नृत्य एवं संगीत से जुड़े महत्वपूर्ण व्यक्ति
छत्तीसगढ़ ने शास्त्रीय संगीत, वादन, सुगम संगीत और नृत्य के क्षेत्र में अनेक कलाकार दिए हैं। परीक्षाओं में "किस वाद्य/विधा से कौन जुड़ा", "उपाधि किसने दी" और "किस वर्ष कौन-सा सम्मान" जैसे प्रश्न आते हैं। नीचे सभी नाम विधा-अनुसार तालिकाओं में दिए हैं।
प्रमुख व्यक्ति: विवरण सहित
| नाम | परिचय / विशेषता |
|---|---|
| पंचकौड़ प्रसाद पाण्डेय (जाँजगीर) | 'बाजा मास्टर' के नाम से विख्यात (यह नाम ठा. छेदीलाल ने दिया); 1939 के त्रिपुरी कांग्रेस में संगीत समिति के अध्यक्ष बनाए गए; पं. विष्णु दिगंबर पलुस्कर शैली के वादक एवं गायक; ध्रुपद एवं धमार पर एकाधिकार; हारमोनियम वादक |
| बुद्धादित्य मुखर्जी (भिलाई) | प्रसिद्ध सितार वादक; हाउस ऑफ कॉमन्स, लंदन में कार्यक्रम देने वाले प्रथम भारतीय एवं सितार पर टप्पा बजाने वाले प्रथम कलाकार; 2019 में पद्मश्री |
| विमलेंदु मुखर्जी (भिलाई) | प्रसिद्ध सितार वादक |
| राजा भूपदेव सिंह | प्रसिद्ध तबला वादक |
| ठाकुर लक्ष्मण सिंह | प्रसिद्ध मृदंग वादक (एक अन्य तालिका में लक्ष्मण सिंह शेखावत को सितार व संतूर से जोड़ा गया है) |
| अजगर प्रसाद (दुर्ग) | प्रसिद्ध आख्तरंग वादक |
| डॉ. अरूण कुमार सेन एवं अनिता सेन | प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक |
| मंजुला दास गुप्ता | 'छत्तीसगढ़ की लता' (यह नाम स्व. मोतीलाल वोरा जी ने दिया) |
| लक्ष्मण सिंह शेखावत (रायगढ़) | प्रसिद्ध संतूर वादक; संगीतकार सूची में सितार व संतूर |
| श्रीधर संगीत | प्रसिद्ध ख्याल गायक |
| डॉ. मंडावी सिंह | कत्थक नृत्य शैली से संबंधित |
| सुलक्षणा पंडित | हिंदी फिल्मों में अभिनय के साथ पार्श्व गायन |
| महेंद्र प्रताप सिंह | प्रसिद्ध तबला वादक |
| शेखर सेन एवं कल्याण सेन | छत्तीसगढ़ी फिल्म नैना में संगीत दिया; अनेक फिल्मों एवं धारावाहिकों में संगीत |
| राधेश्याम बारले | पंथी नृत्य के प्रसिद्ध कलाकार; 2021 में लोककला क्षेत्र में पद्मश्री |
| मदन चौहान | प्रसिद्ध संगीत शिक्षक, गजल एवं सूफी गायक; 'गुरुजी' नाम से प्रसिद्ध; 2020 में लोककला क्षेत्र में पद्मश्री |
| जी.सी.डी. भारती (भारती बंधु) | कबीर गायन के प्रसिद्ध कलाकार; 2013 में लोककला क्षेत्र में पद्मश्री; 2020 में चक्रधर सम्मान; 2021 का तुलसी सम्मान (म.प्र. सरकार द्वारा) |
| पंडित कार्तिक राम | कत्थक नृत्य के प्रसिद्ध कलाकार; 1981 में म.प्र. सरकार द्वारा शिखर सम्मान |
| अनुपमा भागवत | जन्म भिलाई; प्रसिद्ध सितार वादक |
| रेशमा पंडित | जन्म रायपुर; तबला वादन से संबंधित |
| सिद्धिनाथ (सिद्धिनाथ झा) | स्थान दुर्ग; तबला वादन |
| दाऊ कृष्णकिशोर दास | स्थान राजनांदगाँव; कवि एवं संगीतज्ञ |
| भोन्दूराम | स्थान राजनांदगाँव; सितार वादक और ध्रुपद गायन |
