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छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति, कला, साहित्य एवं खेल · Chapter 11
लोकनाट्य के प्रमुख कलाकार

लोकनाट्य के प्रमुख कलाकार

नाचा और रंगमंच को पहचान देने वाले पाँच-छह कलाकार परीक्षा में नियमित पूछे जाते हैं: उनके जन्म, संस्था, उपाधि और सम्मान याद रखना आवश्यक है।

कलाकारविवरण
दुलार सिंह मन्दराजीउपाधि: नाचा के भीष्म पितामह, प्रवर्तक व पुरोधा; जन्म 1 अप्रैल 1910, रवेली ग्राम (दुर्ग), सम्पन्न जमींदार परिवार; निधन 24 सितम्बर 1984; रवेली नाचा पार्टी 1928-29; मंडली में जयंती, फिदाबाई, साहूदास; प्रस्तुति रायपुर, दुर्ग, अम्बिकापुर, रायगढ़, टाटानगर, राजनांदगांव, जगदलपुर; लोककला महोत्सव भिलाई में सम्मानित (1984); राज्य शासन का 'दाऊ दुलार सिंह मंदराजी सम्मान'
दाऊ महासिंह चन्द्राकरउपाधि: छ.ग. लोककला के पुजारी; जन्म 1917; निवास आमदी (दुर्ग); सोनहा बिहान के संस्थापक; नरेन्द्रदेव वर्मा की रचना 'सुबह की तलाश' पर 'सोनहा बिहान' का मंचन; लोरिक-चंदा को खड़े साज शैली में प्रस्तुत कर नवाचार; केदार यादव, ममता चंद्राकर, कुलेश्वर ताम्रकार इस मंच की देन
दाऊ रामचंद्र देशमुखउपाधि: छ.ग. लोककला के उद्धारक; जन्म 1916, निधन 1998; बघेला ग्राम (दुर्ग); 1951 देहाती कला मंच; 1971 चंदैनी गोंदा; 1984 में पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी की कहानी 'कारी' अभिनित, जिससे ख्याति फैली; नवोदित: गीतकार विसम्भर यादव, लक्ष्मण मस्तुरिया; संगीतकार खुमान साव; गायक केदार यादव; अभिनेता भैया लाल हेड़ऊ
हबीब तनवीरजन्म 1923 रायपुर, निधन 2009 भोपाल; बचपन का नाम हबीब अहमद खान; हिन्दुस्तान थियेटर दिल्ली (1954), नया थियेटर भोपाल (1959); नाटक: चरण दास चोर (1975), आगरा बाजार (1954), माटी के गाड़ी; पद्मश्री 1983, पद्मभूषण 2002; राज्य पुरस्कार: हबीब तनवीर रंगमंच पुरस्कार व रंगधुनी सम्मान; नाचा को अंतरराष्ट्रीय ख्याति; 1945 में आकाशवाणी मुम्बई में कार्य
गोविन्द निर्मलकरजन्म 1935, निधन 2014; अभिनय: मिरजा सोहरत बेगम (1960), बहादुर कलारिन (1978), चारूदत्त और गणिका, बसंत सेना की प्रेम गाथा, मृच्छकटिकम, पोंगा पण्डित; 1960 में नया थियेटर के 'चरण दास चोर' में चोर की भूमिका; पद्मश्री 2009; 20 वर्ष में गुरु मदन निषाद के नेतृत्व में घुंघरू बाँधकर नाचा कलाकार
डोमार सिंह कुंवरनाचा के प्रसिद्ध कलाकार; निवासी बालोद; पद्मश्री 2023

स्रोत-विरोध

मूल पाठ में चरण दास चोर का वर्ष हबीब तनवीर के लिए 1975 और निर्मलकर के प्रसंग में 1960 दिया है; दोनों अलग संदर्भ (मंचन बनाम भूमिका) हो सकते हैं, पर सावधानी रखें। चंदैनी गोंदा की स्थापना का उल्लेख दो स्थानों पर 1971 है।

तुलना एवं संबंध

संस्थासंस्थापकनिवास/स्थान
रवेली नाचा पार्टीदुलार सिंह मंदराजीरवेली (दुर्ग)
सोनहा बिहानमहासिंह चन्द्राकरआमदी (दुर्ग)
चंदैनी गोंदारामचंद्र देशमुखबघेला (दुर्ग)
नया थियेटरहबीब तनवीरभोपाल

याद रखने योग्य बिंदु

  • मंदराजी का जन्म 1 अप्रैल 1910 को हुआ।
  • मंदराजी का निधन 24 सितम्बर 1984।
  • महासिंह चन्द्राकर आमदी के थे।
  • सोनहा बिहान 'सुबह की तलाश' पर आधारित।
  • रामचंद्र देशमुख बघेला के निवासी।
  • बख्शी की कहानी 'कारी' से चंदैनी गोंदा ख्यात हुई।
  • हबीब तनवीर का बचपन का नाम हबीब अहमद खान।
  • तनवीर को पद्मश्री 1983, पद्मभूषण 2002।
  • गोविन्द निर्मलकर को पद्मश्री 2009।
  • डोमार सिंह कुंवर बालोद के, पद्मश्री 2023।

