवा ग्राम के समीप); 1962-65; महानदी पर; स्वतंत्रता के बाद छ.ग. का प्रथम बाँध
गंगरेल बाँधउपनाम रविशंकर जलाशय; गंगरेल, धमतरी; 1978-79; महानदी पर; 10 MW (2.5 x 4); 2004 से जल विद्युत संचालित; लंबाई 1380 मी. (छ.ग. का सबसे लम्बा); महानदी परियोजना का मुख्य बाँध

विसंगति: तालिका में माडुमसिल्ली की नदी सिलियारी और पहले पृष्ठ में दुधवा का वर्ष 1962-65 है जबकि महानदी परियोजना की रेखा में 1965 दिया है।

हसदेव बांगो (मिनीमाता परियोजना)

बिंदुविवरण
स्थानमाचाडोली बांगो ग्राम, कोरबा
प्रारंभ / पूर्ण1967 / अंतिम निर्माण 2011; तीन चरणों में
प्रकृतिबहुउद्देशीय (छ.ग. की प्रथम)
नदीहसदेव
ऊँचाई87 मी. (प्रदेश का सबसे ऊँचा बाँध)
सिंचाई क्षमता4,20,580 हे. (2007 से लक्ष्यपूर्ति); खरीफ 2,47,400 + रबी 1,73,180 हे.
लाभान्वित जिलेकोरबा, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़
लाभान्वित ग्राम923
जल विद्युत1994-95 से; 40 MW x 3 = 120 MW (राज्य की सबसे बड़ी)
जलापूर्तिबाल्को, एनटीपीसी कोरबा, कोरबा नगरनिगम

महानदी कॉम्प्लेक्स (1979-80, विश्व बैंक की सहायता)

परियोजनाविवरण
सिकासार/पैरीपैरी नदी (महानदी की सहायक); 1972-1995; सिकासार, गरियाबंद; जिले गरियाबंद एवं धमतरी; 7 MW (3.5 x 2), 2006 से; कुकदा पिक अप वियर सम्मिलित
सोंदूरसोंदूर नदी; 1979; ग्राम मेचका, नगरी-सिहावा (धमतरी); सीतानदी अभ्यारण्य क्षेत्र

कोडार परियोजना

उपनाम वीरनारायण सिंह परियोजना; कौवाझर (महासमुंद); प्रारंभ 1976, पूर्ण 1995; कोडार नदी (महानदी की सहायक); सिंचाई क्षमता 16.7 हजार हेक्टेयर।

तांदुला परियोजना (बालोद)

निर्माण 1913; तांदुला नदी; लाभान्वित जिले बालोद, दुर्ग, बेमेतरा; सिंचाई क्षमता 0.87 लाख हे.; कार्य 1910 में शुरू, अतः प्रदेश की प्रथम परियोजना।

परियोजनावर्षनदीविशेष
तांदुला1910-13तांदुलाप्रदेश की प्रथम परियोजना
गोंदली जलाशय1956जुआरीतांदुला की सहायक नदी
खरखरा जलाशय1967खरखराशिवनाथ की सहायक नदी

बोधघाट बहु-उद्देश्यीय वृहद परियोजना

बिंदुविवरण
स्थानबारसूर, दंतेवाड़ा
नदीइंद्रावती
जिलेदंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर
सिंचाई क्षमता3,66,580 हे. (खरीफ 171075, रबी 131075)
ग्राम359 (दंतेवाड़ा 51, बीजापुर 218, सुकमा 90)
विद्युत125 मेगावाट (पूर्व निर्धारित 300), प्रस्तावित
संभावित लागत22,653 करोड़
डूबान ग्राम42 (28 पूर्ण, 14 आंशिक)
ऐतिहासिकता1975-79 में म.प्र. व ओडिशा के इंद्रावती जल बंटवारे में हरी झण्डी; वन संरक्षण अधिनियम-1980 के बाद 1985 में पुनः अनुमति

