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छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति, कला, साहित्य एवं खेल · Chapter 27
छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण व्यक्तित्व

छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण व्यक्तित्व

इस अध्याय में सामाजिक, राजनीतिक और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्वों के जन्म, परिवार, कार्य और निधन के तथ्य एक जगह दिए गए हैं। जन्म-तिथियाँ, माता-पिता के नाम और उपाधियाँ परीक्षा में बार-बार पूछी जाती हैं, इसलिए हर व्यक्ति के लिए तालिका और नीचे विस्तार दोनों रखे गए हैं।

प्रवीरचंद भंजदेव

  • जन्म: 25 जून 1929, शिलांग।
  • माता: कुमारी देवी (बस्तर की महारानी); पिता: प्रफुल्लचंद भंजदेव।
  • 1955 में उन्होंने बस्तर जिला आदिवासी किसान मजदूर सेवा संघ बनाया।
  • वे टेनिस और क्रिकेट के अच्छे खिलाड़ी थे।
  • कृतियाँ: लोहंडीगुड़ा तरंगिनी, आई प्रवीर द आदिवासी गॉड आदि।
  • मृत्यु: 25 मार्च 1966, अपने ही महल में पुलिस की गोली से।

गहिरा गुरु

  • जन्म: 1905, गहिरा ग्राम (लैलूंगा के पास, रायगढ़); मूल नाम रामेश्वर; पिता बुडकी कुंवर।
  • उन्होंने जनजातियों को स्वावलंबी बनाने तथा दया, सत्य, शांति और क्षमा अपनाने पर जोर दिया।
  • चोरी, हत्या और असत्य छोड़ने की सीख दी।
  • विभाजन के समय गांधीजी के साथ नोआखाली गए।
  • निधन: 21 नवंबर 1996।

मिनीमाता

  • जन्म: 1913, जमुनामुखी (असम); मूल नाम मीनाक्षी।
  • माता: मतीबाई; पिता: महंत बुधारीदास; पति: अगमदास (सतनामी धर्मगुरु)।
  • उन्होंने छत्तीसगढ़ मजदूर संघ बनाया।
  • रायपुर से सांसद बनीं और छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद कहलाईं।
  • अस्पृश्यता निवारण विधेयक पेश कराने में उनकी भूमिका रही।
  • बाल विवाह, दहेज और छुआछूत की विरोधी थीं।
  • निधन: 11 अगस्त 1972, विमान दुर्घटना में।

गुरु घासीदास

जन्म 18 दिसंबर 1756, गिरौदपुरी (बलौदाबाजार); माता अमरौतिन बाई, पिता मंहगू दास। निधन लगभग 1836, भंडारपुरी।

स्वतंत्रता संग्राम के वीर

वीर नारायण सिंह: सोनाखान के, बिंझवार जनजाति के; पिता रामराय। उन्हें छत्तीसगढ़ का प्रथम शहीद माना जाता है। 10 दिसंबर 1857 को रायपुर में जय स्तंभ चौक पर फाँसी दी गई और फिर तोप से उड़ाया गया।

वीर हनुमान सिंह: दुर्ग के; रायपुर की नागपुर सैन्य टुकड़ी की तीसरी टुकड़ी में मैगजीन लश्कर थे। मेजर सिडवेल की हत्या से उनका नाम जुड़ा है। उपाधि: छत्तीसगढ़ का मंगल पांडे।

कर्मवीर सुरेंद्र साय: जन्म 1809, रिवाड़ा ग्राम (संबलपुर); पिता धर्मसिंह। महानदी घाटी में जन-जागृति फैलाई। 28 फरवरी 1884 को असीरगढ़ किले में स्वाभाविक मृत्यु हुई; तब तक वे अंधे हो चुके थे।

अन्य व्यक्तित्व

  • ठाकुर रामप्रसाद पोटाई: जन्म 1904, करमोती (भानुप्रतापपुर, कांकेर)।
  • महाप्रभु वल्लभाचार्य: जन्म 1479, चंपारण्य; पिता लछमण भट्ट (तेलंग ब्राह्मण)।

तुलना एवं संबंध

व्यक्तिजन्मजन्म/मूल स्थानमाता-पिता
प्रवीरचंद भंजदेव25 जून 1929शिलांगकुमारी देवी / प्रफुल्लचंद भंजदेव
गहिरा गुरु1905गहिरा ग्राम (रायगढ़)पिता बुडकी कुंवर
मिनीमाता1913जमुनामुखी (असम)मतीबाई / महंत बुधारीदास
गुरु घासीदास18 दिसंबर 1756गिरौदपुरी (बलौदाबाजार)अमरौतिन बाई / मंहगू दास
सुरेंद्र साय1809रिवाड़ा (संबलपुर)पिता धर्मसिंह
ठाकुर रामप्रसाद पोटाई1904करमोती (कांकेर)—
वल्लभाचार्य1479चंपारण्यपिता लछमण भट्ट
व्यक्तिउपाधि / पहचान
वीर नारायण सिंहछत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद
वीर हनुमान सिंहछत्तीसगढ़ का मंगल पांडे
मिनीमाताछत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद
गहिरा गुरुगांधीजी के साथ नोआखाली गए

