जनजातियों का जिलेवार वितरण, विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास एवं जनजाति विशेष
यह अध्याय बताता है कि कौन-सी जनजाति किन जिलों में बसती है। परीक्षा में 'X जनजाति किस जिले में' प्रकार के प्रश्न बहुत आते हैं, इसलिए तालिकाएँ ध्यान से पढ़ें। सबसे पहले विशेष पिछड़ी जनजातियों का निवास दिया गया है, फिर तीनों सांस्कृतिक क्षेत्रों की जनजातियाँ, फिर वितरण-मानचित्र के संकेत, संकर जनजातियाँ और 'सबसे बड़ी, सबसे छोटी' जैसे विशेष तथ्य।
याद रखें कि तालिकाओं में जिलों के नाम स्रोत के अनुसार दिए गए हैं और कुछ पुराने जिलों (जैसे सारंगढ़-बिलाईगढ़, म.-चि.-भ.) का उल्लेख संक्षिप्त रूप में है।
केंद्र सरकार द्वारा घोषित विशेष पिछड़ी जनजातियाँ: निवास
| क्र. | जनजाति | निवास क्षेत्र एवं जिला |
|---|---|---|
| 1 | बैगा | खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मुंगेली, कबीरधाम, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, बिलासपुर (मैकल श्रेणी क्षेत्र में), कोरिया और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। मध्यप्रदेश के डिंडोरी, मण्डला, जबलपुर एवं शहडोल में भी |
| 2 | अबूझमाड़िया | बीजापुर, दंतेवाड़ा एवं नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में |
| 3 | कमार | गरियाबंद (छुरा और मैनपुर विकासखण्ड); धमतरी (नगरी और मगरलोड); महासमुंद (बागबहरा और महासमुंद) |
| 4 | पहाड़ी कोरवा | कोरबा, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर |
| 5 | बिरहोर | रायगढ़ (धरमजयगढ़, लैलूंगा, तमनार); जशपुर (बगीचा, कांसाबेल, दुलदुला, पत्थलगांव); कोरबा (पाली, पोंडी-उपरोड़ा, कोरबा); बिलासपुर (कोटा व मस्तूरी)। सर्वाधिक निवास झारखण्ड राज्य में |
राज्य सरकार द्वारा घोषित दो विशेष पिछड़ी जनजातियाँ:
| जनजाति | निवास |
|---|---|
| भुंजिया | गरियाबंद (ओडिशा के कालाहाण्डी क्षेत्र में भी) |
| पण्डो | सरगुजा संभाग |
गोंड, कंवर और उराँव: तीन बड़ी जनजातियाँ
राज्य की तीन सबसे बड़ी जनजातियों का वितरण सूचना की दृष्टि से इस प्रकार है।
| जनजाति | निवास जिले (संभाग सहित) |
|---|---|
| गोंड | बस्तर संभाग: कांकेर, कोण्डागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर। रायपुर संभाग: धमतरी। दुर्ग संभाग: कबीरधाम। बिलासपुर संभाग: बिलासपुर, कोरबा। सरगुजा संभाग: सरगुजा, सूरजपुर। अन्य जिलों में जनसंख्या अपेक्षाकृत कम |
| कंवर | बिलासपुर संभाग में बसाहट सर्वाधिक। बिलासपुर संभाग: बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़। सरगुजा संभाग: कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा, बलरामपुर। रायपुर संभाग: रायपुर, महासमुंद, गरियाबंद। दुर्ग संभाग: राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कवर्धा |
| उराँव | जशपुर, रायगढ़, सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया (छत्तीसगढ़ की उत्तर-पूर्वी सीमा)। झारखण्ड, ओडिशा एवं प. बंगाल में भी |
