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छत्तीसगढ़ का भूगोल (भाग 1): राज्य, धरातल, नदियाँ एवं जलवायु · Chapter 25
महानदी की दक्षिणी सहायक नदियाँ

महानदी की दक्षिणी सहायक नदियाँ

दूध, सिलयारी, सोंढूर, पैरी, सूखा, जोंक, लात, सुरंगी, बलमदेही और तेल नदी महानदी में दक्षिण की ओर से मिलती हैं। परीक्षा में इनके उद्गम, प्रवाह जिले और परियोजनाएँ पूछी जाती हैं।

सारणी : दक्षिणी सहायक नदियाँ

नदीउद्गमविसर्जनप्रवाह जिलेपरियोजना / विशेष
दूधमलाजकुंडम पहाड़ी (खड़का, कांकेर)महानदीकांकेरमलाजकुंडम जलप्रपात (कांकेर)
सिलयारी-महानदीधमतरीमॉडुमसिल्ली जलाशय / बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव बाँध (1923)
सोंढूरनवरंगपुर पहाड़ी (कोरापुट, ओड़िशा)पैरी (मालगाँव के पास)गरियाबंद, धमतरीसोंढूर परियोजना (1979-80, धमतरी), सीतानदी वन अभ्यारण्य क्षेत्र में; लंबाई 80.5 किमी.; सहायक बाघ, लीलांजन, गोगोर; प्राचीन नाम सुन्दराभूति / सोण्ड
पैरीभातृगढ़ पहाड़ी, मैनपुर पठार, बिन्द्रानवागढ़ तहसील (गरियाबंद)महानदी (राजिम के पास)गरियाबंदसिकासार परियोजना (1995); 2006 से 3.5 MW x 2 = 7 MW विद्युत; सहायक सोंढूर; प्राचीन नाम पयोधरा; पाण्डुका (सिरकट्टी के पास) में 2500 वर्ष पुराने बंदरगाह के साक्ष्य
सूखातुमगाँव, महासमुंदमहानदीगरियाबंद, महासमुंदसहायक कोडार, घुनघुटी; कोडार पर शहीद वीर नारायण सिंह परियोजना (महासमुंद)
जोंकसोनबेरा पठार (गौरागढ़ पहाड़ी से छ.ग. में प्रवेश)महानदी (शिवरीनारायण के निकट)महासमुंद, बलौदाबाजारजोंक परियोजना (महासमुंद), जोंक बेलार परियोजना (बलौदाबाजार); कुल लंबाई 210 किमी. (छ.ग. + ओड़िशा); प्राचीन नाम पलाशिनी
लातरदन की पहाड़ी (सराईपाली, महासमुंद)महानदी (चन्द्रपुर)--
सुरंगी-महानदी (ओंग नदी के माध्यम से, ओड़िशा)सारंगढ़/रायगढ़-
बलमदेहीबारनवापारा क्षेत्रमहानदी (ठाकुरदिया/नंदनिया, बलौदाबाजार)-सातदेवधारा जलप्रपात (महासमुंद)
तेलदेवभोग (गरियाबंद)महानदी की सहायक--

ध्यान: पैरी के प्राचीन नाम में "पयोधरा (पलाशिनी - जोंक नदी)" लिखा है; पलाशिनी जोंक का प्राचीन नाम भी बताया गया है, इसलिए पैरी का पहला नाम पयोधरा ही मानें। जोंक का महानदी में विसर्जन शिवरीनारायण के निकट कहा गया है; पर इसी अध्याय में तीसरी त्रिवेणी लीलागर के साथ देवरघटा भी बताई गई है, जिसे आगे देखें।

तुलना एवं संबंध

नदीपरियोजनाजिला
सिलयारीमॉडुमसिल्ली (1923)धमतरी
सोंढूरसोंढूर परियोजना (1979-80)धमतरी
पैरीसिकासार (1995)गरियाबंद
कोडार (सूखा की सहायक)शहीद वीर नारायण सिंहमहासमुंद
जोंकजोंक; जोंक बेलारमहासमुंद; बलौदाबाजार

याद रखने योग्य बिंदु

  • दूध नदी मलाजकुंडम पहाड़ी (कांकेर) से निकलती है।
  • सिलयारी पर मॉडुमसिल्ली जलाशय (1923) है।
  • सोंढूर की लंबाई 80.5 किमी. है और यह पैरी में मिलती है।
  • पैरी भातृगढ़ पहाड़ी (गरियाबंद) से निकलती है।
  • सिकासार परियोजना से 2006 से 7 MW बिजली बन रही है।
  • सूखा की सहायक कोडार पर शहीद वीर नारायण सिंह परियोजना है।
  • जोंक कुल 210 किमी. लंबी है।
  • लात नदी रदन पहाड़ी से निकल चन्द्रपुर में मिलती है।
  • बलमदेही पर सातदेवधारा जलप्रपात है।
  • तेल नदी देवभोग (गरियाबंद) से निकलती है।

स्मरण सूत्र

"सोंढूर-पैरी-सूखा" के उद्गम: ओड़िशा - भातृगढ़ - तुमगाँव। "सि-सो-पै-कोडार" = सिलयारी 1923, सोंढूर 1979, पैरी 1995।

स्वयं जाँचें

  1. प्र. सोंढूर का उद्गम कहाँ है? उ. नवरंगपुर पहाड़ी, कोरापुट (ओड़िशा)।
  2. प्र. सिकासार परियोजना किस जिले में है? उ. गरियाबंद।
  3. प्र. जोंक की कुल लंबाई? उ. 210 किमी.।
  4. प्र. सुरंगी महानदी में किस नदी से मिलती है? उ. ओंग नदी के माध्यम से।
  5. प्र. लात का उद्गम? उ. रदन की पहाड़ी, सराईपाली।
  6. प्र. मलाजकुंडम जलप्रपात किस जिले में है? उ. कांकेर।

अभ्यास प्रश्न

  1. वीर नारायण सिंह परियोजना किस नदी पर है?

    • (A) कोडार
    • (B) महानदी
    • (C) मनियारी
    • (D) इंद्रावती
  2. महासमुन्द जिले की पहाड़ी से उद्‌गम होने वाली जोंक नदी किस स्थान पर महानदी से मिलती है?

    • (A) सोमनाथ
    • (B) शिवरीनारायण
    • (C) रायपुर
    • (D) राजिम
  3. सीकासार बांध का निर्माण किसनदी पर हुआ है ?

    • (A) सोंढूर
    • (B) महानदी
    • (C) हसदो
    • (D) पैरी
  4. दूध नदी पर स्थित मलाजकुण्डलम जलप्रपात छत्तीसगढ़ के किस जिले में है?

    • (A) कांकेर
    • (B) बिलासपुर
    • (C) रायपुर
    • (D) दंतेवाड़ा

उत्तरमाला एवं व्याख्या

  1. (A) - सूखा की सहायक कोडार पर शहीद वीर नारायण सिंह परियोजना है।
  2. (B) - जोंक का महानदी में विसर्जन शिवरीनारायण के निकट होता है।
  3. (D) - पैरी नदी पर सिकासार परियोजना (1995) है।
  4. (A) - दूध नदी पर मलाजकुंडम जलप्रपात कांकेर में है।
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