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छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति, कला, साहित्य एवं खेल · Chapter 10
रहस एवं गम्मत

रहस एवं गम्मत

रहस और गम्मत छत्तीसगढ़ के अन्य प्रमुख लोकनाट्य हैं। रहस राधा-कृष्ण की रासलीला पर आधारित है, जबकि गम्मत हास्य-व्यंग्य शैली है जो नाचा का ही भाग है।

रहस

बिंदुविवरण
अन्य नामरहस लीला, रास लीला, यज्ञ
प्रतीकछत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपरा का
प्रभावितउत्तरप्रदेश की रासलीला से
अवसरहोली के समय
विषयवस्तुराधा-कृष्ण की रासलीला का छत्तीसगढ़ी रूपांतरण; पौराणिक चरित्रों की 'मानव आकार प्रतिमाएँ'; बाबू रेवाराम रचित रहस की पाण्डुलिपियाँ प्रचलित
स्वर्णिम कालरतनपुर में हैहयवंशी राजाओं के शासनकाल में
कलाकारविदूषक की भूमिका हास्य कलाकार; प्रमुख: कौशल सिंह, बिसेसर सिंह, केसरी सिंह, बिलासपुर के मंझला महाराज
प्रचलनबिलासपुर संभाग में सर्वाधिक
नृत्यधमतरी जिले में रहस के दौरान मुख्यतः रहस नृत्य
मंचरंगमंच को बेड़ा/रासबेड़ा; संचालन रासधारी; प्रारंभ से पहले थुन्ह खम्भ स्थापित; चितेर जाति पौराणिक मूर्तियाँ स्थापित करती है
आयोजनगाँव में सामान्यतः 7-9 दिन
गायनगायक रासबेड़ा की प्रदक्षिणा करते हुए गाते हैं; अर्थ बताने वाला 'गुटकहा', नृत्य करने वाला 'नचकरहा', रासधारी 'पंडित'

रहस के स्वरूप

आधारसवर्ण रहससतनामी रहस
अवधि9 दिन10 दिन
प्रधानताभक्ति कीभक्ति के साथ मनोरंजन भी
व्यासब्राह्मणजाति का शिक्षित व्यक्ति
प्रतिमाराधा-कृष्णराधा-कृष्ण के साथ गणेश व रिद्धि-सिद्धि

मूल पाठ में सामान्य आयोजन 7-9 दिन बताया गया है, जबकि सतनामी रहस 10 दिन का; दोनों संदर्भ अलग हैं।

गम्मत

बिंदुविवरण
शैलीहास्य-व्यंग्य
कालभोंसले शासनकाल में अति लोकप्रिय
भागनाचा का ही एक भाग
विषयसामाजिक कुरीतियों व विषमता पर प्रहार; प्रहसन के माध्यम से कृष्ण लीला का मंचन
कलाकारनर्तक भी पुरुष; विदूषक के रूप में जोक्कड़ एवं परी
आयोजनखुले मंच पर

गम्मत के स्वरूप

आधारखड़े साजबैठे साज
अन्य नामखड़ी गम्मतरतनपुरिहा गम्मत
प्रणेता—बाबू रेवाराम
प्रक्रियागायन, वादन, अभिनय, नृत्य खड़े होकरकलाकार अभिनय व गायन बैठकर

गम्मत में दो पात्रों का संवाद गम्मतिहा कहलाता है; गम्मतिहा लोकनृत्य दुर्ग जिले से संबंधित है। दण्डामी माड़िया क्षेत्र में गाड़ा लोग गम्मत प्रदर्शित करते हैं।

तुलना एवं संबंध

पहलूरहसगम्मत
आधाररासलीला, राधा-कृष्णहास्य-व्यंग्य, नाचा का भाग
बाबू रेवारामपाण्डुलिपियाँबैठे साज प्रणेता
क्षेत्रबिलासपुर संभागगम्मतिहा: दुर्ग

याद रखने योग्य बिंदु

  • रहस होली के समय होता है।
  • रहस के मंच को रासबेड़ा कहते हैं।
  • संचालन रासधारी करता है।
  • थुन्ह खम्भ पहले स्थापित होता है।
  • चितेर जाति मूर्तियाँ स्थापित करती है।
  • सवर्ण रहस 9 दिन, सतनामी 10 दिन।
  • गुटकहा अर्थ बताने वाला है।
  • गम्मत नाचा का भाग है।
  • रतनपुरिहा गम्मत = बैठे साज।
  • गम्मतिहा दो पात्रों का संवाद है।

स्मरण सूत्र

'रहस-रास-राधा-होली; गम्मत-हँसी-नाचा की टोली।'

स्वयं जाँचें

  1. प्र. रहस किससे प्रभावित? उ. उत्तरप्रदेश की रासलीला से।
  2. प्र. गुटकहा कौन? उ. बीच-बीच में अर्थ बताने वाला।
  3. प्र. रतनपुरिहा गम्मत के प्रणेता? उ. बाबू रेवाराम।
  4. प्र. सतनामी रहस कितने दिन? उ. 10 दिन।
  5. प्र. रहस का स्वर्णिम काल? उ. रतनपुर में हैहयवंशी राजाओं का शासन।
  6. प्र. गम्मत का प्रचलित काल? उ. भोंसले शासनकाल।

अभ्यास प्रश्न

  1. रास का छत्तीसगढ़ी रूपान्तरण कौन-सा लोकनाट्य है?

    • (A) नाचा
    • (B) गम्मत
    • (C) पण्डवानी
    • (D) रहस
  2. इस राज्य का निम्नलिखित में से कौन-सा लोक-नाट्य उत्तरप्रदेश की रासलीला से अधिक प्रभावित है?

    • (A) चंदैनी-गोंदा
    • (B) रहस
    • (C) नाचा
    • (D) गम्मत
  3. छत्तीसगढ़ी आदिवासी समाज में थुन्ह (खम्थ) किस लोकनाट्य का प्रतीक है?

    • (A) दहिकान्दो
    • (B) पण्डवानी
    • (C) गम्मत
    • (D) रहस
  4. प्रसिद्ध कलाकार रेवाराम का सम्बन्ध किससे है?

    • (A) रहस
    • (B) नाचा
    • (C) भतरानाट
    • (D) पण्डवानी
  5. Q, छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध ‘रहस’ क्या है?

    • (A) प्रसिद्ध रास-लीला
    • (B) लोक गीत
    • (C) साप्ताहिक पत्रिका
    • (D) छत्तीसगढ़ी व्यंजन
  6. ‘रहस’ का आयोजन किया जाता है।

    • (A) बेड़ा
    • (B) अम्बिकापुर
    • (C) भरतानाट
    • (D) हेमारू
  7. ‘रहस अनुष्ठानिक नाट्‌य विद्या किस संभाग में सर्वाधिक लोकप्रिय है?

    • (A) रायपुर
    • (B) बस्तर
    • (C) बिलासपुर
    • (D) कोरिया

उत्तरमाला एवं व्याख्या

  1. (D) - रहस राधा-कृष्ण की रासलीला का छत्तीसगढ़ी रूपांतरण है।
  2. (B) - रहस उत्तरप्रदेश की रासलीला से प्रभावित है।
  3. (D) - रहस में पहले थुन्ह खम्भ स्थापित किया जाता है।
  4. (A) - रहस की पाण्डुलिपियाँ बाबू रेवाराम द्वारा रचित हैं।
  5. (A) - रहस रास लीला ही है।
  6. (A) - रहस का मंच बेड़ा/रासबेड़ा कहलाता है।
  7. (C) - रहस का प्रचलन बिलासपुर संभाग में सर्वाधिक है।
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