अनुसूचित जनजाति जनगणना 2011: जनसंख्या, लिंगानुपात, साक्षरता
यह अध्याय जनगणना 2011 के आधार पर छत्तीसगढ़ की अनुसूचित जनजाति का आँकड़ा-आधारित परिचय है। इसमें कुल जनसंख्या, प्रतिशत, जिलेवार उच्चतम-निम्नतम, लिंगानुपात के कारण और जनजातिवार साक्षरता शामिल है। CGPSC, व्यापम, पटवारी परीक्षाओं में संख्या-आधारित सीधे प्रश्न इसी भाग से बनते हैं।
राज्य की सामान्य स्थिति
| बिंदु | आँकड़ा |
|---|---|
| कुल जनसंख्या | 78,22,902 (पुरुष 38.73 लाख, महिला 39.49 लाख) |
| देश की जनसंख्या में हिस्सा | 6.2 प्रतिशत |
| राज्य की जनसंख्या में अनुसूचित जनजाति | 30.62 प्रतिशत |
| देश में स्थान (जनसंख्या) | सातवाँ |
| देश में स्थान (प्रतिशत) | आठवाँ |
| लिंगानुपात | 1,020 |
| साक्षरता | 59.09 प्रतिशत (पुरुष 69.67, महिला 48.76) |
| सबसे बड़ी जनजाति | गोंड |
| सर्वाधिक साक्षर / न्यूनतम साक्षर | हल्बा / सौंता |
पुस्तक में सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य-स्थान इस प्रकार दिया है: जनसंख्या में 28 राज्यों में 7वाँ स्थान, जिसमें मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, गुजरात, झारखंड के बाद छत्तीसगढ़ है। प्रतिशत में 28 राज्यों में 8वाँ, जहाँ मिजोरम, नागालैंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, सिक्किम, त्रिपुरा के बाद छत्तीसगढ़ आता है।
गोंड जनजाति के आँकड़े
- गोंड को राज्य की सबसे प्रमुख, सबसे पुरानी और लोकप्रिय जनजाति तथा राज्य का सबसे बड़ा जनजाति समूह कहा गया है।
- छत्तीसगढ़ में 42 प्रकार की जनजातियों की 161 उप-जातियाँ बताई गई हैं।
- गोंड की सर्वाधिक 41 उपजातियाँ भारत में हैं, किंतु छत्तीसगढ़ में 30 उपजातियाँ ही निवास करती हैं।
- राज्य की जनजाति जनसंख्या में गोंड 42,98,404 हैं।
- राज्य के कुल जनजाति प्रतिशत का 56 प्रतिशत गोंड का है।
- राज्य की कुल जनसंख्या का 17.57 प्रतिशत गोंड हैं।
निवास के बारे में पुस्तक कहती है कि मध्य छत्तीसगढ़ की अपेक्षा उत्तर एवं दक्षिण छत्तीसगढ़ में जनजातियाँ प्रमुखतः निवास करती हैं। बस्तर को जनजातियों की भूमि कहा गया है। जशपुर जिले में जनजातियों की जनसंख्या सर्वाधिक बताई गई है। साथ ही एक सामान्य संस्कृति को जनजाति की विशेषता कहा गया है।
जनसंख्या का ग्रामीण-शहरी विभाजन
| वर्ग | कुल | पुरुष | महिला |
|---|---|---|---|
| अनुसूचित जनजाति | 78,22,902 | 38,73,191 | 39,49,711 |
| ग्रामीण | 72,31,082 | 35,77,134 | 36,53,948 |
| शहरी | 5,91,820 | 2,96,057 | 2,95,763 |
आधे से अधिक जनजाति वाले 10 जिले
| क्रम | जिला |
|---|---|
| 1 | सुकमा |
| 2 | बीजापुर |
| 3 | नारायणपुर |
