जनजातियों में प्रचलित विवाह के प्रकार
जनजातीय समाज में विवाह के अनेक रूप हैं, जिनके नाम कहीं जनजाति के नाम से और कहीं प्रक्रिया से जुड़े हैं। पुस्तक ने पहले सामान्य विवाह (एकल और बहु), फिर अधिमान्य विवाह और फिर बीस विशिष्ट प्रकारों तथा जनजाति-वार तालिका को दिया है।
इस अध्याय का उद्देश्य है कि आप हर विवाह-नाम को उसकी प्रक्रिया और उससे जुड़ी जनजाति के साथ याद कर सकें। सीजीपीएससी और व्यापम में लमसेना, पैठू, गुरावट, दूध लौटावा, अपहरण जैसे नामों पर प्रश्न नियमित आते हैं।
प्रचलित सामान्य विवाह
पुस्तक के आरेख के अनुसार सामान्य विवाह के दो वर्ग हैं। एकल विवाह (Monogamy) में साली/पत्नी-भगिनी विवाह तथा देवर/पति-भ्राता विवाह जैसे रूप दिखाए गए हैं। बहु विवाह (Polygamy) के दो भाग हैं: बहुपति विवाह (Polyandry) और बहुपत्नी विवाह (Polygyny)। बहुपति विवाह के तीन रूप बताए गए हैं: भ्रातृ, अभ्रातृ और समूह विवाह।
एक पूर्व प्रश्न में "बहुविवाह हो सकता है" के विकल्पों में पॉलीएंड्री और पॉलीजिनी चुनना (विकल्प 1 व 2) सही उत्तर बताया गया है, मोनोगेमी बहुविवाह नहीं है।
अधिमान्य विवाह (Preferential Marriages)
- ममेरे और फुफेरे भाई-बहनों का विवाह (Cross cousin) - इसे दूध लौटावा विवाह कहा गया है।
- मौसेरे और चचेरे भाई-बहनों का विवाह (Parallel cousin)।
- साली और भाभी विवाह (Sororate और Levirate)।
पुस्तक के अनुसार मोनोगेमी अधिमान्य विवाह का प्रकार नहीं है।
बीस विशिष्ट विवाह-प्रकार
| क्र. | विवाह | जनजाति / प्रक्रिया / विशेष |
|---|---|---|
| 1 | पैडुल/चढ़ विवाह | गोंड; लड़का लड़की के घर बारात लेकर जाता है |
| 2 | पठौनी विवाह | गोंड; लड़की बारात लेकर लड़के के घर जाती है, विवाह लड़के के घर के मंडप में होता है |
| 3 | हठ विवाह / पैठुल विवाह | लड़की जबरदस्ती लड़के के घर जाकर विवाह करती है; बैगा में पैदू/पैठुल; पहाड़ी कोरवा और अगरिया में ढुकू विवाह; अबूझमाड़िया में ओड़ियत्ता विवाह |
| 4 | भगेली/पोटा/गंधर्व विवाह | गोंड; लड़की लड़के के घर जबरदस्ती जाकर रहती है |
| 5 | गंधर्व/प्रेम/सह-पलायन विवाह | परजा; पलायन कर विवाह; अबूझमाड़िया में इसे बिथेर विवाह कहते हैं |
| 6 | मरम्मत विवाह | दूसरी जाति में भागकर विवाह के बाद घर वाले पुनः रीति-रिवाज से विवाह करवाते हैं |
| 7 | क्रय/पारिंगधन विवाह | वर द्वारा वधू पक्ष को उपहार स्वरूप सामान देकर विवाह |
| 8 | छुट्टा विवाह | विवाह का खर्च वर पक्ष उठाता है |
| 9 | सेवा/चरधिया/लमसेना विवाह | गोंड; वर वधू मूल्य चुकाने हेतु ससुराल में सेवा देता है; उपनाम चरधिया (गोंड), घरजन (कंवर), घरजिया (बिंझवार/भतरा) |