| हीरा सिंह गौतम | स्थान राजनांदगाँव; संगीतकार एवं चित्रकार; अनंत संगीत मंदिर के संचालक |
| ठाकुर सागर सिंह | स्थान बुलबुला; बाँसुरी वादन |
| डॉ. चंदन सिंह | कत्थक नृत्य के प्रसिद्ध कलाकार |
संगीतकार: वाद्य/गायन के अनुसार
| कलाकार | विधा |
|---|---|
| ठाकुर लक्ष्मण सिंह शेखावत (रायगढ़) | सितार व संतूर |
| बुद्धादित्य व विमलेन्दु मुखर्जी (भिलाई) | सितार वादक |
| विष्णु जोशी (रायपुर) | ख्याल गायन |
| भैरो प्रसाद श्रीवास्तव (रायपुर) | ध्रुपद गायन |
| वत्सला पामकर | दुमरी गायन |
| अजगर प्रसाद (दुर्ग) | आख्तरंग वादक |
| बसंत रानाडे (राजनांदगाँव) | बेला वादक |
| दीपक व पूनम तिवारी विराट | लोक गायक |
| मीर-अली-मीर | लोक गायक |
| पंचकौड़ प्रसाद पाण्डे (बाजा मास्टर) | हारमोनियम वादक |
| अनुपमा भागवत (भिलाई) | सितार वादक |
| रेशमा पंडित (रायपुर) | तबला वादक |
शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत: विधावार सूची
| विधा | कलाकार |
|---|---|
| शास्त्रीय गायन | मानसिंह, वत्सला पामकर, श्रीमती अनिता सेन, डॉ. अरूण सेन, दिगम्बर केलकर, विप्लव चक्रवर्ती, डॉ. चन्द्रमोहन वर्मा, मनोहर गणेश गंगाजली वाले, रतनदास, विष्णुकृष्ण जोशी |
| सुगम संगीत | मदन चौहान, शेखर सेन, हुकम चन्द्र शर्मा, कल्याण सेन, मंजुला दासगुप्ता |
| गजल गायन | श्रीमती अपर्णा त्रिपाठी, स्वाति देशपांडे |
| शास्त्रीय नृत्य: भरतनाट्यम | श्रीमती मधुरिमा, चन्द्रशेखर शास्त्री |
| शास्त्रीय नृत्य: कत्थक | वासंती वैष्णव, आरती जैन, पं. कार्तिक राम, डॉ. चंदन सिंह, पं. रामलाल |
| तबला | सिद्धिनाथ झा, मुकुंद नारायण भाले, सुनील थवाईत, महेन्द्रप्रताप, सोहन दुबे, सुखेंदु चटर्जी |
| पखावज | कमलनारायण सिंह |
| मृदंग | नारायण सिंह, कोदऊ सिंह |
| बाँसुरी | संतोष टॉक |
| सितार | लक्ष्मण सिंह शेखावत, कंकना बनर्जी, विमलेन्दु मुखर्जी, डोमारसिंह, इंद्राणी चक्रवर्ती, बुधादित्य मुखर्जी, अवनींद्र शिवलीकर |
| सारंगी | अमर सिंह |
| वायलिन/बेला | बसंत रानाडे, तुलसीराम देवांगन, कीर्ति व्यास, श्री एस. गुप्ता |
| जलतरंग | राजेश गनोदवाले |
तुलना एवं संबंध
| सम्मान | व्यक्ति | वर्ष |
|---|---|---|
| पद्मश्री (लोककला) | जी.सी.डी. भारती | 2013 |
| पद्मश्री | बुद्धादित्य मुखर्जी | 2019 |
| पद्मश्री (लोककला) | मदन चौहान | 2020 |
| पद्मश्री (लोककला) | राधेश्याम बारले | 2021 |
| चक्रधर सम्मान | भारती बंधु | 2020 |
| तुलसी सम्मान (म.प्र. शासन) | भारती बंधु | 2021 |
| शिखर सम्मान (म.प्र. शासन) | पं. कार्तिक राम | 1981 |
मूल पाठ में विरोधाभास: लक्ष्मण सिंह के नाम पर एक स्थान पर "ठाकुर लक्ष्मण सिंह – मृदंग वादक" तथा "लक्ष्मण सिंह शेखावत – संतूर वादक" अलग-अलग दिए हैं, जबकि संगीतकार सूची में "ठाकुर लक्ष्मण सिंह शेखावत (रायगढ़) – सितार व संतूर" है। आगे पंचकौड़ के लिए एक जगह गायन/ध्रुपद तथा दूसरी जगह हारमोनियम वादक लिखा है। परीक्षा में विकल्पों को देखकर उत्तर चुनें।