| 4 | दंतेवाड़ा |
| 5 | कोण्डागांव |
| 6 | बलरामपुर |
| 7 | बस्तर |
| 8 | जशपुर |
| 9 | सरगुजा |
| 10 | कांकेर |
जिलेवार जनसंख्या (उच्चतम-निम्नतम)
| आधार | जिले |
|---|---|
| 2011, 18 जिलों पर आधारित: सर्वाधिक | सरगुजा (13,00,628), बस्तर (9,31,780), जशपुर (5,30,378) |
| 2011, 18 जिलों पर आधारित: न्यूनतम | नारायणपुर (1,08,161), कबीरधाम (1,67,048), जांजगीर-चांपा (1,87,196) |
| 27 जिलों के आधार पर वर्तमान: सर्वाधिक | जशपुर (5.30 लाख), बस्तर (5.20 लाख), रायगढ़ (5.05 लाख) |
| 27 जिलों के आधार पर वर्तमान: न्यूनतम | बेमेतरा (37 हजार), मुंगेली (72 हजार), रायपुर (93 हजार) |
जिलेवार प्रतिशत
| आधार | जिले (प्रतिशत) |
|---|---|
| 18 जिले: सर्वाधिक | बीजापुर (80.00), नारायणपुर (77.36), दंतेवाड़ा (76.88) |
| 18 जिले: न्यूनतम | जांजगीर (11.56), रायपुर (11.72), दुर्ग (11.88) |
| 27 जिले (वर्तमान): सर्वाधिक | सुकमा (83.47), बीजापुर (80.00), नारायणपुर (77.36) |
| 27 जिले (वर्तमान): न्यूनतम | रायपुर (4.30), बेमेतरा (4.67), दुर्ग (5.88) |
यहाँ ध्यान दें कि जनसंख्या और प्रतिशत के शीर्ष जिले अलग-अलग हैं और 18 जिलों तथा 27 जिलों का आधार भी अलग है। इसी कारण पूल के कई प्रश्न (जैसे सर्वाधिक जनजाति जनसंख्या वाला जिला) एक ही उत्तर पर टिकते नहीं। पुस्तक के अनुसार 27 जिलों में जनसंख्या में जशपुर पहले स्थान पर है, जबकि प्रतिशत में सुकमा।
लिंगानुपात
| वर्ग | प्रति 1000 पुरुष |
|---|---|
| कुल | 1020 |
| ग्रामीण | 1021 |
| शहरी | 999 |
| छत्तीसगढ़ का राज्य कुल | 991 |
| 0-6 वर्ष जनजाति | 992 |
| 0-6 वर्ष राज्य औसत | 969 |
| स्थिति (27 जिले) | जिले |
|---|---|
| सर्वाधिक | दंतेवाड़ा (1067), बालोद (1049), कोंडागांव (1046) |
| न्यूनतम | रायपुर (974), दुर्ग (976), बलरामपुर (988) |
1000 से अधिक जनजाति लिंगानुपात वाले 21 जिले बताए गए हैं: दंतेवाड़ा 1067, बालोद 1049, कोण्डागांव 1046, राजनांदगांव 1046, सुकमा 1041, गरियाबंद 1038, बलौदाबाजार 1038, महासमुंद 1038, बस्तर 1035, धमतरी 1034, कांकेर 1034, बेमेतरा 1026, कबीरधाम 1022, नारायणपुर 1021, जशपुर 1019, रायगढ़ 1019, मुंगेली 1012, बीजापुर 1011, जांजगीर-चांपा 1009, बिलासपुर 1008, कोरबा 1004।
पुस्तक में डॉ. मरकाम द्वारा बताए गए कारण: दंडकारण्य में स्त्रियाँ अधिक और पुरुष कम; निम्न साक्षरता के कारण भ्रूण हत्या नहीं; नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने से युवक सुरक्षा बल में; नशापान के कारण पुरुष शिशु मृत्यु दर अधिक; पिछड़े होने से पुरुष रोजगार के लिए पास के राज्यों में; अधिक कार्य तथा लंबे समय बाद घर वापसी से हृदयघात, कैंसर जैसी बीमारियाँ।
