लोक महोत्सव एवं शासकीय महोत्सव
महोत्सव और लोकोत्सव राज्य की सांस्कृतिक पहचान हैं। परीक्षा में प्रायः 'कौन-सा महोत्सव किस जिले में', 'कब शुरू हुआ' और 'किस माह में' पूछा जाता है। पहले संभाग-वार सूची, फिर शासकीय महोत्सव व मेलों की माह-वार सूची दी गई है।
सरगुजा संभाग
| महोत्सव / मेला | स्थान |
|---|---|
| तातापानी महोत्सव | बलरामपुर (प्रारंभ 2012) |
| रामगढ़ महोत्सव | सरगुजा (आषाढ़ के प्रथम दिवस) |
| कुदरगढ़ महोत्सव | सूरजपुर |
| मैनपाट महोत्सव | मैनपाट, सरगुजा (प्रारंभ 2012) |
| कोरिया महोत्सव | बैकुण्ठपुर (प्रारंभ रामानुजप्रताप सिंह) |
| झुमका महोत्सव | कोरिया |
बिलासपुर संभाग
| महोत्सव / मेला | स्थान |
|---|---|
| चक्रधर समारोह | रायगढ़ |
| शिवरीनारायण महोत्सव | जांजगीर-चांपा |
| जाजल्यदेव महोत्सव | जांजगीर |
| मल्हार महोत्सव | बिलासपुर |
| रतनपुर महोत्सव | बिलासपुर |
| पाली महोत्सव | कोरबा |
| अरपा महोत्सव | गौरेला-पेंड्रा-मरवाही |
| राऊत नाचा महोत्सव | बिलासपुर (1978 से प्रारंभ) |
| मदकू मेला | दखान (बैतलपुर, मुंगेली); ईसाई मेला |
रायपुर संभाग
| महोत्सव / मेला | स्थान |
|---|---|
| चम्पारण मेला | रायपुर (वल्लभाचार्य जी की जयंती पर) |
| सोनाखान महोत्सव | सोनाखान (10 दिसम्बर; आदिवासी लोक महोत्सव) |
| सिरपुर महोत्सव | महासमुंद (बुद्ध पूर्णिमा) |
| करिया ध्रुव मेला | अर्जुनी, महासमुंद |
| खल्लारी महोत्सव | महासमुंद (नवरात्रि में) |
| कर्णेश्वर महादेव का मेला | धमतरी |
| शृंगी ऋषि का मेला | सिहावा, धमतरी (माघ पूर्णिमा) |
| पुन्नी मेला (पूर्व नाम कुंभ मेला) | राजिम (माघ माह) |
| कौशिल्या महोत्सव | चंद्रखुरी (रायपुर) |
| आरंग महोत्सव | आरंग (रायपुर) |
| जल-जगार महोत्सव | गंगरेल (धमतरी) |
दुर्ग संभाग
| महोत्सव / मेला | स्थान |
|---|---|
| नगपुरा महोत्सव | दुर्ग |
| डोंगरगढ़ महोत्सव | राजनांदगांव |
| भोरमदेव महोत्सव | कबीरधाम (1995) |
| गौरैया मेला | चौरेल, बालोद |
| अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन | डोंगरगढ़ (प्रतिवर्ष 6 फरवरी को; प्रारंभ 6 फरवरी 1992) |
| वीर मेला | राजाराव पठार (बालोद) |
| बेंदा मेला | कबीरधाम (मकर संक्रांति के अवसर पर) |
बस्तर संभाग
| महोत्सव / मेला | स्थान |
|---|---|
| गढ़िया महोत्सव | कांकेर |
| गढ़बासला चैतरई मेला | कांकेर |
| बस्तर दशहरा उत्सव | जगदलपुर |
| बस्तर लोकोत्सव | बस्तर |
| फागुन मड़ई मेला | कोण्डागांव |
| मड़ई महोत्सव | नारायणपुर |
| रामाराम मेला | सुकमा (नवाखाई के अवसर पर) |