| 10 | विनिमय/गुरांवट विवाह | वर-वधू का आदान-प्रदान; बिरहोर में गोलत विवाह |
| 11 | दूध लौटावा विवाह | गोंड; ममेरे-फुफेरे भाई-बहन का विवाह |
| 12 | अपहरण/पायसोतुर विवाह | गोंड; युवक द्वारा युवती का अपहरण कर विवाह |
| 13 | अरउतो विवाह | विधवा विवाह/चुरीपहनाई/हल्दी-पानी विवाह; हल्दी-पानी = विधुर पुनर्विवाह; गवन विवाह = बाल्यकाल में विधवा कन्या का विवाह; कोरकू में स्त्री पुनर्विवाह को पाटो विवाह |
| 14 | महुआ विवाह | उचित वर न मिलने पर महुआ या चार वृक्ष से विवाह रस्म |
| 15 | कांड विवाह | भुंजिया; लड़कियों का विवाह पूर्व; रस्में कांडाबरा |
| 16 | तीर विवाह | बिंझवार; लड़की का तीर के साथ विवाह |
| 17 | खड़ोनी विवाह | पुनर्विवाह (बैगा में प्रचलित) |
| 18 | सोपनी विवाह | जनजातियों में प्रचलित पारम्परिक विवाह |
| 19 | उदलिया विवाह | भतरा; विवाहित स्त्री अन्य पुरुष से विवाह करे तो पहले पति को सूक/खर्ची वापस करना पड़ता है |
| 20 | बरोखी विवाह | भूमिज |
स्रोत की विसंगति: पुस्तक में पैठुल शब्द दो जगह दिखता है: क्रम 3 (हठ विवाह) के नाम में "पैठुल" और क्रम 1 में गोंड का "पैडुल/चढ़" विवाह। ये अलग विवाह हैं (एक में लड़की जबरदस्ती आती है, दूसरे में बारात लड़की के घर जाती है), इसलिए लिखावट की समानता से भ्रमित न हों। इसी प्रकार क्रम 3 में बैगा का शब्द "पैदू/पैठुल" और कोरवा तालिका में "पैठू" दिखता है; पृष्ठ पर लिखावट में मामूली अंतर है।
विशेष बिंदु
- कांड का अर्थ तीर है; इसे कांड विवाह कहा जाता है और रस्मों को कांडाबरा (पुष्प विवाह)। यह अबूझमाड़ियों में कौमार्य संस्कार से संबंधित है।
- जनजातियों में वधू मूल्य को "सूक या खर्ची" कहा जाता है।
- मुरिया जनजाति में महिला सगाई को क्या कहा जाता है, यह पृष्ठ पर एक अलग पंक्ति में है, पर शब्द स्पष्ट पढ़ने योग्य नहीं है, इसलिए यहाँ नहीं दिया गया।
जनजाति-वार संबंधित विवाह
| जनजाति | संबंधित विवाह |
|---|---|
| गोंड | पैडुल/चढ़, पठौनी, भगेली/पोटा/गंधर्व, सेवा/चरधिया/लमसेना, दूध लौटावा, अपहरण/पायसोतुर |
| बैगा | ढुकू, उढ़रिया, गोलत, चूड़ी पहनना, खड़ोनी |
| अबूझमाड़िया | बिधेर/बिथेर, ओड़ियत्ता, चूड़ी पहनना, तालको वायता, लमसेना |
| कोरवा | ढुकू, गुरांवट, लमसेना, उढ़रिया, मंगी, पैठू |
| बिरहोर | ढुकू, उढ़रिया, गोलत |
| भुंजिया | दूध लौटावा, चूड़ी, विधवा, पैठू, पलायन, लमसेना |
| पण्डो, भूमिज | बरोकी |
| कंवर | घरजन (लमसेना) |
| बिंझवार | घरजिया (लमसेना) |