जनसंख्या के आधार पर जनजाति वर्गीकरण (2011)
| वर्ग | जनजातियाँ |
|---|---|
| 25 लाख से अधिक | गोंड एवं उपजातियाँ 42,98,404 |
| 10 से 25 लाख | कोई जनजाति नहीं |
| 5 से 10 लाख | कंवर 8,87,477; उरांव 7,48,789 |
| 1 से 5 लाख | हल्बा 3,75,182; भतरा 2,13,900; संवरा 1,30,709; कोरवा 1,29,429; बिंझवार 1,19,718; नगेशिया 1,14,532; भूमिया/भुईहर 1,13,967 |
| 50 हजार से 1 लाख | बैगा 88,317; खैरवार 79,816; अगरिया 67,196; माझी 65,027; भैना 55,975; मझवार 55,320; धनवार 50,995 |
| 25 से 50 हजार | खरिया 49,032; पहाड़ी कोरवा 44,026; पंडो 31,814; कमार 26,622 |
| 10 से 25 हजार | अबूझमाड़िया 23,330; कोल 20,873; मुण्डा 15,095; पारधी/शिकारी/बहेलिया 13,476; पाव 12,729; परधान 11,111; कोंध 10,991; भुंजिया 10,603 |
| 5 से 10 हजार | गदबा 8,535; बियार 5,525 |
| 1 से 5 हजार | सौंता 3,502; बिरहोर 3,490; परजा 1,212 |
| 1 हजार से कम | भील 547; कोरकू 484; कोलाम 402; सौर 228; मावासी 203; सहरीया 165; भील (मीणा) 71; डामोर 56; कारकू 22; अंध 21; सोंर 17 |
पुस्तक की इसी सूची में कोरकू (484) और कारकू (22) अलग पंक्तियों में हैं, तथा भील (547) और भील (मीणा) (71) भी। पुस्तक के अनुसार ये अलग प्रविष्टियाँ हैं; यहाँ उन्हें जैसा है वैसा रखा गया है। इस सूची में दोरला, माड़िया, कंडरा आदि अलग नहीं दिखते, क्योंकि पुस्तक के अनुसार माड़िया आदि गोंड की उपजाति में गिने जा सकते हैं (माड़िया को पुस्तक में गोंड की उपजाति कहा गया है)।
साक्षरता के आधार पर
| वर्ग | कुल | पुरुष | महिला |
|---|---|---|---|
| अनुसूचित जनजाति | 59.09 | 69.67 | 48.76 |
| ग्रामीण | 57.57 | 63.36 | 47.06 |
| शहरी | 76.94 | 84.92 | 68.97 |
| आधार | सर्वाधिक (पहले तीन) | न्यूनतम (अंतिम तीन) |
|---|---|---|
| औसत (27 जिले) | बालोद 77.73, दुर्ग 77.24, रायपुर 74.19 | सुकमा 28.55, बीजापुर 34.52, दंतेवाड़ा 37.41 |
| पुरुष | बालोद 88.35, दुर्ग 85.98, धमतरी 84.61 | सुकमा 37.00, बीजापुर 43.25, दंतेवाड़ा 47.39 |
| महिला | दुर्ग 68.30, बालोद 67.67, रायपुर 64.8 | सुकमा 20.4, बीजापुर 25.95, दंतेवाड़ा 28.14 |
| साक्षरता वर्ग | जनजाति (प्रतिशत) |
|---|---|
| 70 प्रतिशत से अधिक | हल्बा 76.2; परधान 70.7 |
| 60 से 70 | उरांव 68.9; कंवर 67.0; संवरा 65.0; कोंध 64.7; मुण्डा 62.6; खैरवार 61.5; पाव 61.4; गदबा 61.1; बिंझवार 60.9; भैना 60.5; बियार 60.1 |
| 50 से 60 | भुंजिया 58.9; कोल 58.3; गोंड 56.7; खरिया 56.2; परजा 55.2; कोरकू 53.1; नगेशिया 51.4 |