स्मरण सूत्र

'मंदराजी-भीष्म, महासिंह-पुजारी, देशमुख-उद्धारक।' पद्मश्री वर्ष: 83-09-23 (तनवीर, निर्मलकर, कुंवर)।

स्वयं जाँचें

  1. प्र. नाचा के भीष्म पितामह? उ. दुलार सिंह मंदराजी।
  2. प्र. 'कारी' किसकी कहानी? उ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी की।
  3. प्र. तनवीर के जन्म व निधन स्थान? उ. रायपुर व भोपाल।
  4. प्र. निर्मलकर के गुरु? उ. मदन निषाद।
  5. प्र. छ.ग. लोककला के पुजारी? उ. दाऊ महासिंह चन्द्राकर।
  6. प्र. डोमार सिंह कुंवर को पद्मश्री कब? उ. 2023।

अभ्यास प्रश्न

  1. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी द्वारा लिखित नाटक 'कारी' का मंचन छत्तीसगढ़ के किस कलाकार ने किया था?

    • (A) रामचंद्र देशमुख
    • (B) केदार यादव
    • (C) दुलारसिंह मंदराजी
    • (D) महासिंह चंद्राकर
  2. छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोककला- सोनहा बिहान एवं लोरिक चंदा की प्रस्तुति निम्न में से किनके द्वारा की गई है?

    • (A) दाऊ रामचन्द्र देशमुख
    • (B) दाऊ दुलारसिंह मंदराजी
    • (C) दाऊ महासिंह चन्द्राकार
    • (D) तीजनबाई
  3. प्रसिद्ध नाटक चरणदास चोर के निर्देशक हैं?

    • (A) अशोक मिश्र
    • (B) हबीब तनवीर
    • (C) सफदर हाशमी
    • (D) दाउ रामचन्द्र देशमुख
  4. छत्तीसगढ़ में ‘नाचा’के भीष्म पितामह माने जाते हैं–

    • (A) भैय्यालाल हेडाऊ
    • (B) देवदास बंजारे
    • (C) दुलार सिंह मंदराजी
    • (D) दाऊ महासिंह चंद्राकर
  5. छत्तीसगढ़ देहाती कला मंच की स्थापना किसने की?

    • (A) हबीब तनवीर
    • (B) देवदास बंजारे
    • (C) रामचंद्र देशमुख
    • (D) महासिंह चंद्राकर
  6. प्रसिद्ध कलाकार खुमान साव किस संस्था से जुड़े रहे हैं?

    • (A) सोनहा- बिहान
    • (B) नवा- बिहान
    • (C) लोरिक चंदा
    • (D) चंदैनी गोंदा
  7. 1971 में प्रसिद्ध ‘चदैनी गोंदा’ की स्थापना किसने की?

    • (A) बलदेव बघेल
    • (B) दाउ रामचंद्र देशमुख
    • (C) तीजन बाई
    • (D) हबीब तनवीर
  8. छत्तीसगढ़ी लोक कला के मर्मज्ञ दाऊ रामचन्द्र देशमुख का निधन किस वर्ष में हुआ था?

    • (A) 1998
    • (B) 1995
    • (C) 1984
    • (D) 1988
  9. प्रसिद्ध कलाकार गोविन्द निर्मलकर किस क्षेत्र के ख्यातिलब्ध कलाकार हैं?

    • (A) संगीत
    • (B) छत्तीसगढ़ी नाचा पार्टी
    • (C) छत्तीसगढ़ी गायन
    • (D) पंथी नृत्य
  10. प्रसिद्ध रंगकर्मी हबीब तनवीर छत्तीसगढ़ के किस जिले के हैं?

    • (A) रायगढ़
    • (B) कवर्धा
    • (C) दुर्ग
    • (D) रायपुर

उत्तरमाला एवं व्याख्या

  1. (A) - बख्शी की कहानी 'कारी' दाऊ रामचंद्र देशमुख ने अभिनीत की।
  2. (C) - सोनहा बिहान और लोरिक-चंदा की प्रस्तुति दाऊ महासिंह चन्द्राकर ने की।
  3. (B) - चरण दास चोर हबीब तनवीर का नाटक है।
  4. (C) - दुलार सिंह मंदराजी नाचा के भीष्म पितामह हैं।
  5. (C) - 1951 में देहाती कला मंच रामचंद्र देशमुख ने बनाया।
  6. (D) - संगीतकार खुमान साव दाऊ रामचंद्र देशमुख के चंदैनी गोंदा से जुड़े थे।
  7. (B) - 1971 में चंदैनी गोंदा की स्थापना रामचंद्र देशमुख ने की।
  8. (A) - रामचंद्र देशमुख का जन्म 1916 और निधन 1998 में हुआ।
  9. (B) - गोविन्द निर्मलकर नाचा के कलाकार हैं।
  10. (D) - हबीब तनवीर का जन्म 1923 में रायपुर में हुआ।
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