उत्तर सांस्कृतिक क्षेत्र (सरगुजा संभाग) की जनजातियाँ
| क्र. | जनजाति | जिले / टिप्पणी |
|---|---|---|
| 1 | कोरवा | सरगुजा, बलरामपुर, जशपुर, रायगढ़ तथा कोरबा |
| 2 | खड़िया | जशपुर, रायगढ़, रायपुर, महासमुंद। बिहार, ओडिशा में भी |
| 3 | खैरवार | सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, जशपुर एवं बिलासपुर। मध्यप्रदेश के पन्ना व छत्तरपुर में इसे 'कोन्दर' नाम से जाना जाता है |
| 4 | भारिया भूमिया, भुईहर भूमिया, भूमियाँ, भारिया | स्थानीय बोली के कारण अलग उपजाति-नाम: भारिया - बिलासपुर एवं मध्यप्रदेश के शहडोल-मण्डला (पालिहा); भूमिया - सरगुजा, रायगढ़, जशपुर; पांडो - सरगुजा क्षेत्र (राज्य सरकार द्वारा घोषित विशेष पिछड़ी)। छिंदवाड़ा जिले की पातालकोट घाटी के भारिया परिवारों को भारत सरकार ने विशेष पिछड़ी जनजाति में शामिल किया है |
| 5 | मांझी | सरगुजा, बलरामपुर, जशपुर, रायगढ़, कोरबा |
| 6 | मझवार | सरगुजा, बलरामपुर, रायगढ़, कोरबा |
| 7 | मुण्डा | जशपुर एवं बलरामपुर (झारखण्ड की प्रमुख जनजाति; झारखण्ड से लगे जिलों में) |
| 8 | नगेशिया | बलरामपुर, जशपुर, रायगढ़, सरगुजा (झारखण्ड की प्रमुख जनजाति) |
| 9 | पण्डो | सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया |
| 10 | बियार | कोरिया, सरगुजा क्षेत्र; मुख्यतः गोंड एवं खैरवार जनजातियों के साथ |
| 11 | कोरकू | उत्तर छत्तीसगढ़ |
| 12 | भील | कोरिया |
मध्य सांस्कृतिक क्षेत्र (बिलासपुर, रायपुर एवं दुर्ग संभाग) की जनजातियाँ
| क्र. | जनजाति | जिले / टिप्पणी |
|---|---|---|
| 1 | अगरिया | कवर्धा, बिलासपुर, कोरिया, सरगुजा, जशपुर एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही |
| 2 | बिंझवार | बलौदाबाजार, रायपुर, महासमुंद, रायगढ़, कोरबा एवं बिलासपुर |
| 3 | धनवार | बिलासपुर, रायपुर, कोरबा, सरगुजा, रायगढ़ |
| 4 | भैना | बिलासपुर, रायगढ़ |
| 5 | भुंजिया | गरियाबंद |
| 6 | कण्डरा | रायपुर, दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, धमतरी व गरियाबंद |
| 7 | कोंध | महासमुंद एवं रायगढ़ (ओडिशा और आंध्रप्रदेश में भी) |
| 8 | कोल | कोरिया और बिलासपुर |
| 9 | संवरा | महासमुंद, रायगढ़, बिलासपुर |
| 10 | सौंता | सरगुजा, सूरजपुर, कोरबा, रायगढ़ |
| 11 | शिकारी, पारधी | छत्तीसगढ़ के अधिकांश मैदानी क्षेत्र में |
| 12 | पाव | बिलासपुर |
| 13 | परधान | बिलासपुर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही और कबीरधाम। मध्यप्रदेश के डिंडोरी, मण्डला, सिवनी, छिंदवाड़ा एवं जबलपुर में भी |
इस तालिका में बैगा या कमार जैसी पिछड़ी जनजातियाँ अलग से पहले खंड में दी गई हैं, इसलिए दोनों तालिकाओं का मिलान करके पढ़ें।
दक्षिण सांस्कृतिक क्षेत्र (बस्तर संभाग) की जनजातियाँ
| क्र. | जनजाति | जिले / टिप्पणी |