ध्यान रखें: स्वतंत्रता संग्राम के वीर हनुमान सिंह (दुर्ग) और खेल जगत के ओलंपियन हनुमान सिंह (बास्केटबॉल) अलग संदर्भ हैं; प्रश्न में संदर्भ देखकर उत्तर दें।

याद रखने योग्य बिंदु

  • प्रवीरचंद भंजदेव का जन्म 25 जून 1929 को शिलांग में हुआ।
  • उनकी मृत्यु 25 मार्च 1966 को महल में पुलिस की गोली से हुई।
  • गहिरा गुरु का मूल नाम रामेश्वर था; निधन 21 नवंबर 1996।
  • मिनीमाता का मूल नाम मीनाक्षी; निधन 11 अगस्त 1972 (विमान दुर्घटना)।
  • मिनीमाता के पति अगमदास सतनामी धर्मगुरु थे।
  • गुरु घासीदास का जन्म 18 दिसंबर 1756 को गिरौदपुरी में।
  • वीर नारायण सिंह बिंझवार जनजाति के, सोनाखान के; प्रथम शहीद।
  • वीर नारायण सिंह को 10 दिसंबर 1857 को जय स्तंभ चौक, रायपुर में फाँसी।
  • वीर हनुमान सिंह दुर्ग के; उपाधि छत्तीसगढ़ का मंगल पांडे।
  • सुरेंद्र साय की मृत्यु 28 फरवरी 1884 को असीरगढ़ किले में हुई।
  • वल्लभाचार्य का जन्म 1479 में चंपारण्य में हुआ।

स्मरण सूत्र

वीर नारायण: "दस-बारह-सत्तावन" यानी 10 दिसंबर 1857।

मिनीमाता: "मीनाक्षी से मिनी, मतीबाई की बेटी, अगमदास की संगिनी।"

स्वयं जाँचें

  • प्रश्न: छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद कौन माने गए हैं? उत्तर: वीर नारायण सिंह (सोनाखान)।
  • प्रश्न: छत्तीसगढ़ का मंगल पांडे किसे कहा गया? उत्तर: वीर हनुमान सिंह (दुर्ग) को।
  • प्रश्न: मिनीमाता का मूल नाम क्या था? उत्तर: मीनाक्षी।
  • प्रश्न: गहिरा गुरु का मूल नाम क्या था? उत्तर: रामेश्वर।
  • प्रश्न: प्रवीरचंद भंजदेव की माता कौन थीं? उत्तर: कुमारी देवी, बस्तर की महारानी।
  • प्रश्न: सुरेंद्र साय की मृत्यु कहाँ और कब हुई? उत्तर: असीरगढ़ किले में, 28 फरवरी 1884।

अभ्यास प्रश्न

  1. वीर नारायण सिंह किस जनजाति समूह के थे?

    • (A) बिंझवार
    • (B) उरांव
    • (C) गोंड़
    • (D) बैगा
  2. भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (Indian Freedom Struggle) में छत्तीसगढ़ के पहले शहीद कौन थे ?

    • (A) ठाकुर प्यारेलाल सिंह
    • (B) दादा धर्माधिकारी
    • (C) वीर नारायण सिंह
    • (D) हनुमान सिंह
  3. छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद मिनीमाता के बचपन का नाम क्या था?

    • (A) मीनाक्षी
    • (B) मेघा
    • (C) झोनाली
    • (D) राघवी
  4. छत्तीसगढ़ क्षेत्र से प्रथम महिला सांसद कौन थी

    • (A) गंगा पोटाई
    • (B) करूणा शुक्ला
    • (C) मिनीमाता
    • (D) रश्मि देवी
  5. गुरु घासीदास का जन्म किस ग्राम में हुआ ?

    • (A) भण्डारपुरी
    • (B) तेलासी
    • (C) लालपुर
    • (D) गिरौदपुरी
  6. Q. छत्तीसगढ़ का प्रथम शहीद किसे माना जाता है?

    • (A) सुरेन्द्र साय
    • (B) गुण्डाधूर
    • (C) वीर नारायण सिंह
    • (D) ठाकुर प्यारेलाल सिंह
  7. 79 स्वतंत्रता संग्राम में इस राज्य का प्रथम शहीद होने का गौरव किसे प्राप्त है ?

    • (A) ध्रुवराव
    • (B) भंजदेव
    • (C) वीर. नारायण सिंह
    • (D) माधव राय सप्रे
  8. Q. मिनीमाता का जन्म कहाँ हुआ था?

    • (A) मध्य प्रदेश
    • (B) कर्नाटक
    • (C) त्रिपुरा
    • (D) असम

उत्तरमाला एवं व्याख्या

  1. (A) - वीर नारायण सिंह सोनाखान के बिंझवार जनजाति के थे।
  2. (C) - वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद माने जाते हैं।
  3. (A) - मिनीमाता का मूल नाम मीनाक्षी था।
  4. (C) - मिनीमाता छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद कहलाईं।
  5. (D) - गुरु घासीदास का जन्म गिरौदपुरी में हुआ।
  6. (C) - वीर नारायण सिंह को छत्तीसगढ़ का प्रथम शहीद माना जाता है।
  7. (C) - वीर नारायण सिंह प्रथम शहीद माने जाते हैं।
  8. (D) - मिनीमाता का जन्म जमुनामुखी (असम) में हुआ।
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