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छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति, कला, साहित्य एवं खेल · Chapter 9
नाचा एवं नाचा पार्टियाँ

नाचा एवं नाचा पार्टियाँ

लोकनाट्य में नृत्य, गान और अभिनय का समावेश होता है और वह सामान्य समारोह या कुरीतियों को उजागर करने के उद्देश्य से मंच पर प्रस्तुत किया जाता है। नाचा छत्तीसगढ़ का सर्वाधिक प्रचलित लोकनाट्य है।

नाचा का स्वरूप

बिंदुविवरण
अन्य नामछैला पार्टी, छैला नृत्य / नचौरी; बस्तर में नाचा (स्वांग) को झेरिया
प्राचीन नाम'पेखन' (प्रेक्षण/देखना से)
प्रारंभमराठा काल में
समरूपतामहाराष्ट्र के तमाशा से
कलाकारमूलतः पुरुष, अब महिलाएँ भी; महिला की भूमिका निभाने वाला 'नाच्या'; कहीं-कहीं देवार जाति की महिलाएँ; जोक्कड़ एवं परी की अहम भूमिका
स्थलगाँव का चौपाल, मैदान, चौक-चौराहे
विषयप्रहसन एवं व्यंग्य; सामाजिक कुरीतियों व ढोंग का अंत; गायन, वादन, नृत्य, अभिनय, संवाद
स्वरूपबैठे साज; खड़े साज (वर्तमान में सर्वाधिक प्रचलित)
पितामहदुलार सिंह मंदराजी; रवेली नाचा पार्टी छ.ग. की प्रथम

नाचा पार्टी/संस्थान

संस्थासंस्थापक
रवेली नाचा पार्टी (1928-29)दुलार सिंह मंदराजी
छ.ग. देहाती कला मंच (1951)रामचन्द्र देशमुख
हिन्दुस्तान थियेटर (1954), नया थियेटर (1959)हबीब तनवीर
चंदैनी गोंदा नाचा पार्टी (1971)दाऊ रामचन्द्र देशमुख
सोनहा बिहानदाऊ महासिंह चन्द्राकर
चिन्हारी नाचा पार्टीममता चन्द्राकर
मटेवा नाचा पार्टीनाइकदास एवं झुमुकदास
सिंगनी नाचा पार्टीठाकुर राम
रायपुर लोक-कला मंचपी. आर. उरांव
अवंतिका (1973-1974)मिर्जा मसूद
रंग छत्तीसापूनम विराट तिवारी

नोट: चंदैनी गोंदा नाचा पार्टी तथा लोरिक चंदा पार्टी दोनों अलग-अलग हैं।

तुलना एवं संबंध

संस्थावर्षसंस्थापक
रवेली1928-29मंदराजी
देहाती कला मंच1951रामचन्द्र देशमुख
चंदैनी गोंदा1971रामचन्द्र देशमुख
नया थियेटर1959हबीब तनवीर

याद रखने योग्य बिंदु

  • नाचा का प्राचीन नाम पेखन है।
  • नाचा मराठा काल में आरंभ माना जाता है।
  • महाराष्ट्र के तमाशा से समरूपता।
  • बस्तर में नाचा को झेरिया कहते हैं।
  • महिला भूमिका करने वाले पुरुष को नाच्या कहते हैं।
  • जोक्कड़ एवं परी की अहम भूमिका।
  • खड़े साज वर्तमान में सर्वाधिक प्रचलित।
  • रवेली नाचा पार्टी छ.ग. की प्रथम है।
  • चंदैनी गोंदा 1971 में बनी।
  • अवंतिका के संस्थापक मिर्जा मसूद हैं।

स्मरण सूत्र

'रवेली-मंदराजी, चंदैनी-देशमुख, नया-तनवीर, सोनहा-चन्द्राकर।'

स्वयं जाँचें

  1. प्र. नाचा का प्राचीन नाम? उ. पेखन।
  2. प्र. छ.ग. की प्रथम नाचा पार्टी? उ. रवेली नाचा पार्टी।
  3. प्र. रंग छत्तीसा के संस्थापक? उ. पूनम विराट तिवारी।
  4. प्र. मटेवा नाचा पार्टी के संस्थापक? उ. नाइकदास एवं झुमुकदास।
  5. प्र. नाच्या किसे कहते हैं? उ. नाचा में महिला की भूमिका करने वाले पुरुष को।
  6. प्र. सिंगनी नाचा पार्टी किसकी? उ. ठाकुर राम।

अभ्यास प्रश्न

  1. ‘नया थियेटर’ नाट्य संस्था किसने स्थापित की थी?

    • (A) दुलार सिंह मंदराजी
    • (B) दाऊ महासिंह चन्द्राकर
    • (C) हबीब तनवीर
    • (D) रामचन्द्र देशमुख
  2. ‘सोनहा-विहान’ के संस्थापक कौन थे? ।

    • (A) मनिराम साहू
    • (B) रामचन्द्र देशमुख
    • (C) देवदास बंजारे
    • (D) दाऊ महासिंह चन्द्राकर
  3. चंदैनी गोंदा के संस्थापक कौन थे?

    • (A) दाऊ मंदरा सिंह
    • (B) दाऊ रामचन्द्र देशमुख
    • (C) हबीब तनवीर
    • (D) शकर शेष
  4. ‘चंदैनी गोंदा’निम्नलिखित में से किसकी प्रस्तुति थी ?

    • (A) रामचन्द्र देशमुख
    • (B) सतीश जैन
    • (C) हबीब तनवीर
    • (D) हरि ठाकुर

उत्तरमाला एवं व्याख्या

  1. (C) - नया थियेटर (1959) के संस्थापक हबीब तनवीर हैं।
  2. (D) - सोनहा बिहान के संस्थापक दाऊ महासिंह चन्द्राकर हैं।
  3. (B) - चंदैनी गोंदा (1971) के संस्थापक दाऊ रामचन्द्र देशमुख हैं।
  4. (A) - चंदैनी गोंदा नाचा पार्टी के संस्थापक दाऊ रामचन्द्र देशमुख हैं।
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