| 40 से 50 | भतरा 48.7; भूमिया/भुईहर 48.5; कमार 47.0; अगरिया 47.7; पारधी 45.2; मांझी 44.1; धनवार 41.7; बैगा 40.6 |
| 30 से 40 | बिरहोर 39.0; कोरवा/कोड़कू 38.7; मंझवार 38.3; सौंता 33.0 |
तुलना एवं संबंध
| तुलना | उत्तर |
|---|---|
| सर्वाधिक साक्षर जनजाति | हल्बा 76.2 |
| न्यूनतम साक्षर जनजाति | सौंता 33.0 |
| सबसे अधिक जनसंख्या वाली जनजाति | गोंड 42,98,404 |
| 1 हजार से कम में सबसे ऊपर | भील 547 |
जिलों में साक्षरता का क्रम और लिंगानुपात का क्रम उल्टी दिशा में चलता है: सर्वाधिक साक्षरता वाले जिले (बालोद, दुर्ग) में लिंगानुपात 1049 और 976 है, जबकि सबसे कम साक्षरता वाला सुकमा 1041 पर है। मरकाम के कारणों में निम्न साक्षरता और भ्रूण हत्या का अभाव जोड़ा गया है।
याद रखने योग्य बिंदु
- जनजाति जनसंख्या 78,22,902 (2011)।
- राज्य की जनसंख्या में जनजाति 30.62 प्रतिशत।
- देश में जनसंख्या में सातवाँ और प्रतिशत में आठवाँ स्थान।
- जनजाति लिंगानुपात 1020; राज्य 991।
- जनजाति साक्षरता 59.09।
- सबसे बड़ी जनजाति गोंड (42,98,404)।
- गोंड की 41 उपजातियाँ भारत में, 30 छत्तीसगढ़ में।
- 42 जनजातियाँ, 161 उप-जातियाँ।
- सर्वाधिक साक्षर: हल्बा; न्यूनतम: सौंता।
- सर्वाधिक लिंगानुपात: दंतेवाड़ा 1067।
- 27 जिलों में सर्वाधिक जनजाति प्रतिशत: सुकमा 83.47।
- आधे से अधिक जनजाति वाले जिले: 10।
- जनजाति जनसंख्या में सर्वाधिक जिला (27 में): जशपुर।
- न्यूनतम जनजाति संख्या: बेमेतरा (37 हजार)।
स्मरण सूत्र
- हल्बा-परधान-उरांव: 'हपउ' क्रम 76-70-68 साक्षरता।
- सुकमा से सोचें: सबसे अधिक प्रतिशत, सबसे कम साक्षरता।
- लिंगानुपात: दंतेवाड़ा-बालोद-कोंडागांव: 'द-बा-को'।
परीक्षा में कैसे पूछा जाता है
जिलेवार शीर्ष-न्यूनतम, साक्षरता की तीन शीर्ष जनजातियाँ और लिंगानुपात के आँकड़े प्रायः पूछे जाते हैं।
पूल के प्रश्नों में सर्वाधिक जनजाति जनसंख्या वाला जिला या प्रतिशत के आधार पर क्रम जैसे प्रश्न दिखते हैं, पर उनके उत्तर पुस्तक से मेल नहीं खाते, इसलिए अस्वीकृत किए गए।
बड़ी जनजाति का प्रश्न सीधा होता है: गोंड।
स्वयं जाँचें
- प्रश्न: 2011 में जनजाति लिंगानुपात? उत्तर: 1020।
- प्रश्न: सबसे कम साक्षर जनजाति? उत्तर: सौंता (33.0)।
- प्रश्न: आधे से अधिक जनजाति वाले जिले कितने? उत्तर: 10।
- प्रश्न: 27 जिलों में सर्वाधिक जनजाति प्रतिशत? उत्तर: सुकमा (83.47)।
- प्रश्न: जनजाति जनसंख्या में देश में स्थान? उत्तर: सातवाँ।
अभ्यास प्रश्न
छ. ग. में सबसे बड़ी जनजाति है
- (A) गोंड
- (B) कंवर
- (C) उराँव
- (D) ढौगा
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (A) - राज्य की सबसे बड़ी जनजाति गोंड है (42,98,404)।