| गोंचा पर्व महोत्सव | बस्तर (आषाढ़ माह); मानचित्र में आषाढ़ अमावस्या, जगदलपुर |
| ढोलकल महोत्सव | फरसपाल (दंतेवाड़ा) |
| दंतेश्वरी फागुन मड़ई उत्सव | दंतेवाड़ा (9 दिनों तक) |
ध्यान देने योग्य स्पष्टीकरण
- तातापानी और मैनपाट महोत्सव दोनों का प्रारंभ वर्ष 2012 दिया गया है।
- कोरिया महोत्सव का प्रारंभ रामानुजप्रताप सिंह के नाम से जुड़ा है।
- मूल पाठ के मानचित्र में राजिम का मेला 'कुंभ कल्प' के रूप में गरियाबंद के साथ, सोनाखान बलौदाबाजार के साथ, और मदकू का मेला 'मदकूद्वीप' नाम से मुंगेली के साथ दिखाया गया है।
- मानचित्र में कुछ अन्य नाम भी हैं: भोरमदेव (कवर्धा), नगपुरा (दुर्ग), लोकमड़ई (राजनांदगांव), रामाराम (सुकमा, नवाखाई)।
शासकीय महोत्सव एवं मेले: माह-वार सूची
माह और जिले के साथ क्रमबद्ध सूची, ताकि "कौन-सा मेला कब और कहाँ" जैसे प्रश्न आसानी से हल हों।
| माह | महोत्सव / मेला (जिला) |
|---|---|
| फरवरी | सिरपुर (महासमुंद); बिलासा व ताला (बिलासपुर); शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा); मोहलाई कबीर घाट मेला (दुर्ग) |
| फरवरी-मार्च | जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव (जांजगीर); मल्हार महोत्सव (बिलासपुर); मावली मेला (नारायणपुर) |
| मार्च | भोरमदेव (कबीरधाम); गढ़बासला चैतराई (कांकेर); फागुन मड़ई (कोंडागांव) |
| मार्च-अप्रैल | डोंगरगढ़ व लोक मड़ई (राजनांदगांव); खल्लारी (महासमुंद); नगपुरा (दुर्ग) |
| सितंबर | रतनपुर (बिलासपुर); चक्रधर समारोह (रायगढ़) |
| सितंबर-अक्टूबर | कुरुद दशहरा (धमतरी); गढ़िया महोत्सव (कांकेर) |
अन्य मेले
| मेला | जिला | माह |
|---|---|---|
| कुदरगढ़ | सरगुजा | जुलाई |
| रामगढ़ | सरगुजा | जून |
| करिया धुरवा मेला | महासमुंद | दिसंबर |
| दामाखेड़ा कबीरपंथी मेला | रायपुर | जनवरी-फरवरी |
| गौरैया मेला | दुर्ग | जनवरी |
तुलना एवं संबंध
| विषय | महोत्सव |
|---|---|
| सबसे पुराना वर्ष-सूचक | राऊत नाचा महोत्सव, बिलासपुर (1978) |
| 1990 के दशक की शुरुआत | अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन, डोंगरगढ़ (6 फरवरी 1992); भोरमदेव (1995) |
| 2012 में प्रारंभ | तातापानी (बलरामपुर), मैनपाट (सरगुजा) |
| आदिवासी/ईसाई | सोनाखान (10 दिसम्बर) आदिवासी लोक महोत्सव; मदकू मेला ईसाई मेला |
| महासमुंद जिले के | सिरपुर (बुद्ध पूर्णिमा / फरवरी), खल्लारी (नवरात्रि / मार्च-अप्रैल), करिया ध्रुव/धुरवा (दिसंबर) |
| धमतरी जिले के | कर्णेश्वर महादेव, शृंगी ऋषि, जल-जगार (गंगरेल), कुरुद दशहरा (सितंबर-अक्टूबर) |
