नाचा एवं नाचा पार्टियाँ
लोकनाट्य में नृत्य, गान और अभिनय का समावेश होता है और वह सामान्य समारोह या कुरीतियों को उजागर करने के उद्देश्य से मंच पर प्रस्तुत किया जाता है। नाचा छत्तीसगढ़ का सर्वाधिक प्रचलित लोकनाट्य है।
नाचा का स्वरूप
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| अन्य नाम | छैला पार्टी, छैला नृत्य / नचौरी; बस्तर में नाचा (स्वांग) को झेरिया |
| प्राचीन नाम | 'पेखन' (प्रेक्षण/देखना से) |
| प्रारंभ | मराठा काल में |
| समरूपता | महाराष्ट्र के तमाशा से |
| कलाकार | मूलतः पुरुष, अब महिलाएँ भी; महिला की भूमिका निभाने वाला 'नाच्या'; कहीं-कहीं देवार जाति की महिलाएँ; जोक्कड़ एवं परी की अहम भूमिका |
| स्थल | गाँव का चौपाल, मैदान, चौक-चौराहे |
| विषय | प्रहसन एवं व्यंग्य; सामाजिक कुरीतियों व ढोंग का अंत; गायन, वादन, नृत्य, अभिनय, संवाद |
| स्वरूप | बैठे साज; खड़े साज (वर्तमान में सर्वाधिक प्रचलित) |
| पितामह | दुलार सिंह मंदराजी; रवेली नाचा पार्टी छ.ग. की प्रथम |
नाचा पार्टी/संस्थान
| संस्था | संस्थापक |
|---|---|
| रवेली नाचा पार्टी (1928-29) | दुलार सिंह मंदराजी |
| छ.ग. देहाती कला मंच (1951) | रामचन्द्र देशमुख |
| हिन्दुस्तान थियेटर (1954), नया थियेटर (1959) | हबीब तनवीर |
| चंदैनी गोंदा नाचा पार्टी (1971) | दाऊ रामचन्द्र देशमुख |
| सोनहा बिहान | दाऊ महासिंह चन्द्राकर |
| चिन्हारी नाचा पार्टी | ममता चन्द्राकर |
| मटेवा नाचा पार्टी | नाइकदास एवं झुमुकदास |
| सिंगनी नाचा पार्टी | ठाकुर राम |
| रायपुर लोक-कला मंच | पी. आर. उरांव |
| अवंतिका (1973-1974) | मिर्जा मसूद |
| रंग छत्तीसा | पूनम विराट तिवारी |
नोट: चंदैनी गोंदा नाचा पार्टी तथा लोरिक चंदा पार्टी दोनों अलग-अलग हैं।
तुलना एवं संबंध
| संस्था | वर्ष | संस्थापक |
|---|---|---|
| रवेली | 1928-29 | मंदराजी |
| देहाती कला मंच | 1951 | रामचन्द्र देशमुख |
| चंदैनी गोंदा | 1971 | रामचन्द्र देशमुख |
| नया थियेटर | 1959 | हबीब तनवीर |
याद रखने योग्य बिंदु
- नाचा का प्राचीन नाम पेखन है।
- नाचा मराठा काल में आरंभ माना जाता है।
- महाराष्ट्र के तमाशा से समरूपता।
- बस्तर में नाचा को झेरिया कहते हैं।
- महिला भूमिका करने वाले पुरुष को नाच्या कहते हैं।
- जोक्कड़ एवं परी की अहम भूमिका।
- खड़े साज वर्तमान में सर्वाधिक प्रचलित।
- रवेली नाचा पार्टी छ.ग. की प्रथम है।
- चंदैनी गोंदा 1971 में बनी।
- अवंतिका के संस्थापक मिर्जा मसूद हैं।
स्मरण सूत्र
'रवेली-मंदराजी, चंदैनी-देशमुख, नया-तनवीर, सोनहा-चन्द्राकर।'
स्वयं जाँचें
- प्र. नाचा का प्राचीन नाम? उ. पेखन।
- प्र. छ.ग. की प्रथम नाचा पार्टी? उ. रवेली नाचा पार्टी।
- प्र. रंग छत्तीसा के संस्थापक? उ. पूनम विराट तिवारी।
- प्र. मटेवा नाचा पार्टी के संस्थापक? उ. नाइकदास एवं झुमुकदास।
- प्र. नाच्या किसे कहते हैं? उ. नाचा में महिला की भूमिका करने वाले पुरुष को।
- प्र. सिंगनी नाचा पार्टी किसकी? उ. ठाकुर राम।
अभ्यास प्रश्न
‘नया थियेटर’ नाट्य संस्था किसने स्थापित की थी?
- (A) दुलार सिंह मंदराजी
- (B) दाऊ महासिंह चन्द्राकर
- (C) हबीब तनवीर
- (D) रामचन्द्र देशमुख
‘सोनहा-विहान’ के संस्थापक कौन थे? ।
- (A) मनिराम साहू
- (B) रामचन्द्र देशमुख
- (C) देवदास बंजारे
- (D) दाऊ महासिंह चन्द्राकर
चंदैनी गोंदा के संस्थापक कौन थे?
- (A) दाऊ मंदरा सिंह
- (B) दाऊ रामचन्द्र देशमुख
- (C) हबीब तनवीर
- (D) शकर शेष
‘चंदैनी गोंदा’निम्नलिखित में से किसकी प्रस्तुति थी ?
- (A) रामचन्द्र देशमुख
- (B) सतीश जैन
- (C) हबीब तनवीर
- (D) हरि ठाकुर
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (C) - नया थियेटर (1959) के संस्थापक हबीब तनवीर हैं।
- (D) - सोनहा बिहान के संस्थापक दाऊ महासिंह चन्द्राकर हैं।
- (B) - चंदैनी गोंदा (1971) के संस्थापक दाऊ रामचन्द्र देशमुख हैं।
- (A) - चंदैनी गोंदा नाचा पार्टी के संस्थापक दाऊ रामचन्द्र देशमुख हैं।
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