तीन जिलों के ग्राम योग: 51+218+90 = 359, जो मूल पाठ की संख्या से मेल खाता है।

महानदी पर औद्योगिक बैराज

बैराजजिला
समोदारायपुर
शिवरीनारायणजांजगीर-चांपा
बसंतपुरजांजगीर-चांपा
मिरौनीसक्ती
साराडीहसक्ती
कलमासक्ती

महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण: गठन 12 मार्च 2018; उद्देश्य महानदी व केलो नदी पर निर्माणाधीन बाँधों को लेकर छ.ग. और ओडिशा के बीच जल बंटवारे का समाधान। नया रायपुर की पेय जलापूर्ति हेतु महानदी में टीला नामक स्थान पर टीला एनीकट बनाया गया है।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24)

भारत सरकार द्वारा चिन्हांकित 99 महत्वपूर्ण योजनाओं में प्रदेश की 3 योजनाएँ: केलो वृहद (रायगढ़), खारंग (बिलासपुर), मनियारी (मुंगेली); कुल सिंचाई क्षमता 42,625 हे.।

परियोजनाउपनामनिर्माणस्थान/नदीक्षमता
केलोदिलीप सिंह जूदेव-दनौट (रायगढ़); केलो नदी; जिले रायगढ़ व सक्ती (चंद्रपुर); 175 ग्राम22,810 हे.
खूँटाघाटसंजय गांधी / खारंग1920-1931खूँटाघाट (रतनपुर, बिलासपुर); खारंग नदी (अरपा की सहायक)8300 हे.
खुड़ियाराजीव गांधी / मनियारी1924-1930खुड़िया (लोरमी, मुंगेली); मनियारी नदी11,515 हे.

अरपा-भैंसाझार: ग्राम भैंसाझार (कोटा वि.ख., बिलासपुर), अरपा नदी; 102 ग्राम (बिलासपुर के कोटा, बिल्हा, तखतपुर विकासखंड); सिंचाई क्षमता 25,000 हे.; अक्टूबर 2023 तक लगभग 13,500 हे. क्षेत्र में क्षमता का सृजन। जोंक व्यपवर्तन: जोंक नदी (महानदी की सहायक), अर्जुनी (बलौदाबाजार), 1975-1995। घोंघा परियोजना: बिलासपुर-अचानकपुर मार्ग पर, 1978-1992, घोंघा नदी (मनियारी की सहायक)।

मिशन अमृत योजना

2015 से 2020; उद्देश्य शहरी पेयजल; 1 लाख से अधिक जनसंख्या वाले 9 नगर पालिक निगमों में लागू।

नगर निगमजलापूर्ति
बिलासपुरखारंग जलाशय
राजनांदगांवखरखरा जलाशय
जगदलपुरकुम्हरावण्ड एनीकट (इन्द्रावती)
अम्बिकापुरघुनघुट्टा जलाशय
दुर्ग-
भिलाई-
कोरबामिनीमाता वृहद सिंचाई
रायगढ़केलो जलाशय
रायपुर-

आयकट विकास

उद्देश्य बेहतर भू-जल प्रबंधन तथा वृहद-मध्यम परियोजनाओं के सिंचित क्षेत्रों में एकीकृत विकास। वर्तमान में 2 आयकट: महानदी और हसदेव।

तुलना एवं संबंध

बाँधविशेषता
गंगरेलसबसे लम्बा (1380 मी.)
हसदेव बांगोसबसे ऊँचा (87 मी.); सबसे बड़ी जलविद्युत 120 MW
बोधघाटइंद्रावती; प्रस्तावित 125 MW
माडुमसिल्लीसायफन