| बिलासपुर | बिलासा, ताला (फरवरी); मल्हार महोत्सव (फरवरी-मार्च); रतनपुर (सितंबर) |
| दुर्ग | मोहलाई कबीर घाट (फरवरी); नगपुरा (मार्च-अप्रैल); गौरैया (जनवरी) |
| कांकेर | गढ़बासला चैतराई (मार्च); गढ़िया महोत्सव (सितंबर-अक्टूबर) |
| सरगुजा | रामगढ़ (जून); कुदरगढ़ (जुलाई) |
| राजनांदगांव | डोंगरगढ़ व लोक मड़ई (मार्च-अप्रैल) |
स्रोतों में अंतर/ध्यान दें: (1) कुदरगढ़ महोत्सव संभाग-सूची में सूरजपुर में है, जबकि माह-वार सूची में कुदरगढ़ मेला सरगुजा जिले में (जुलाई) दिया गया है। (2) गौरैया मेला एक स्थान पर चौरेल, बालोद में और दूसरे पर दुर्ग जिले (जनवरी) में दिया गया है। (3) करिया ध्रुव मेला एक स्थान पर अर्जुनी, महासमुंद और दूसरे पर महासमुंद (दिसंबर) में है। (4) सिरपुर महोत्सव एक मूल पाठ में बुद्ध पूर्णिमा से जुड़ा और दूसरे पर फरवरी में है; खल्लारी एक पर नवरात्रि में और दूसरे पर मार्च-अप्रैल में। (5) रामगढ़ का शैलचित्र स्थल भी सरगुजा में है और रामगढ़ मेला भी सरगुजा में (जून) बताया गया है; संभाग-सूची में रामगढ़ महोत्सव आषाढ़ के प्रथम दिवस बताया गया है। (6) कबीर से जुड़े दो मेले: मोहलाई कबीर घाट (दुर्ग, फरवरी) और दामाखेड़ा कबीरपंथी मेला (रायपुर, जनवरी-फरवरी)।
याद रखने योग्य बिंदु
- राऊत नाचा महोत्सव बिलासपुर में 1978 से।
- भोरमदेव महोत्सव कबीरधाम में 1995 से (माह-वार सूची में मार्च)।
- बौद्ध सम्मेलन डोंगरगढ़ में हर 6 फरवरी; शुरू 1992।
- तातापानी 2012 (बलरामपुर) और मैनपाट 2012 (सरगुजा)।
- चक्रधर समारोह रायगढ़ में, सितंबर।
- सोनाखान महोत्सव 10 दिसम्बर।
- गोंचा पर्व आषाढ़ में, बस्तर; दंतेश्वरी फागुन मड़ई 9 दिन, दंतेवाड़ा।
- फरवरी में सिरपुर, बिलासा, ताला, शिवरीनारायण और मोहलाई कबीर घाट मेले।
- जाज्वल्यदेव, मल्हार महोत्सव और मावली मेला (नारायणपुर) फरवरी-मार्च में।
- फागुन मड़ई कोंडागांव में मार्च; डोंगरगढ़ व लोक मड़ई राजनांदगांव में मार्च-अप्रैल।
- कुरुद दशहरा धमतरी में सितंबर-अक्टूबर।
- कुदरगढ़ जुलाई, रामगढ़ जून (सरगुजा); गौरैया मेला जनवरी।
स्मरण सूत्र
- राऊत 78, भोरमदेव 95, बौद्ध 92: 'राऊत सत्तर-आठ, बौद्ध बयानवे, भोरम पंचानवे'।
- महासमुंद: सिरपुर-खल्लारी-करिया।
- फरवरी: "सिर-बिला-ताला-शिव-मोहलाई" (सिरपुर, बिलासा, ताला, शिवरीनारायण, मोहलाई)।
- सरगुजा: "जून-रामगढ़, जुलाई-कुदरगढ़।"
स्वयं जाँचें
- प्रश्न: राऊत नाचा महोत्सव कब से, कहाँ? उत्तर: 1978 से, बिलासपुर।
- प्रश्न: बौद्ध सम्मेलन कब होता है? उत्तर: हर वर्ष 6 फरवरी, डोंगरगढ़।
