छत्तीसगढ़ की प्रमुख लोकगाथाएँ
लोकगाथाओं में कथानक की प्रधानता होती है, साथ ही गेयता (गीत) भी शामिल रहती है। विषय विविध हैं, फिर भी प्रेम तत्त्व प्रमुख है; जीवन के संघर्ष, वीरता, चमत्कार और अलौकिकता का रोचक वर्णन भी मिलता है। परीक्षा में गाथा-प्रकार-पात्र का मिलान सबसे अधिक पूछा जाता है।
गाथाओं की तालिका
| लोकगाथा | प्रकार | प्रधान पात्र | अन्य प्रमुख पात्र |
|---|---|---|---|
| अहिमन रानी | स्त्री प्रधान प्रेमगाथा | अहिमन रानी | राजा वीरसिंह |
| केवला रानी | स्त्री प्रधान प्रेमगाथा | केवला रानी | राजा मदन सिंह (हरदी के राजा) |
| रेवा रानी | स्त्री प्रधान प्रेमगाथा | रेवा रानी (पवन रेखा) | राजा उग्रसेन, दुमदुमी राक्षस |
| दसमत कइना | स्त्री प्रधान प्रेमगाथा | दसमत ओड़निन | दुर्ग के राजा महमदेव |
| फूलकुंवर की गाथा | स्त्री प्रधान वीरगाथा | वीरागना फूलकुंवर | राजा जगत |
| राजा वीरसिंह | पुरुष प्रधान प्रेमगाथा | राजा वीरसिंह | जादूगर योगी |
| ढोला-मारू | पुरुष प्रधान प्रेमगाथा | नायक ढोला, नायिका मारू | जादूगरनी रेवा |
| लोरिक-चंदा | पुरुष प्रधान प्रेमगाथा | नायक लोरिक (रीवा), नायिका चंदा (आरंग) | बावनवीर, बंठवा |
| फूलबासन | पौराणिक लोकगाथा | माता सीता एवं लक्ष्मण | भौरागढ़ के राजा साल केवरा |
| सरवन गाथा | पौराणिक लोकगाथा | सरवन कुमार | राजा दशरथ |
| पंडवानी | पौराणिक लोकगाथा | भीम | कुंती, द्रौपदी, शेष पाण्डव एवं कौरव |
| भरथरी | पौराणिक लोकगाथा | राजा भरथरी एवं रानी पिंगला | — |
| कल्याण साय की गाथा | वीरगाथा | कल्याण साय | गोपाल राय, मुगल सम्राट जहांगीर |
| गोपल्ला गीत | वीरगाथा | वीर गोपाल राय | कल्याण साय, मुगल सम्राट अकबर |
| गुजरी गहिरिन की गाथा | वीरगाथा | गुजरी एवं चंद्रावल | मिर्जा पठान |
| सीताराम नायक-नगेसर कइना | वीरगाथा | सीताराम नायक, नगेसर कइना | रतनपुर एवं मल्हार का वर्णन |
| कुंवर अछरिया | वीरगाथा | कुंवर अछरिया, साँवर कैना | कनवा दिगम्बर |
| रायसिंह का पवारा | वीरगाथा | रायसिंध | कोकराय लक्ष्मी नारायण (लच्छू नेंगी) |
| आल्हा-उदल (घोड़ा नाच) | वीरगाथा | आल्हा और उदल | आल्हा-उदल के भाई |
| देवी गाथा | धार्मिक लोकगाथा | देवी की महिमा | मुगल सम्राट अकबर एवं बीरबल |
| लछमन जती | अद्भुत लोकगाथा | लक्ष्मण | इंद्र की बेटी कंवला |
कालानुसार वर्गीकरण
आदिकालीन लोकगाथाएँ
| वर्ग | गाथाएँ |
|---|---|
| प्रेमप्रधान | अहिमन रानी, केवला रानी, रेवा रानी |
| वीरगाथा | राजा वीर सिंह की गाथा |
| धार्मिक एवं पौराणिक | फूलबासन की गाथा, पंडवानी की गाथा |