याद रखने योग्य बिंदु
- बाजा मास्टर = पंचकौड़ प्रसाद पाण्डेय (जाँजगीर)।
- 1939 के त्रिपुरी कांग्रेस में संगीत समिति के अध्यक्ष: पंचकौड़ प्रसाद पाण्डेय।
- 'छत्तीसगढ़ की लता' = मंजुला दास गुप्ता (नाम स्व. मोतीलाल वोरा ने दिया)।
- हाउस ऑफ कॉमन्स (लंदन) में प्रस्तुति देने वाले प्रथम भारतीय: बुद्धादित्य मुखर्जी।
- राधेश्याम बारले (पंथी, 2021) और मदन चौहान (2020) को लोककला में पद्मश्री।
- भारती बंधु कबीर गायन से जुड़े हैं; पद्मश्री 2013।
- शेखर सेन एवं कल्याण सेन ने छत्तीसगढ़ी फिल्म नैना में संगीत दिया।
- पं. कार्तिक राम को 1981 में शिखर सम्मान मिला।
- अनंत संगीत मंदिर के संचालक: हीरा सिंह गौतम (राजनांदगाँव)।
- ठाकुर सागर सिंह (बुलबुला) बाँसुरी वादक थे।
- रेशमा पंडित (रायपुर) तबला; अनुपमा भागवत (भिलाई) सितार।
स्मरण सूत्र
"बाजा-बुद्ध-मंजु": बाजा मास्टर = पंचकौड़; लंदन में सितार = बुद्धादित्य; लता = मंजुला। सम्मान-क्रम: भारती 13, बुद्धा 19, मदन 20, राधे 21।
स्वयं जाँचें
- प्रश्न: 'बाजा मास्टर' किसे कहा जाता है? उत्तर: पंचकौड़ प्रसाद पाण्डेय को।
- प्रश्न: 'छत्तीसगढ़ की लता' किसे कहते हैं? उत्तर: मंजुला दास गुप्ता को।
- प्रश्न: हाउस ऑफ कॉमन्स में कार्यक्रम देने वाले प्रथम भारतीय सितार वादक कौन? उत्तर: बुद्धादित्य मुखर्जी।
- प्रश्न: राधेश्याम बारले को पद्मश्री कब मिला? उत्तर: 2021।
- प्रश्न: अनंत संगीत मंदिर के संचालक कौन थे? उत्तर: हीरा सिंह गौतम।
- प्रश्न: संतोष टॉक किस वाद्य से जुड़े हैं? उत्तर: बाँसुरी।
अभ्यास प्रश्न
छत्तीसगढ़ के किस कलाकार को ब्रिटेन के 'हाउस ऑफ कॉमन्स' में सितार वादन तथा सितार पर 'टप्पा' बजाने वाले प्रथम भारतीय वादक कहलाने का गौरव प्राप्त है?
- (A) बुधादित्य मुखर्जी को
- (B) विमलेंदु मुखर्जी को
- (C) डॉ. अरQण कुमार सेन को
- (D) डॉ. चन्द्रमोहन वर्मा को
विमलेन्दु मुखर्जी की ख्याति किस क्षेत्र में है?
- (A) तबला वादन
- (B) सितार वादन
- (C) बेला वादन
- (D) नृत्यकार
छत्तीसगढ़ के कौन से कलाकार देश के प्रसिद्ध ख्यातिलब्ध मृदंग वादक थे?
- (A) पं. कार्तिक राम
- (B) ठा. लक्ष्मण सिंह
- (C) विष्णुकृष्ण जोशी
- (D) पं. पचकौड़ प्रसाद पाण्डेय
डॉ. मंडावी सिंह किस नृत्य शैली से संबंधित हैं?
- (A) भरतनाट्यम
- (B) कुचिपुड़ी
- (C) कत्थकली
- (D) कत्थक
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (A) - बुद्धादित्य मुखर्जी हाउस ऑफ कॉमन्स में कार्यक्रम देने वाले प्रथम भारतीय हैं।
- (B) - विमलेन्दु मुखर्जी प्रसिद्ध सितार वादक हैं।
- (B) - ठाकुर लक्ष्मण सिंह प्रसिद्ध मृदंग वादक बताए गए हैं।
- (D) - डॉ. मंडावी सिंह कत्थक नृत्य शैली से संबंधित हैं।