- प्रश्न: चक्रधर समारोह किस जिले में और कब? उत्तर: रायगढ़; सितंबर।
- प्रश्न: मावली मेला कहाँ लगता है? उत्तर: नारायणपुर (फरवरी-मार्च)।
- प्रश्न: फागुन मड़ई और कुरुद दशहरा किन जिलों में? उत्तर: कोंडागांव (मार्च); धमतरी (सितंबर-अक्टूबर)।
- प्रश्न: मदकू मेला कौन-सा मेला है? उत्तर: ईसाई मेला, दखान (मुंगेली)।
अभ्यास प्रश्न
निम्नलिखित में से कौन से जोड़ी (राजकीय उत्सव एवं स्थान) सुमेलित है – (CG PSC-FI-2008)
- (A) भोरमदेव उत्सव राजनांदगांव
- (B) सिरपुर महोत्सव महासमुंद
- (C) लोक मंडई बिलासपुर रायगढ़
- (D) रामगढ़ उत्सव
छत्तीसगढ़ के सबसे लोकप्रिय उत्सवों में से एक “फागुन मड़ई” के महीने में शुरू होता है।
- (A) दिसंबर
- (B) अक्टूबर
- (C) मार्च
- (D) जुलाई
प्रसिद्ध शिवरीनारायण मेला किस माह में आयोजित होता है?
- (A) जनवरी
- (B) फरवरी
- (C) मार्च
- (D) अप्रैल
मल्हार महोत्सव राज्य के किस जिले में आयोजित होता है?
- (A) रायपुर
- (B) दुर्ग
- (C) बिलासपुर
- (D) सरगुजा
राज्य शासन द्वारा ‘गढ़िया महोत्सव’किस जिले में मनाया जाता है?
- (A) दंतेवाड़ा
- (B) कांकेर
- (C) कोरिया
- (D) रायगढ़
छत्तीसगढ़ में आदिवासी लोक महोत्सव निम्नलिखित में से किस स्थान पर कब बनाया जाता है ?
- (A) जगदलपुर, 20 नवंबर
- (B) सरगुजा, 21 जनवरी
- (C) सोनाखान, 10 दिसंबर
- (D) बस्तर, 1 नवंबर (CG PSC-ADVS-2013)
Q. जाजल्लदेव महोत्सव किस स्थान पर आयोजित होता है ?
- (A) कुरुद
- (B) कवर्धा
- (C) जांजगीर
- (D) जशपुर
इस राज्य में कर्णेश्वर मेला किस स्थान में लगता है ? (CG PSC-AMO-2017)
- (A) पाली
- (B) राजिम
- (C) धमतरी
- (D) डोंगरगढ
श्रृंगी ऋषि का मेला लगता है।
- (A) रायपुर में
- (B) राजनान्दगाँव में
- (C) धमतरी में
- (D) बस्तर में
कवर्धा जिले में आयोजित भोरमदेव महोत्सव की शुरूआत हुई ?
- (A) 1995
- (B) 2000
- (C) 2005
- (D) 2001
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (B) - सिरपुर महोत्सव महासमुंद में होता है।
- (C) - फागुन मड़ई कोंडागांव में मार्च में होती है।
- (B) - शिवरीनारायण मेला फरवरी में होता है।
- (C) - मल्हार महोत्सव बिलासपुर में होता है।
- (B) - गढ़िया महोत्सव कांकेर में होता है।
- (C) - सोनाखान में 10 दिसम्बर को आदिवासी लोक महोत्सव होता है।
- (C) - जाजल्यदेव महोत्सव जांजगीर में होता है।
- (C) - कर्णेश्वर महादेव का मेला धमतरी में लगता है।
- (C) - शृंगी ऋषि का मेला सिहावा, धमतरी में लगता है।
- (A) - भोरमदेव महोत्सव कबीरधाम में 1995 से शुरू हुआ।