|---|---|---|
| 1 | मुरिया | कोण्डागांव, बस्तर एवं नारायणपुर |
| 2 | दण्डामी माड़िया | बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर |
| 3 | हल्बा | धमतरी, कांकेर, कोण्डागांव, बस्तर, बालोद, राजनांदगांव, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर |
| 4 | भतरा | बस्तर, कोण्डागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा |
| 5 | दोरला | सुकमा (कोंटा क्षेत्र), बीजापुर (भोपालपट्टनम क्षेत्र) |
| 6 | परजा | बस्तर |
| 7 | गदबा | बस्तर संभाग (मूल निवास ओडिशा राज्य है) |
| 8 | कोया | बीजापुर |
वितरण-मानचित्र के संकेत
वितरण का मानचित्र संकेत देता है कि राज्य में जनजातियाँ किस दिशा में फैली हैं। मानचित्र के अनुसार: बैगा और अगरिया का घेरा पश्चिम की पहाड़ी पट्टी में है; पाव, धनवार और परधान उस पट्टी से लगे हैं; कंवर का बड़ा घेरा मध्य क्षेत्र में है और भैना उसके बीच है; बिंझवार, सौंता, कंडरा, भुंजिया और कमार क्रमशः मध्य से दक्षिण-पूर्व की ओर दिखाए गए हैं; उत्तर-पूर्व में कोरवा, बिरहोर, नगेशिया और कोंध, तथा उरांव का घेरा है जिसमें माझी, मझवार, पारधी, पण्डो, बियार आदि के नाम भी हैं; दक्षिण में हल्बा, मुड़िया, माड़िया, धुरवा, परजा, अबूझमाड़िया, दण्डामी माड़िया, भतरा, गदबा और दोरला दिखाए गए हैं। उत्तर-पश्चिम में भील और कोल का संकेत है।
संकर (मिश्रित) जनजातियाँ
| जनजाति | मिश्रण |
|---|---|
| भैना | बैगा + कंवर |
| धनवार | गोंड + कंवर |
| मझवार | गोंड + मुंडा + कंवर |
| माझी | गोंड + मुंडा + कंवर |
जनजाति विशेष
| विशेषता | जनजाति |
|---|---|
| सबसे बड़ी जनजाति समूह | गोंड |
| सबसे छोटी जनजाति समूह | सोंर |
| सबसे पिछड़ी जनजाति | अबूझमाड़िया |
| आर्थिक रूप से समृद्ध जनजाति | हल्बा |
| सांस्कृतिक रूप से समृद्ध जनजाति | मुड़िया |
| सामाजिक दृष्टि से उच्च जनजाति | भतरा |
इन विशेषताओं में से 'सबसे बड़ी' पर पुस्तक ने पूर्व वर्ष के प्रश्न का संदर्भ भी दिया है। नोट: 'सबसे छोटी' के रूप में सोंर लिखा है, न कि उराँव।
तुलना एवं संबंध
| श्रेणी | तीन-तीन उदाहरण |
|---|---|
| उत्तर (सरगुजा) | कोरवा, खड़िया, खैरवार |
| मध्य | अगरिया, बिंझवार, धनवार |
| दक्षिण (बस्तर) | मुरिया, हल्बा, भतरा |
| विशेष पिछड़ी जनजाति | केंद्र/राज्य | मुख्य क्षेत्र |
|---|---|---|
| बैगा | केंद्र | मैकल पर्वत श्रेणी; कवर्धा, GPM आदि |
| अबूझमाड़िया | केंद्र | अबूझमाड़ (नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा) |
| कमार | केंद्र | गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद |
| पहाड़ी कोरवा | केंद्र | कोरबा, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर |
| बिरहोर | केंद्र | रायगढ़, जशपुर, कोरबा, बिलासपुर |
| भुंजिया | राज्य | गरियाबंद |
| पण्डो | राज्य | सरगुजा संभाग |
याद रखने योग्य बिंदु
- बस्तर जनजातियों की भूमि है।