ध्यान दें कि इस तालिका में अबूझमाड़िया के लिए चूड़ी पहनना और तालको वायता जैसे नाम हैं जो ऊपर की बीस-प्रकार वाली सूची में नहीं आते; ये अलग से याद रखें।
तुलना एवं संबंध
| प्रक्रिया | सामान्य नाम | अन्य जनजातीय नाम |
|---|---|---|
| लड़की का जबरदस्ती लड़के के घर आना | हठ/पैठुल | बैगा - पैदू; पहाड़ी कोरवा/अगरिया - ढुकू; अबूझमाड़िया - ओड़ियत्ता; गोंड - भगेली |
| प्रेम/सह-पलायन | गंधर्व | अबूझमाड़िया - बिथेर; परजा में गंधर्व |
| ससुराल में सेवा | लमसेना | चरधिया (गोंड), घरजन (कंवर), घरजिया (बिंझवार/भतरा) |
| आदान-प्रदान | गुरांवट | गोलत (बिरहोर) |
| पुनर्विवाह | अरउतो | खड़ोनी (बैगा), पाटो (कोरकू) |
याद रखने योग्य बिंदु
- बहुपति और बहुपत्नी दोनों बहुविवाह हैं, मोनोगेमी नहीं।
- मोनोगेमी अधिमान्य विवाह में नहीं गिनी गई।
- दूध लौटावा = ममेरे-फुफेरे भाई-बहन का विवाह (गोंड)।
- पैडुल में बारात लड़की के घर, पठौनी में लड़की बारात लेकर लड़के के घर।
- लमसेना में वर ससुराल में सेवा देता है।
- गुरांवट = विनिमय विवाह।
- तीर विवाह बिंझवार में।
- कांड विवाह भुंजिया में।
- उदलिया विवाह भतरा में।
- बरोखी विवाह भूमिज में।
- ढुकू विवाह पहाड़ी कोरवा/अगरिया में।
- अरउतो = विधवा विवाह।
- वधू मूल्य = सूक या खर्ची।
- महुआ विवाह - उचित वर न मिलने पर।
स्मरण सूत्र
- "पैडुल पहुँचा, पठौनी पहुँची" - पैडुल में बारात जाती है, पठौनी में लड़की जाती है।
- "लमसेना = ल से लगे रहना" - ससुराल में सेवा।
- "तीर-बिंझवार, कांड-भुंजिया, उदलिया-भतरा, बरोखी-भूमिज"
परीक्षा में कैसे पूछा जाता है
सबसे अधिक प्रश्न विवाह के नाम और उसकी प्रक्रिया या जनजाति के जोड़ी-मिलान पर आते हैं।
पूर्व प्रश्नों में सेवा/लमसेना, गुरांवट, दूध लौटावा, अपहरण और हठ विवाह के प्रश्न बार-बार दिखते हैं।
सैद्धांतिक प्रश्न: पॉलीएंड्री, पॉलीजिनी, मोनोगेमी और अधिमान्य विवाह में कौन नहीं।
स्वयं जाँचें
- प्रश्न: तीर विवाह किस जनजाति में? उत्तर: बिंझवार
- प्रश्न: लमसेना विवाह में क्या होता है? उत्तर: वर ससुराल में सेवा देता है
- प्रश्न: दूध लौटावा किनका विवाह? उत्तर: ममेरे-फुफेरे भाई-बहन
- प्रश्न: बहुपति विवाह के तीन रूप? उत्तर: भ्रातृ, अभ्रातृ, समूह
- प्रश्न: वधू मूल्य को क्या कहा जाता है? उत्तर: सूक या खर्ची
अभ्यास प्रश्न
Q.तीर विवाह किस जनजाति में प्रचलित है ?
- (A) मारिया
- (B) माड़िया
- (C) बिंझवार
- (D) खैरवार
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (C) - तीर विवाह बिंझवार जनजाति में प्रचलित है, जिसमें लड़की का तीर से विवाह होता है।