महानदी की दक्षिणी सहायक नदियाँ
दूध, सिलयारी, सोंढूर, पैरी, सूखा, जोंक, लात, सुरंगी, बलमदेही और तेल नदी महानदी में दक्षिण की ओर से मिलती हैं। परीक्षा में इनके उद्गम, प्रवाह जिले और परियोजनाएँ पूछी जाती हैं।
सारणी : दक्षिणी सहायक नदियाँ
| नदी | उद्गम | विसर्जन | प्रवाह जिले | परियोजना / विशेष |
|---|---|---|---|---|
| दूध | मलाजकुंडम पहाड़ी (खड़का, कांकेर) | महानदी | कांकेर | मलाजकुंडम जलप्रपात (कांकेर) |
| सिलयारी | - | महानदी | धमतरी | मॉडुमसिल्ली जलाशय / बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव बाँध (1923) |
| सोंढूर | नवरंगपुर पहाड़ी (कोरापुट, ओड़िशा) | पैरी (मालगाँव के पास) | गरियाबंद, धमतरी | सोंढूर परियोजना (1979-80, धमतरी), सीतानदी वन अभ्यारण्य क्षेत्र में; लंबाई 80.5 किमी.; सहायक बाघ, लीलांजन, गोगोर; प्राचीन नाम सुन्दराभूति / सोण्ड |
| पैरी | भातृगढ़ पहाड़ी, मैनपुर पठार, बिन्द्रानवागढ़ तहसील (गरियाबंद) | महानदी (राजिम के पास) | गरियाबंद | सिकासार परियोजना (1995); 2006 से 3.5 MW x 2 = 7 MW विद्युत; सहायक सोंढूर; प्राचीन नाम पयोधरा; पाण्डुका (सिरकट्टी के पास) में 2500 वर्ष पुराने बंदरगाह के साक्ष्य |
| सूखा | तुमगाँव, महासमुंद | महानदी | गरियाबंद, महासमुंद | सहायक कोडार, घुनघुटी; कोडार पर शहीद वीर नारायण सिंह परियोजना (महासमुंद) |
| जोंक | सोनबेरा पठार (गौरागढ़ पहाड़ी से छ.ग. में प्रवेश) | महानदी (शिवरीनारायण के निकट) | महासमुंद, बलौदाबाजार | जोंक परियोजना (महासमुंद), जोंक बेलार परियोजना (बलौदाबाजार); कुल लंबाई 210 किमी. (छ.ग. + ओड़िशा); प्राचीन नाम पलाशिनी |
| लात | रदन की पहाड़ी (सराईपाली, महासमुंद) | महानदी (चन्द्रपुर) | - | - |
| सुरंगी | - | महानदी (ओंग नदी के माध्यम से, ओड़िशा) | सारंगढ़/रायगढ़ | - |
| बलमदेही | बारनवापारा क्षेत्र | महानदी (ठाकुरदिया/नंदनिया, बलौदाबाजार) | - | सातदेवधारा जलप्रपात (महासमुंद) |
| तेल | देवभोग (गरियाबंद) | महानदी की सहायक | - | - |
ध्यान: पैरी के प्राचीन नाम में "पयोधरा (पलाशिनी - जोंक नदी)" लिखा है; पलाशिनी जोंक का प्राचीन नाम भी बताया गया है, इसलिए पैरी का पहला नाम पयोधरा ही मानें। जोंक का महानदी में विसर्जन शिवरीनारायण के निकट कहा गया है; पर इसी अध्याय में तीसरी त्रिवेणी लीलागर के साथ देवरघटा भी बताई गई है, जिसे आगे देखें।
तुलना एवं संबंध
| नदी | परियोजना | जिला |
|---|---|---|
| सिलयारी | मॉडुमसिल्ली (1923) | धमतरी |
| सोंढूर | सोंढूर परियोजना (1979-80) | धमतरी |
| पैरी | सिकासार (1995) | गरियाबंद |
| कोडार (सूखा की सहायक) | शहीद वीर नारायण सिंह | महासमुंद |
| जोंक | जोंक; जोंक बेलार | महासमुंद; बलौदाबाजार |
याद रखने योग्य बिंदु
- दूध नदी मलाजकुंडम पहाड़ी (कांकेर) से निकलती है।
- सिलयारी पर मॉडुमसिल्ली जलाशय (1923) है।
- सोंढूर की लंबाई 80.5 किमी. है और यह पैरी में मिलती है।
- पैरी भातृगढ़ पहाड़ी (गरियाबंद) से निकलती है।
- सिकासार परियोजना से 2006 से 7 MW बिजली बन रही है।
- सूखा की सहायक कोडार पर शहीद वीर नारायण सिंह परियोजना है।
- जोंक कुल 210 किमी. लंबी है।
- लात नदी रदन पहाड़ी से निकल चन्द्रपुर में मिलती है।
- बलमदेही पर सातदेवधारा जलप्रपात है।
- तेल नदी देवभोग (गरियाबंद) से निकलती है।
स्मरण सूत्र
"सोंढूर-पैरी-सूखा" के उद्गम: ओड़िशा - भातृगढ़ - तुमगाँव। "सि-सो-पै-कोडार" = सिलयारी 1923, सोंढूर 1979, पैरी 1995।
स्वयं जाँचें
- प्र. सोंढूर का उद्गम कहाँ है? उ. नवरंगपुर पहाड़ी, कोरापुट (ओड़िशा)।
- प्र. सिकासार परियोजना किस जिले में है? उ. गरियाबंद।
- प्र. जोंक की कुल लंबाई? उ. 210 किमी.।
- प्र. सुरंगी महानदी में किस नदी से मिलती है? उ. ओंग नदी के माध्यम से।
- प्र. लात का उद्गम? उ. रदन की पहाड़ी, सराईपाली।
- प्र. मलाजकुंडम जलप्रपात किस जिले में है? उ. कांकेर।
अभ्यास प्रश्न
वीर नारायण सिंह परियोजना किस नदी पर है?
- (A) कोडार
- (B) महानदी
- (C) मनियारी
- (D) इंद्रावती
महासमुन्द जिले की पहाड़ी से उद्गम होने वाली जोंक नदी किस स्थान पर महानदी से मिलती है?
- (A) सोमनाथ
- (B) शिवरीनारायण
- (C) रायपुर
- (D) राजिम
सीकासार बांध का निर्माण किसनदी पर हुआ है ?
- (A) सोंढूर
- (B) महानदी
- (C) हसदो
- (D) पैरी
दूध नदी पर स्थित मलाजकुण्डलम जलप्रपात छत्तीसगढ़ के किस जिले में है?
- (A) कांकेर
- (B) बिलासपुर
- (C) रायपुर
- (D) दंतेवाड़ा
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (A) - सूखा की सहायक कोडार पर शहीद वीर नारायण सिंह परियोजना है।
- (B) - जोंक का महानदी में विसर्जन शिवरीनारायण के निकट होता है।
- (D) - पैरी नदी पर सिकासार परियोजना (1995) है।
- (A) - दूध नदी पर मलाजकुंडम जलप्रपात कांकेर में है।