याद रखने योग्य बिंदु

  • महानदी परियोजना की क्षमता 2.76 लाख हे.।
  • गंगरेल 1380 मी. लम्बा, 10 MW।
  • हसदेव बांगो 87 मी. ऊँचा, 120 MW।
  • हसदेव की सिंचाई क्षमता 4,20,580 हे.।
  • सिकासार 7 MW (3.5 x 2), 2006 से।
  • कोडार परियोजना कौवाझर (महासमुंद) में।
  • तांदुला के जिले: बालोद, दुर्ग, बेमेतरा।
  • बोधघाट बारसूर (दंतेवाड़ा) में इंद्रावती पर, 359 ग्राम।
  • महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण 12 मार्च 2018।
  • टीला एनीकट नया रायपुर की पेयजलापूर्ति हेतु।
  • PMKSY की तीन योजनाएँ: केलो, खारंग, मनियारी।

स्मरण सूत्र

सूत्र: 'गंगरेल गुरु लम्बा, बांगो ऊँचा' (लंबाई-गंगरेल, ऊँचाई-बांगो)।

सूत्र: महानदी के चार: रूद्री, माडुम, दुधवा, गंगरेल = 'रू-मा-दु-गं'।

स्वयं जाँचें

  1. प्र. गंगरेल की लंबाई? उ. 1380 मी.।
  2. प्र. हसदेव बांगो की ऊँचाई? उ. 87 मी.।
  3. प्र. बोधघाट किस नदी पर? उ. इंद्रावती।
  4. प्र. महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण कब बना? उ. 12 मार्च 2018।
  5. प्र. मिशन अमृत कितने निगमों में? उ. 9।
  6. प्र. दो आयकट कौन-से? उ. महानदी और हसदेव।

अभ्यास प्रश्न

  1. कोरबा विद्युत संयंत्र को जलप्रदाय होता है?

    • (A) खूटाघाट परियोजना (खारंग नदी) से
    • (B) मिनीमाता बांगो परिययोजना (हसदेव नदी) से
    • (C) खुड़िया परि. (मनियारी नदी) से
    • (D) बोधघाट परि. इन्द्रावती नदी) से
  2. वन संरक्षण अधिनियम 1980 किस परियोजना के क्रियान्वयन में मुख्य बाधा था ?

    • (A) मनियारी परियोजना
    • (B) रूद्री बैराज
    • (C) बोधघाट परियोजना
    • (D) तान्दुला जलाशय
  3. बोधघाट परि. किस नदी पर प्रस्तावित है

    • (A) महानदी
    • (B) तांदुला
    • (C) सोन्दूर
    • (D) इंद्रावती
  4. नया रायपुर में जलापूर्ति हेतु महानदी में किस स्थान पर एनीकट बनाया है ?

    • (A) राजिम
    • (B) टीला
    • (C) अमसेना
    • (D) आरग
  5. हसदेव – बांगो सिंचाई परियोजना से जिलों में सिंचाई होती हैं-

    • (A) बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा
    • (B) जांजगीर-चांपा, बलौदा बाजार, कोरबा
    • (C) रायगढ़, कोरबा, गौरेला-पेण्ड्रा-मारवाही
    • (D) कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़
  6. कुकदा पिकअप विमर का निर्माण किस नदी पर किया गया है?

    • (A) खारंग
    • (B) पैरी
    • (C) अरपा
    • (D) हसदो
  7. घोंघा परियोजना की शुरूआत वर्ष 1978 में की गई तथा इसे कब पूर्ण किया गया?

    • (A) वर्ष 1992
    • (B) वर्ष 1993
    • (C) वर्ष 1994
    • (D) वर्ष 1995

उत्तरमाला एवं व्याख्या

  1. (B) - हसदेव बांगो से बाल्को, एनटीपीसी कोरबा को जलापूर्ति होती है।
  2. (C) - वन संरक्षण अधिनियम-1980 बोधघाट में बाधा बना।
  3. (D) - बोधघाट परियोजना इंद्रावती नदी पर है।
  4. (B) - नया रायपुर हेतु महानदी पर टीला एनीकट बना है।
  5. (D) - हसदेव बांगो से कोरबा, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़ लाभान्वित हैं।
  6. (B) - कुकदा पिक अप वियर पैरी परियोजना में सम्मिलित है।
  7. (A) - घोंघा परियोजना 1978-1992 की है।
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