फूलबासन की गाथा में लक्ष्मण को 'जती जोगी' कहा गया है, जो बारह बरस जोग करते हैं; उनके लिए सात दोहरे का भोजन, बिना जोते खेत का चावल और हरी मूंग की दाल पकाने का वर्णन आता है।
मध्यकालीन लोकगाथाएँ
| वर्ग | गाथाएँ |
|---|---|
| प्रेमप्रधान | लोरिक-चंदा, ढोला-मारू |
| वीरगाथा | फूलकुँवर गाथा, गोपल्ला गीत |
| धार्मिक एवं पौराणिक | देवी की गाथा, सरवन, नगेसर कइना, दसमत कइना, कल्याण साय, रायसिंह का पवारा, आल्हा-उदल, सीताराम नायक, भैरव, रसालू |
मूल पाठ में विरोध
ऊपर की तालिका और कालानुसार चित्र में वर्गीकरण मेल नहीं खाता: राजा वीरसिंह तालिका में 'पुरुष प्रधान प्रेमगाथा' है, पर चित्र में आदिकालीन वीरगाथा; कल्याण साय, रायसिंह, आल्हा-उदल, सीताराम नायक तालिका में वीरगाथा हैं, पर चित्र में 'धार्मिक एवं पौराणिक' सूची में हैं; फूलकुंवर तालिका में स्त्री-प्रधान वीरगाथा है, चित्र में मध्यकालीन वीरगाथा। परीक्षा में प्रश्न के संदर्भ के अनुसार उत्तर दें।
तुलना एवं संबंध
| प्रकार | गाथाएँ |
|---|---|
| स्त्री प्रधान प्रेमगाथा | अहिमन रानी, केवला रानी, रेवा रानी, दसमत कइना |
| पुरुष प्रधान प्रेमगाथा | राजा वीरसिंह, ढोला-मारू, लोरिक-चंदा |
| पौराणिक | फूलबासन, सरवन, पंडवानी, भरथरी |
| अद्भुत | लछमन जती |
याद रखने योग्य बिंदु
- रेवा रानी का दूसरा नाम पवन रेखा है।
- दसमत कइना की नायिका दसमत ओड़निन है; राजा महमदेव दुर्ग के थे।
- लोरिक रीवा का और चंदा आरंग की नायिका है।
- पंडवानी का प्रधान पात्र भीम है।
- भरथरी में राजा भरथरी और रानी पिंगला हैं।
- सरवन गाथा में राजा दशरथ अन्य पात्र हैं।
- कल्याण साय की गाथा में जहांगीर आता है।
- गोपल्ला गीत में गोपाल राय और अकबर का उल्लेख है।
- गुजरी गहिरिन की गाथा में मिर्जा पठान अन्य पात्र है।
- सीताराम नायक-नगेसर कइना में रतनपुर और मल्हार का वर्णन है।
- आल्हा-उदल का संबंध घोड़ा नाच से बताया गया है।
- लछमन जती अद्भुत लोकगाथा है; कंवला इंद्र की बेटी है।
स्मरण सूत्र
'अहिमन-केवला-रेवा' तीनों रानियाँ = स्त्री प्रधान प्रेम। 'ढोला-लोरिक-वीरसिंह' = पुरुष प्रधान प्रेम।
स्वयं जाँचें
- प्र. पंडवानी का प्रधान पात्र? उ. भीम।
- प्र. ढोला-मारू में जादूगरनी कौन है? उ. रेवा।
- प्र. केवला रानी के साथ किस राजा का नाम है? उ. मदन सिंह (हरदी के राजा)।
- प्र. रायसिंह का पवारा किस प्रकार की गाथा है? उ. वीरगाथा (तालिका में)।
- प्र. फूलबासन के अन्य पात्र राजा कौन? उ. भौरागढ़ के राजा साल केवरा।
- प्र. लछमन जती में इंद्र की बेटी का नाम? उ. कंवला।