- बैगा: मैकल श्रेणी, कवर्धा, बिलासपुर, मुंगेली, GPM।
- अबूझमाड़िया: नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा का अबूझमाड़।
- कमार: गरियाबंद (छुरा, मैनपुर), धमतरी (नगरी, मगरलोड), महासमुंद।
- पहाड़ी कोरवा: कोरबा, सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर।
- बिरहोर: रायगढ़, जशपुर, कोरबा, बिलासपुर; अधिकतम झारखण्ड में।
- भुंजिया: गरियाबंद (राज्य द्वारा घोषित)।
- पण्डो: सरगुजा संभाग (राज्य द्वारा घोषित)।
- कंवर की बसाहट बिलासपुर संभाग में सर्वाधिक।
- उराँव: उत्तर-पूर्वी सीमा; झारखण्ड, ओडिशा, प. बंगाल में भी।
- दोरला: सुकमा (कोंटा) और बीजापुर (भोपालपट्टनम)।
- गदबा: बस्तर संभाग, मूल निवास ओडिशा।
- सबसे बड़ी गोंड, सबसे छोटी सोंर, सबसे पिछड़ी अबूझमाड़िया।
- आर्थिक रूप से समृद्ध हल्बा; सांस्कृतिक रूप से समृद्ध मुड़िया; सामाजिक रूप से उच्च भतरा।
- संकर जनजातियाँ: भैना (बैगा+कंवर), धनवार (गोंड+कंवर), मझवार तथा माझी (गोंड+मुंडा+कंवर)।
स्मरण सूत्र
- 'बै-अबू-क-प-बि' यानी बैगा, अबूझमाड़िया, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर: केंद्र की 5 PVTG; 'भुं-पं' यानी भुंजिया, पण्डो: राज्य की 2।
- 'सोंर छोटा, गोंड बड़ा, माड़ में पिछड़ा': सोंर सबसे छोटी, गोंड सबसे बड़ी, अबूझमाड़िया सबसे पिछड़ी।
- भैना = बै+कं (दो अक्षर), धनवार = गों+कं, मझवार/माझी = गों+मुं+कं।
परीक्षा में कैसे पूछा जाता है
जनजाति-जिला जोड़ी वाले प्रश्न सबसे आम हैं: जैसे भतरा, हल्बा, दोरला, धनवार, परधान, कंवर किन जिलों में हैं।
पिछड़ी जनजातियों के प्रश्न में बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर और अबूझमाड़िया के क्षेत्र या विकासखंड पूछे जाते हैं; भुंजिया को गरियाबंद से जोड़कर भी पूछा गया है।
'कौन जनजाति किस राज्य में भी पाई जाती है' प्रकार के प्रश्न (उराँव-झारखण्ड, गदबा-ओडिशा) भी आते हैं।
'सबसे बड़ी, सबसे छोटी, सबसे पिछड़ी' प्रकार की विशेष सूची पर सीधे प्रश्न बनते हैं।
पुस्तक में हर तालिका के साथ पूर्व-परीक्षा संदर्भ दिए गए हैं, जो बताते हैं कि यह भाग बार-बार परखा गया है।
स्वयं जाँचें
- प्रश्न: अबूझमाड़िया किन जिलों में हैं? उत्तर: बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर (अबूझमाड़ क्षेत्र)।
- प्रश्न: गदबा जनजाति का मूल निवास कहाँ है? उत्तर: ओडिशा राज्य।
- प्रश्न: सबसे छोटी जनजाति समूह कौन-सा है? उत्तर: सोंर।
- प्रश्न: भैना किन दो जनजातियों का मिश्रण है? उत्तर: बैगा और कंवर।
- प्रश्न: आर्थिक रूप से समृद्ध जनजाति कौन-सी है? उत्तर: हल्बा।
अभ्यास प्रश्न
भतरा जनजाति का निवास क्षेत्र है।
- (A) बस्तर जिला
- (B) दन्तेवाड़ा जिला
- (C) धमतरी जिला
- (D) कोरिया जिला
उत्तरमाला एवं व्याख्या
- (A) - बस्तर संभाग की तालिका में भतरा का निवास बस्तर, कोण्डागांव, दंतेवाड़ा और सुकमा दिया है; विकल्पों में बस्तर ही सही है।